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शहर के सबसे प्रतिष्ठित राजकीय पीजी कॉलेज में कला संकाय में उमड़ी उम्मीदवारों की फौज
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर का सबसे पुराना कालेज राजकीय पीजी कालेज है। अपने शैक्षणिक माहौल व अन्य गतिविधियों के कारण कॉलेज प्रदेश भर में प्रसिद्ध और युवाओं की पहली पसंद है। यह कालेज युवाओं की पसंद होने का मुख्य कारण बस अड्डे के नजदीक होना भी है। इस कालेज में पिछले कई वर्षों से सीटों की तुलना में चार से पांच गुना तक आवेदन कला संकाय में आते हैं।
कालेज में दाखिला लेना विद्यार्थियों के लिए आईएएस और आईपीएस की परीक्षा पास करने जैसा कठोर काम है। इस कॉलेज में लगभग इस समय 13 विषयों में अलग-अलग दाखिला प्रकिया के लिए आवेदन चल रहे हैं, लेकिन अन्य विषयों की तुलना में कल संकाय में सीटों की संख्या में साढ़े चार गुणा तक आवेदन हो चुके हैं।
कालेज प्राचार्य के अनुसार सभी बच्चे साइंस, मेडिकल और कामर्स विषय को कठोर समझते हैं जिस कारण वह कला संकाय से स्नातक करना पसंद करते हैं। कला संकाय में कई विषय होते हैं। बच्चे अलग-अलग विषय में अपना रुचि के अनुसार भविष्य तैयार करते हैं। कला संकाय से स्नातक कर बच्चे किसी भी परीक्षा को पास कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात बच्चों की मानसिकता होती है कि वह कला संकाय में आसानी से परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकते हैं। कला संकाय के साथ वह खेल और छात्र राजनीति में अपना भविष्य चुन सकते हैं।
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राजकीय पीजी कॉलेज में आए आवेदनों की संख्या
विषय आवेदन
बीए 2229
बीकॉम 541
बीएससी नॉन मेडिकल 551
बीएससी कंप्यूटर साइंस 145
बीएससी मेडिकल 322
बीएससी बायो 63
बीए अंग्रेजी ऑनर्स 111
बीए ज्योग्राफी ऑनर्स 138
एमए अंग्रेजी 53
एमए हिंदी 44
एमए इकॉनोमिक्स 34
एमकॉम 60
पीजीडीसीए 31
बीसीए 125
सहेलियों ने भी की कला संकाय में एडमिशन लेने की तैयारी
बीए प्रथम वर्ष कला संकाय में एडमिशन लेना चाहती हूं। ज्यादातर सहेलियां भी कला संकाय में दाखिला लेने की तैयारी में हैं। आगे एक ही लक्ष्य है, शिक्षक बनकर देश की सेवा करनी है।
-छात्रा प्रगति, लुदाना गांव निवासी।
कला संकाय में है, जॉब के अनेक रास्ते
शुरू से ही कला संकाय में दाखिले लेने के लिए विचार बना हुआ है। बीए प्रथम वर्ष कला संकाय से करने के बाद जॉब के अनेक रास्ते हैं। खेलकूद, टीचर व राजनीतिक क्षेत्र जैसे कई रास्ते खुल जाते हैं।
-छात्रा रितु, गुलथली गांव निवासी।
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जींद। शहर का सबसे पुराना कालेज राजकीय पीजी कालेज है। अपने शैक्षणिक माहौल व अन्य गतिविधियों के कारण कॉलेज प्रदेश भर में प्रसिद्ध और युवाओं की पहली पसंद है। यह कालेज युवाओं की पसंद होने का मुख्य कारण बस अड्डे के नजदीक होना भी है। इस कालेज में पिछले कई वर्षों से सीटों की तुलना में चार से पांच गुना तक आवेदन कला संकाय में आते हैं।
कालेज में दाखिला लेना विद्यार्थियों के लिए आईएएस और आईपीएस की परीक्षा पास करने जैसा कठोर काम है। इस कॉलेज में लगभग इस समय 13 विषयों में अलग-अलग दाखिला प्रकिया के लिए आवेदन चल रहे हैं, लेकिन अन्य विषयों की तुलना में कल संकाय में सीटों की संख्या में साढ़े चार गुणा तक आवेदन हो चुके हैं।
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कालेज प्राचार्य के अनुसार सभी बच्चे साइंस, मेडिकल और कामर्स विषय को कठोर समझते हैं जिस कारण वह कला संकाय से स्नातक करना पसंद करते हैं। कला संकाय में कई विषय होते हैं। बच्चे अलग-अलग विषय में अपना रुचि के अनुसार भविष्य तैयार करते हैं। कला संकाय से स्नातक कर बच्चे किसी भी परीक्षा को पास कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात बच्चों की मानसिकता होती है कि वह कला संकाय में आसानी से परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकते हैं। कला संकाय के साथ वह खेल और छात्र राजनीति में अपना भविष्य चुन सकते हैं।
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राजकीय पीजी कॉलेज में आए आवेदनों की संख्या
विषय आवेदन
बीए 2229
बीकॉम 541
बीएससी नॉन मेडिकल 551
बीएससी कंप्यूटर साइंस 145
बीएससी मेडिकल 322
बीएससी बायो 63
बीए अंग्रेजी ऑनर्स 111
बीए ज्योग्राफी ऑनर्स 138
एमए अंग्रेजी 53
एमए हिंदी 44
एमए इकॉनोमिक्स 34
एमकॉम 60
पीजीडीसीए 31
बीसीए 125
सहेलियों ने भी की कला संकाय में एडमिशन लेने की तैयारी
बीए प्रथम वर्ष कला संकाय में एडमिशन लेना चाहती हूं। ज्यादातर सहेलियां भी कला संकाय में दाखिला लेने की तैयारी में हैं। आगे एक ही लक्ष्य है, शिक्षक बनकर देश की सेवा करनी है।
-छात्रा प्रगति, लुदाना गांव निवासी।
कला संकाय में है, जॉब के अनेक रास्ते
शुरू से ही कला संकाय में दाखिले लेने के लिए विचार बना हुआ है। बीए प्रथम वर्ष कला संकाय से करने के बाद जॉब के अनेक रास्ते हैं। खेलकूद, टीचर व राजनीतिक क्षेत्र जैसे कई रास्ते खुल जाते हैं।
-छात्रा रितु, गुलथली गांव निवासी।