{"_id":"5b6de34e4f1c1b40368b5155","slug":"151533928270-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बिल भरने के मामले में तीन सरकार बदलने पर भी नहीं बदले कंडेला के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बिल भरने के मामले में तीन सरकार बदलने पर भी नहीं बदले कंडेला के लोग
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन सरकारें बदलीं पर कंडेला के लोग नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली के बिल को मांफ करने को लेकर कंडेला गांव के लोगों के बकाया बिजली वसूलना बिजली निगम के गले की फांस बना हुआ है। कंडेला गांव के 694 डिफाल्टरों द्वारा अभी भी बिजली निगम के पास 37 करोड़ रुपये जमा करने हैं। बिजली निगम ने अब कंडेला और राजपुरा भैण गांवों के लोगों के लिए खास स्कीम तैयार की है। दोनों गांव के लोगों से बिजली निगम को 111 करोड़ 99 लाख रुपये वसूलने हैं। प्रदेश सरकार ने जिले में दो गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुनकर लोगों को अलग तरीके से पूर्ण रूप से माफी नहीं देकर बिल भरवाने की योजना चलाई है।
इस योजना के तहत सरकार ने 2005 से पहले के बिल को पूरी तरह से माफ कर दिया है पूर्ण। इसके बाद के बिल को 110 रुपये किलोवाट प्रति माह के लोड के हिसाब से वसूलने का प्लान बनाया है। यह प्लान जिले के राजपुरा भैण और कंडेला गांवों में पायलट परियोजना के तहत है लागू किया गया है। प्रोग्रेस ऑफ स्पेसफिक विलेज सरचार्ज वेवर स्कीम’ के तहत डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं को लोड के अनुसार नाममात्र ही बिल का भुगतान करना होता है, लेकिन बिजली बिल को लेकर इनेलो को सत्ता से बाहर करने वाले कंडेला के लोग आज भी बिल भरने को तैयार नहीं हैं। हुड्डा सरकार ने भी एक बार बिजली बिलों को पूर्ण तौर से माफ करने का काम किया था। इसके बावजूद भी कंडेला के लोगों को बिजली बिल भरना रास नहीं आया। अब भाजपा सरकार ने इन दो गांवों में एक अलग योजना चलाई है। सरकार की बिल जमा करवाने की यह योजना भी कंडेला गांव के लोंगों को रास नहीं आ रही। यह योजना दो अगस्त को कंडेला से शुरू हुई और दस अगस्त तक इसका लाभ मात्र 42 लोगों ने लेकर केवल छह लाख रुपये जमा करवाए। इसके अतिरिक्त इन लोगों का एक करोड़ 73 लाख रुपये बनता था। जिसमें सरकार ने अपनी योजना के तहत एक करोड़ 67 लाख रुपये की छूट दी है। इसके अतिरिक्त इस आंदोलन में मुख्य रूप से हिस्सेदार रहे राजपुरा भैण गांव में भी बिजली बिल भरने को लेकर यही हालात है। राजपुरा भैण में 704 बिजली बिल के डिफाल्टरों के 75 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस गांव में भी सरकार की इस योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं दिखाई दे रही। अभी तक इस योजना के तहत गांव के 115 लोगों ने बिल जमा करवाए हैं। इन 114 लोगों की तरफ बिजली निगम का 14.50 करोड़ रुपये बकाया थे। सरकार ने योजना के तहत माफी देकर इन लोगों से 14.27 लाख रुपये जमा करवाए हैं।
ग्रामीणों ने बिजली बिल माफी को लेकर किया था आंदोलन
चौटाला ने सत्ता में आने से पहले बिजली बिल माफी की घोषणा की थी। इसके बाद जैसे ही इनेलो को सत्ता मिली और किसान यूनियन ने सरकार से बिजली माफी के किए वायदे को पूरा करने के लिए आंदोलन किया। यह आंदोलन कंडेला गांव में हुआ। इस दौरान प्रदेश सरकार और किसान यूनियन के बीच बड़ा आंदोलन हुआ। इनेलो सरकार ने उस समय 75 प्रतिशत बिजली के बिल माफ भी किए, लेकिन भाकियू को यह रास नहीं आया। इस दौरान कंडेला समेत प्रदेश के सैकड़ों गांवों ने बिजली के बिल भरने छोड़ दिए थे। आंदोलन के कारण इनेलो को सत्ता से भी हाथ धोने पड़े और उसका नुकसान आज भी इनेलो को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्कीम का लाभ उठाएं ग्रामीण
बिजली के बिलों का भुगतान करने के लिए यह खास योजना सरकार ने तैयार की है। इसके तहत जींद जिला के दो गांवों कंडेला और राजपुरा भैण को शामिल किया गया है। इसके तहत दोनों गांव के करीब 112 करोड़ रुपये बनते हैं। लोगों को इस स्कीम का लाभ उठाना चाहिए।
कृष्ण कुमार, जेई
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली के बिल को मांफ करने को लेकर कंडेला गांव के लोगों के बकाया बिजली वसूलना बिजली निगम के गले की फांस बना हुआ है। कंडेला गांव के 694 डिफाल्टरों द्वारा अभी भी बिजली निगम के पास 37 करोड़ रुपये जमा करने हैं। बिजली निगम ने अब कंडेला और राजपुरा भैण गांवों के लोगों के लिए खास स्कीम तैयार की है। दोनों गांव के लोगों से बिजली निगम को 111 करोड़ 99 लाख रुपये वसूलने हैं। प्रदेश सरकार ने जिले में दो गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुनकर लोगों को अलग तरीके से पूर्ण रूप से माफी नहीं देकर बिल भरवाने की योजना चलाई है।
इस योजना के तहत सरकार ने 2005 से पहले के बिल को पूरी तरह से माफ कर दिया है पूर्ण। इसके बाद के बिल को 110 रुपये किलोवाट प्रति माह के लोड के हिसाब से वसूलने का प्लान बनाया है। यह प्लान जिले के राजपुरा भैण और कंडेला गांवों में पायलट परियोजना के तहत है लागू किया गया है। प्रोग्रेस ऑफ स्पेसफिक विलेज सरचार्ज वेवर स्कीम’ के तहत डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं को लोड के अनुसार नाममात्र ही बिल का भुगतान करना होता है, लेकिन बिजली बिल को लेकर इनेलो को सत्ता से बाहर करने वाले कंडेला के लोग आज भी बिल भरने को तैयार नहीं हैं। हुड्डा सरकार ने भी एक बार बिजली बिलों को पूर्ण तौर से माफ करने का काम किया था। इसके बावजूद भी कंडेला के लोगों को बिजली बिल भरना रास नहीं आया। अब भाजपा सरकार ने इन दो गांवों में एक अलग योजना चलाई है। सरकार की बिल जमा करवाने की यह योजना भी कंडेला गांव के लोंगों को रास नहीं आ रही। यह योजना दो अगस्त को कंडेला से शुरू हुई और दस अगस्त तक इसका लाभ मात्र 42 लोगों ने लेकर केवल छह लाख रुपये जमा करवाए। इसके अतिरिक्त इन लोगों का एक करोड़ 73 लाख रुपये बनता था। जिसमें सरकार ने अपनी योजना के तहत एक करोड़ 67 लाख रुपये की छूट दी है। इसके अतिरिक्त इस आंदोलन में मुख्य रूप से हिस्सेदार रहे राजपुरा भैण गांव में भी बिजली बिल भरने को लेकर यही हालात है। राजपुरा भैण में 704 बिजली बिल के डिफाल्टरों के 75 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस गांव में भी सरकार की इस योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं दिखाई दे रही। अभी तक इस योजना के तहत गांव के 115 लोगों ने बिल जमा करवाए हैं। इन 114 लोगों की तरफ बिजली निगम का 14.50 करोड़ रुपये बकाया थे। सरकार ने योजना के तहत माफी देकर इन लोगों से 14.27 लाख रुपये जमा करवाए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बिजली बिल माफी को लेकर किया था आंदोलन
चौटाला ने सत्ता में आने से पहले बिजली बिल माफी की घोषणा की थी। इसके बाद जैसे ही इनेलो को सत्ता मिली और किसान यूनियन ने सरकार से बिजली माफी के किए वायदे को पूरा करने के लिए आंदोलन किया। यह आंदोलन कंडेला गांव में हुआ। इस दौरान प्रदेश सरकार और किसान यूनियन के बीच बड़ा आंदोलन हुआ। इनेलो सरकार ने उस समय 75 प्रतिशत बिजली के बिल माफ भी किए, लेकिन भाकियू को यह रास नहीं आया। इस दौरान कंडेला समेत प्रदेश के सैकड़ों गांवों ने बिजली के बिल भरने छोड़ दिए थे। आंदोलन के कारण इनेलो को सत्ता से भी हाथ धोने पड़े और उसका नुकसान आज भी इनेलो को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्कीम का लाभ उठाएं ग्रामीण
बिजली के बिलों का भुगतान करने के लिए यह खास योजना सरकार ने तैयार की है। इसके तहत जींद जिला के दो गांवों कंडेला और राजपुरा भैण को शामिल किया गया है। इसके तहत दोनों गांव के करीब 112 करोड़ रुपये बनते हैं। लोगों को इस स्कीम का लाभ उठाना चाहिए।
कृष्ण कुमार, जेई