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ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों से पहचान बताकर नौकरी लगवाने का दिया झासा देकर ठगे 15 लाख रुपये
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बड़े पदों पर बैठे लोगों तक पहुंच का हवाला देकर नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। सफीदों पुलिस ने चार नामजद और तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सफीदों शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में इंप्लाइज कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उसके एक दोस्त ने यमुनानगर निवासी नीतीश कुमार से मुलाकात करवाई थी। कई बार मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने कहा था कि उसकी बड़े-बड़े लोगों के जान-पहचान है। अपनी बात को प्रमाणिक करने के लिए उसने उनकी फोटो भी दिखाई। इसके अलावा कई बार उसने उसके सामने मंत्रियों के पास फोन भी किए।
वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश ने आश्वासन दिया कि वह उसकी पत्नी को आंगनबाड़ी केंद्र में सुपरवाइजर की नौकरी लगवा देगा। इसके बदले में उसे 15 लाख रुपये देने होंगे। वह नीतीश की बातों पर विश्वास कर उसे 30 मई 2015 को चार लाख, 11 जुलाई 2017 को एक लाख 80 हजार, 26 अप्रैल 2018 को पांच लाख, 30 अप्रैल 2018 को साढ़े तीन लाख और चार अगस्त 2018 को 30-30 हजार दो बार उसके खातों में नेट बैंकिंग के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इस कार्य व लेनदेन में उसके पिता, पत्नी, जीजा व उसके तीन दोस्त भी शामिल थे। आरोपी ने उससे पूरे पैसे ले लिए, मगर उसकी पत्नी की नौकरी नहीं लगवाई। जब उससे अपने पैसे मांगे तो उसने कहा कि वह गांव मुआना स्थित उसकी खेत की जमीन में दवाइयों की फैक्ट्री लगवा देगा। इस प्रकार वह बार-बार झूठ बोलता रहा। अंत में उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर सफीदों पुलिस ने नीतीश, उसके पिता वीरेंद्र, पत्नी सोनिया, जीजा, दोस्त कमल व दो अन्य दोस्त यमुनानगर निवासी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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सफीदों शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में इंप्लाइज कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उसके एक दोस्त ने यमुनानगर निवासी नीतीश कुमार से मुलाकात करवाई थी। कई बार मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने कहा था कि उसकी बड़े-बड़े लोगों के जान-पहचान है। अपनी बात को प्रमाणिक करने के लिए उसने उनकी फोटो भी दिखाई। इसके अलावा कई बार उसने उसके सामने मंत्रियों के पास फोन भी किए।
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वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश ने आश्वासन दिया कि वह उसकी पत्नी को आंगनबाड़ी केंद्र में सुपरवाइजर की नौकरी लगवा देगा। इसके बदले में उसे 15 लाख रुपये देने होंगे। वह नीतीश की बातों पर विश्वास कर उसे 30 मई 2015 को चार लाख, 11 जुलाई 2017 को एक लाख 80 हजार, 26 अप्रैल 2018 को पांच लाख, 30 अप्रैल 2018 को साढ़े तीन लाख और चार अगस्त 2018 को 30-30 हजार दो बार उसके खातों में नेट बैंकिंग के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इस कार्य व लेनदेन में उसके पिता, पत्नी, जीजा व उसके तीन दोस्त भी शामिल थे। आरोपी ने उससे पूरे पैसे ले लिए, मगर उसकी पत्नी की नौकरी नहीं लगवाई। जब उससे अपने पैसे मांगे तो उसने कहा कि वह गांव मुआना स्थित उसकी खेत की जमीन में दवाइयों की फैक्ट्री लगवा देगा। इस प्रकार वह बार-बार झूठ बोलता रहा। अंत में उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर सफीदों पुलिस ने नीतीश, उसके पिता वीरेंद्र, पत्नी सोनिया, जीजा, दोस्त कमल व दो अन्य दोस्त यमुनानगर निवासी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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