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बारिश से खेत व मंडी में भीगे किसानों के अरमान

Tue, 10 Apr 2018 12:29 AM IST
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:29 AM IST
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बारिश से खेत व मंडी में भीगे किसानों के अरमान
अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
किसानों की गेहूं की फसल पक कर तैयार है। लेकिन मौसम के बदलाव से हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। वहीं मौसम विभाग ने गुरुवार तक बारिश की संभावना जताई है। इससे फसल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इससे गेहूं की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि मौसम विभाग ने कई दिन पहले ही सोमवार को बारिश की संभावना जाता दी थी। ऐसे में रविवार शाम से ही मौसम के मिजाज बिगड़ने लगे और सोमवार अलसुबह लगभग पांच बजे बारिश शुरू हुई करीब एक घंटे चली बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ है। जिला में दो लाख 16 हजार हेक्टेयर गेहूं की बिजाई की गई है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारी फिलहाल हुई बारिश से फसल को नुकसान से मना कर रहे हैं, लेकिन इससे किसानों को फसल में कटाई की परेशानी तो बढ़ ही जाएगी। वहीं गेहूं की कटाई और खरीद भी आने वाले तीन-चार दिन प्रभावित रहेगी।
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मंडी में एक सप्ताह से डाला है डेरा
सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद का ऐलान किया था, लेकिन दस दिन बाद भी गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। बारिश के बाद सोमवार को खरीद के लिए एफसीआई के अधिकारी गेहूं खरीदने पहुंचे, लेकिन बारिश के कारण नमी अधिक होने के चलते एक भी ढेरी की खरीद नहीं हो सकी।
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नहीं हुए इंतजाम, भीग गया गेहूं
जिला भर की मंडियों में करीब पांच हजार क्विंटल गेहूं पहुंचा हुआ है। सोमवार अलसुबह हुई बारिश के चलते हालांकि किसानों और आढ़तियों ने तिरपाल से गेहूं की ढेरियों को ढक दिया, लेकिन इससे गेहूं भीगने से नहीं बच पाया। अब भीगी हुई फसल को किसान अपना पसीना बहा कर सुखा रहा है।



धर्मकांटा दिखा रहा है अलग-अलग वजन, एसडीएम को शिकायत
उचाना।
मंडी में गेहूं लेकर आए किसान की गेहूं से लोडिंग ट्राली का तीन जगह करवाया धर्मकांटा पर वजन अलग-अलग दिखाने पर किसान ने एसडीएम डॉ. किरण सिंह शिकायत करते हुए जांच की मांग की है। करसिंधु गांव के किसान आजाद ने बताया कि गेहूं को लेकर वह मंडी में आया था। गेहूं से लोडिंग ट्राली का वजन करवाने के लिए यहां पर जो धर्मकांटा है उस पर वेट करवाया। यहां पर वजन को लेकर उसे शक हुआ था यहां पर दो धर्मकांटा है उन पर भी वजन करवाया। तीनों धर्मकांटा पर अलग-अलग वजन आया। किसान ने बताया कि एक क्विंटल से लेकर 70 किलोग्राम तक वजन अलग-अलग धर्मकांटा पर आया। तीनों धर्मकांटा की रसीद के साथ एसडीएम को शिकायत करके कंप्यूटर से रसीद धर्मकांटों पर कटवाने के साथ-साथ अलग-अलग वेट आने की जांच की मांग भी की है। मार्केट कमेटी सचिव को भी इसकी शिकायत की है। मार्केट कमेटी सचिव जोगेंद्र सिंह ने कहा कि माप-तोल विभाग को पत्र लिख कर सभी कांटों का माप-तोल जांचा जाएगा।

बारिश में भिगा हजारों क्विंटल गेहूं
मंडी में कई दिनों से किसानों द्वारा फड़ों पर उतारी हजारों क्विंटल गेहूं सोमवार अलसुबह हुई बारिश से भीग गया। तूफान आने के बाद हुई बारिश से एकाएक से खुले में जो गेहूं की ढेरियां थी वो बारिश के चलते भीग गईं। कई फड़ों पर किसानों ने गेहूं की ढेरियों पर तिरपाल लगा कर भीगने से बचाया। किसानों का कहना है कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई भी एजेंसी खरीद के लिए मंडी नहीं आई है।

तीन दिन से खरीद का इंतजार
मैं करीब 400 मण गेहूं लेकर तीन दिन पहले मंडी में पहुंचा था। फसल पूरी तरह सूखी है, लेकिन कोई भी एजेंसी खरीद के लिए ढेरी के पास नहीं आई है। बिना जांच किए ही अधिकारी गेहूं में नमी की मात्रा अधिक बता रहे हैं। घर के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
अनूप किसान, गांव जीतगढ़

नहीं हो रही बिक्री
मेरे करीब 150 मण गेहूं तीन दिन से मंडी में पड़ी है, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। अभी तक गेहूं सूखी और साफ है। वहीं बारिश होने पर फसल खराब हो सकती है। इससे बिक्री में दिक्कत आएगी।

सत्यवान, गांव पोकरीखेड़ी

अधिक नमी के चलते नहीं हुई खरीद
सोमवार को एफसीआई के अधिकारी गेहूं खरीद के लिए मंडी में आए थे, लेकिन अधिक नमी के कारण गेहूं की खरीद नहीं हो सकी। मंगलवार को हैफेड की खरीद है। मंगलवार को खरीद होने की संभावना है।
पवन चोपड़ा, सचिव मार्केट कमेटी।
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