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फार्मासिस्ट की दुकान पर डाक्टर की पत्नी का कब्जा
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:53 AM IST
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फार्मासिस्ट की दुकान पर डॉक्टर की पत्नी ने किया कब्जा
दुकानदार ने सीएम विंडो में दी शिकायत, डीआई ने मौके पर पहुंचकर की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के एक निजी अस्पताल में मेडिकोज की दुकान चलाने वाले फार्मासिस्ट ने अस्पताल के डाक्टर द्वारा उसकी दुकान पर अपनी पत्नी का कब्जा करवाने के मामले में सीएम विंडो में शिकायत दी है। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर सुनील दहिया ने मौके पर पहुंचकर जांच की व शिकायतकर्ता का आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों आदेशानुसार उसकी शिकायत का समाधान किया जाएगा। शिकायतकर्ता होशियार सिंह ने बताया कि वह शहर के मित्तल आई हॉस्पिटल में दृष्टि मेडिकोज के नाम से दुकान चलाता है। अस्पताल के डाक्टर ने उसकी दुकान के सभी कागजात गलत तरीके से अपनी पत्नी मनीषा मित्तल के नाम करवा दिए हैं। यहीं नहीं दुकान के नाम से सेंट्रल बैंक में खाता भी मनीषा मित्तल के नाम से खुला हुआ है। जिसकी वजह से दुकान के सारे लाभ डाक्टर की पत्नी ले रही और उसके अधिकारों का शोषण किया जा रहा है। जबकि वह दुकान का किराया डाक्टर को दे रहा है और अपने फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर दुकान चला रहा था। होशियर सिंह ने बताया कि डाक्टर अपनी दादागिरी दिखाते हुए मेरी दुकान को अपनी पत्नी के नाम दर्शाया है। जिसकी एवेज में मनीषा मित्तल द्वारा बैंक से लोन भी लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फिलहाल अस्पताल में स्थित उसकी दुकान में रखी दवाइयां भी डाक्टर द्वारा कब्जे में कर ली गई है। जिससे उसके परिवार का रोजी रोटी का साधन छीन गया है। उसने अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम विंडो में शिकायत दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय में भी होशियार सिंह ने शिकायत दी है।
सीएम विंडो के माध्यम से हमें यह शिकायत मिली थी। इसके बाद 24 सितंबर को विजिट किया गया था। शिकायत से जुड़ी जानकारी एकत्रित कर ली गई है। जल्द इस मामले की अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी। फिलहाल इस मामले में कार्यवाही की जा रही है।
- सुनील दहिया, ड्रग इंस्पेक्टर।
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दुकानदार ने सीएम विंडो में दी शिकायत, डीआई ने मौके पर पहुंचकर की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के एक निजी अस्पताल में मेडिकोज की दुकान चलाने वाले फार्मासिस्ट ने अस्पताल के डाक्टर द्वारा उसकी दुकान पर अपनी पत्नी का कब्जा करवाने के मामले में सीएम विंडो में शिकायत दी है। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर सुनील दहिया ने मौके पर पहुंचकर जांच की व शिकायतकर्ता का आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों आदेशानुसार उसकी शिकायत का समाधान किया जाएगा। शिकायतकर्ता होशियार सिंह ने बताया कि वह शहर के मित्तल आई हॉस्पिटल में दृष्टि मेडिकोज के नाम से दुकान चलाता है। अस्पताल के डाक्टर ने उसकी दुकान के सभी कागजात गलत तरीके से अपनी पत्नी मनीषा मित्तल के नाम करवा दिए हैं। यहीं नहीं दुकान के नाम से सेंट्रल बैंक में खाता भी मनीषा मित्तल के नाम से खुला हुआ है। जिसकी वजह से दुकान के सारे लाभ डाक्टर की पत्नी ले रही और उसके अधिकारों का शोषण किया जा रहा है। जबकि वह दुकान का किराया डाक्टर को दे रहा है और अपने फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर दुकान चला रहा था। होशियर सिंह ने बताया कि डाक्टर अपनी दादागिरी दिखाते हुए मेरी दुकान को अपनी पत्नी के नाम दर्शाया है। जिसकी एवेज में मनीषा मित्तल द्वारा बैंक से लोन भी लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फिलहाल अस्पताल में स्थित उसकी दुकान में रखी दवाइयां भी डाक्टर द्वारा कब्जे में कर ली गई है। जिससे उसके परिवार का रोजी रोटी का साधन छीन गया है। उसने अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम विंडो में शिकायत दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय में भी होशियार सिंह ने शिकायत दी है।
सीएम विंडो के माध्यम से हमें यह शिकायत मिली थी। इसके बाद 24 सितंबर को विजिट किया गया था। शिकायत से जुड़ी जानकारी एकत्रित कर ली गई है। जल्द इस मामले की अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी। फिलहाल इस मामले में कार्यवाही की जा रही है।
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- सुनील दहिया, ड्रग इंस्पेक्टर।