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सीआरएसयू में सहायक प्राध्यापक की भर्ती में आरक्षण की मांग को लेकर राज्यपाल ने नाम सौंपा ज्ञापन
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एससी समाज के लोगों ने मंगलवार को डीसी अमित खत्री के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सीआरएसयू में सहायक प्राध्यापक के छह पदों पर होने वाली भर्ती में एससी समाज को आरक्षण से वंचित रखने के विरोध में सौंपा है। उन्होंने कहा कि इन रिक्तियों पर होने वाली भर्ती में एससी समाज के लिए आरक्षण के तहत कोई सीट जारी नहीं की गई।
देशराज सरोहा सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि हरियाणा के मुताबिक एससी समाज की 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इसी प्रकार से हरियाणा की अनुसूचित जाति आरक्षण नीति में भी स्पष्ट लिखा गया है कि जहां दो या दो से अधिक सीटें हैं। वहां पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। इसी प्रकार से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा भी कहा गया है कि रोस्टर कैडर वाइज होना चाहिए न कि विभाग के अनुसार। इन तथ्यों को आधार बनाकर एससी समाज के लोग इकट्ठा हुए और ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की कि जींद विश्वविद्यालय द्वारा सहायक प्राध्यापक के पदों पर आरक्षण नीति को लागू किया जाए। सरोहा ने कहा कि अगर इन पदों पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया तो दलित समाज के लोग धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने राज्यपाल से इस भर्ती प्रक्रिया को रोस्टर प्रणाली के तहत करवाने की मांग की। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह सिहमार, महेंद्र चावला, सुरेंद्र कुमार, दिनेश सुरबरा, शमशेर धानक, रामचंद्र और मोहन लाल मौजूद रहे।
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जींद। एससी समाज के लोगों ने मंगलवार को डीसी अमित खत्री के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सीआरएसयू में सहायक प्राध्यापक के छह पदों पर होने वाली भर्ती में एससी समाज को आरक्षण से वंचित रखने के विरोध में सौंपा है। उन्होंने कहा कि इन रिक्तियों पर होने वाली भर्ती में एससी समाज के लिए आरक्षण के तहत कोई सीट जारी नहीं की गई।
देशराज सरोहा सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि हरियाणा के मुताबिक एससी समाज की 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इसी प्रकार से हरियाणा की अनुसूचित जाति आरक्षण नीति में भी स्पष्ट लिखा गया है कि जहां दो या दो से अधिक सीटें हैं। वहां पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। इसी प्रकार से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा भी कहा गया है कि रोस्टर कैडर वाइज होना चाहिए न कि विभाग के अनुसार। इन तथ्यों को आधार बनाकर एससी समाज के लोग इकट्ठा हुए और ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की कि जींद विश्वविद्यालय द्वारा सहायक प्राध्यापक के पदों पर आरक्षण नीति को लागू किया जाए। सरोहा ने कहा कि अगर इन पदों पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया तो दलित समाज के लोग धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने राज्यपाल से इस भर्ती प्रक्रिया को रोस्टर प्रणाली के तहत करवाने की मांग की। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह सिहमार, महेंद्र चावला, सुरेंद्र कुमार, दिनेश सुरबरा, शमशेर धानक, रामचंद्र और मोहन लाल मौजूद रहे।
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