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अब दादी के जीवित नहीं होने पर शादी में नहीं छोड़ा जाएगा गोत्र
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
झांझ कलां गांव में रविवार को माजरा खाप की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस दौरा हैबतपुर गांव निवासी एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल को खाप का प्रधान नियुक्त किया गया। इसके अलावा जीतगढ़ गांव निवासी बिजेंद्र सिंह फौजी को खाप का महासचिव नियुक्त किया गया। इस दौरान खाप पंचायत ने कई प्रस्तावों पर सहमति जताई। इसमें शादी के दौरान यदि दादी जीवित नहीं हैं, तो उसका गोत्र नहीं छोड़ा जाएगा। वहीं पंचायत में मृत्यु शोक भी सात दिन का करने का फैसला लिया गया। प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढ़ाल ने बताया कि पंचायत में 14 गांवों के लोग शामिल रहे। गौरतलब है कि माजरा खाप पिछले साल कंडेला खाप से अलग होकर बनाई गई थी। इसके तहत अब झांझ कलां, झांझ खुर्द, पिंडारा, निर्जन, पाथरी, असरफगढ़, खोखरी, हैबतपुर, जीतगढ़, जुलानी, रूपगढ़ और अमरहेड़ी गांवों को शामिल किया जाता है। प्रधान के अनुसार खाप पंचायत ने फैसला किया है कि शादियों के दौरान यदि दादी जीवित हैं, तो ही गोत्र छोड़ा जाएगा। खाप ने फैसला लिया कि मृत्यु भोज नहीं किया जाएगा और शोक भी सात दिन का ही होगा। तेरहवीं वैदिक विधान के अनुसार ही की जाएगी।
फायरिंग और डीजे पर भी रोक
खाप पंचायत के दौर शादियों में डीजे बजाने और फायरिंग पर पूरी तरह रोक लगाने पर सहमति बनाई। खाप चौधरियों ने कहा कि शादियों में फायरिंग से जान तक चली जाती हैं। वहीं इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या रोकने और दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए भी मुहिम चलाने का प्रस्ताव पास किया गया।
महेंद्र सिंह रिढाल बने माजरा खाप के अध्यक्ष
अब दादी के जीवित नहीं होने पर शादी में नहीं छोड़ा जाएगा गोत्र
कई प्रस्तावों पर बनी सहमति
जींद।
झांझ कलां गांव में रविवार को माजरा खाप की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस दौरा हैबतपुर गांव निवासी एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल को खाप का प्रधान नियुक्त किया गया। इसके अलावा जीतगढ़ गांव निवासी बिजेंद्र सिंह फौजी को खाप का महासचिव नियुक्त किया गया। इस दौरान खाप पंचायत ने कई प्रस्तावों पर सहमति जताई। इसमें शादी के दौरान यदि दादी जीवित नहीं हैं, तो उसका गोत्र नहीं छोड़ा जाएगा। वहीं पंचायत में मृत्यु शोक भी सात दिन का करने का फैसला लिया गया। प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढ़ाल ने बताया कि पंचायत में 14 गांवों के लोग शामिल रहे। गौरतलब है कि माजरा खाप पिछले साल कंडेला खाप से अलग होकर बनाई गई थी। इसके तहत अब झांझ कलां, झांझ खुर्द, पिंडारा, निर्जन, पाथरी, असरफगढ़, खोखरी, हैबतपुर, जीतगढ़, जुलानी, रूपगढ़ और अमरहेड़ी गांवों को शामिल किया जाता है। प्रधान के अनुसार खाप पंचायत ने फैसला किया है कि शादियों के दौरान यदि दादी जीवित हैं, तो ही गोत्र छोड़ा जाएगा। खाप ने फैसला लिया कि मृत्यु भोज नहीं किया जाएगा और शोक भी सात दिन का ही होगा। तेरहवीं वैदिक विधान के अनुसार ही की जाएगी।
फायरिंग और डीजे पर भी रोक
खाप पंचायत के दौर शादियों में डीजे बजाने और फायरिंग पर पूरी तरह रोक लगाने पर सहमति बनाई। खाप चौधरियों ने कहा कि शादियों में फायरिंग से जान तक चली जाती हैं। वहीं इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या रोकने और दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए भी मुहिम चलाने का प्रस्ताव पास किया गया।
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महेंद्र सिंह रिढाल बने माजरा खाप के अध्यक्ष
अब दादी के जीवित नहीं होने पर शादी में नहीं छोड़ा जाएगा गोत्र
कई प्रस्तावों पर बनी सहमति