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जिले में पहुंचा 23500 बैग डीएपी, मिलेगी राहत
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जींद। जिले में किसानों के लिए राहत भरी खबर है। यहां बुधवार को 23500 बैग डीएपी के पहुंच गया है। खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही जींद की अनाज मंडी में किसानों की लंबी लाइन लग गई। इसके बाद सभी किसानों को एक आधार कार्ड पर पांच कट्टे खाद देना शुरू किया गया। हालांकि बुधवार शाम तक 16 हजार बैग का उठान हो गया था।
खाद लेने के लिए सुबह से शाम तक अनाजमंडी में 100 से ज्यादा किसान जमे रहे। मंडी में किसानों को बिल्कुल ईमानदारी से सोसायटी द्वारा खाद का वितरण किया गया। जिसमें किसानों की पहले आधार कार्ड के अनुसार पर्चियां काटी गई और बाद में मशीन में किसानों के अंगूठे लगवाकर उनको खाद दिया गया। जींद के अलावा पिल्लूखेड़ा, उचाना, जुलाना, नरवाना में भी किसानों के लिए खाद पहुंचाया गया। बुधवार सुबह ही सिटी रेलवे स्टेशन पर रैक लगने की सूचना मिलने पर किसान मंडियों में आने शुरू हो गए थे। जिसके बाद सायं तक मंडियों में किसान खाद की सूचना के आधार पर पहुंचते गए। सहकारी समिति पर किसानों को एक आधार कार्ड पर पांच कटे दिए गए।
खंड का नाम खाद के कट्टे
जींद 3000
नगूरां 3200
पिल्लूखेड़ा 1500
सफीदों 1000
जुलाना 3000
उचाना 2000
नरवाना 3000
इन सहकारी समितियों पर उपरोक्त खाद के कट्टें पहुंचाए जाएंगे। फिलहाल सिटी रेलवे स्टेशन पर लगे रैक से सभी कट्टों के उठान के लिए लोडिंग वाहनों की कमी आ रही है। लोडिंग की गाडिय़ां मिलने पर खाद के सभी बैग को सहकारी समितियों पर पहुंचाया जाएगा।
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--नरेंद्रपाल गुणवत्ता नियंत्रक, कृषि विभाग, जींद।
डीएपी को लेकर सुबह से लाइन में लगे रहे किसान
उचाना। पुरानी मडी में सोसायटी की दुकान व प्राइवेट खाद की दुकान पर डीएपी आने की जानकारी मिलने पर अल सुबह ही किसान मंडी पहुंच गए। एक किसान को आधार कार्ड पर पांच बैग यूरिया के दिए गए। बिजाई को लेकर इस समय किसानों को डीएपी की जरूरत है। पुरानी मंडी व प्राइवेट खाद की दुकान पर किसानों की लंबी लाइन लग गई। वहीं, महिलाएं भी खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुईं नजर आईं। किसान जगदीश, रणधीर, सुरेश व रामधारी ने कहा कि डीएपी को लेकर काफी दिनों से किसान इंतजार कर रहे हैं। किसानों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस समय बिजाई फसल की करनी है। ऐसे में डीएपी नहीं मिलने से फसल की बिजाई को लेकर देरी हो रही है। किसान को जरूरत के हिसाब से डीएपी उपलब्ध करवाया जाए। घरों का कामकाज छोड़ कर महिलाएं भी खाद लेने के लिए मंडी आई। हैफेड सीनियर मैनेजर संदीप पूनिया ने कहा कि आधार कार्ड पर पांच यूरिया के बैग किसानों को वितरित किए गए।
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खाद लेने के लिए सुबह से शाम तक अनाजमंडी में 100 से ज्यादा किसान जमे रहे। मंडी में किसानों को बिल्कुल ईमानदारी से सोसायटी द्वारा खाद का वितरण किया गया। जिसमें किसानों की पहले आधार कार्ड के अनुसार पर्चियां काटी गई और बाद में मशीन में किसानों के अंगूठे लगवाकर उनको खाद दिया गया। जींद के अलावा पिल्लूखेड़ा, उचाना, जुलाना, नरवाना में भी किसानों के लिए खाद पहुंचाया गया। बुधवार सुबह ही सिटी रेलवे स्टेशन पर रैक लगने की सूचना मिलने पर किसान मंडियों में आने शुरू हो गए थे। जिसके बाद सायं तक मंडियों में किसान खाद की सूचना के आधार पर पहुंचते गए। सहकारी समिति पर किसानों को एक आधार कार्ड पर पांच कटे दिए गए।
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खंड का नाम खाद के कट्टे
जींद 3000
नगूरां 3200
पिल्लूखेड़ा 1500
सफीदों 1000
जुलाना 3000
उचाना 2000
नरवाना 3000
इन सहकारी समितियों पर उपरोक्त खाद के कट्टें पहुंचाए जाएंगे। फिलहाल सिटी रेलवे स्टेशन पर लगे रैक से सभी कट्टों के उठान के लिए लोडिंग वाहनों की कमी आ रही है। लोडिंग की गाडिय़ां मिलने पर खाद के सभी बैग को सहकारी समितियों पर पहुंचाया जाएगा।
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--नरेंद्रपाल गुणवत्ता नियंत्रक, कृषि विभाग, जींद।
डीएपी को लेकर सुबह से लाइन में लगे रहे किसान
उचाना। पुरानी मडी में सोसायटी की दुकान व प्राइवेट खाद की दुकान पर डीएपी आने की जानकारी मिलने पर अल सुबह ही किसान मंडी पहुंच गए। एक किसान को आधार कार्ड पर पांच बैग यूरिया के दिए गए। बिजाई को लेकर इस समय किसानों को डीएपी की जरूरत है। पुरानी मंडी व प्राइवेट खाद की दुकान पर किसानों की लंबी लाइन लग गई। वहीं, महिलाएं भी खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुईं नजर आईं। किसान जगदीश, रणधीर, सुरेश व रामधारी ने कहा कि डीएपी को लेकर काफी दिनों से किसान इंतजार कर रहे हैं। किसानों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस समय बिजाई फसल की करनी है। ऐसे में डीएपी नहीं मिलने से फसल की बिजाई को लेकर देरी हो रही है। किसान को जरूरत के हिसाब से डीएपी उपलब्ध करवाया जाए। घरों का कामकाज छोड़ कर महिलाएं भी खाद लेने के लिए मंडी आई। हैफेड सीनियर मैनेजर संदीप पूनिया ने कहा कि आधार कार्ड पर पांच यूरिया के बैग किसानों को वितरित किए गए।