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पुलवामा आतंकवादी घटना को लोगों ने बताया कायराना
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पुलवामा आतंकवादी घटना को लोगों ने बताया शर्मनाक और कायराना
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वीरवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझौर कर रख दिया है। इस कायराना हरकत के बाद पूरे देश की जनता में उबाल और गुस्सा है। लोगों का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ अब बातचीत नहीं सीधा युद्ध होना चाहिए और पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। लोगों ने कहा कि अब सिर्फ कड़े शब्दों में निंदा करने से कुछ नहीं होगा। पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई करते हुए आतंकवाद को समाप्त किया जाना चाहिए।
हमले को लेकर अमर उजाला ने विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत की। सभी ने एक सुर में कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। वहीं लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने की मांग की।
कब तक जान देते रहेंगे सैनिक
पुलवामा का हमला देश पर बहुत बड़ा सवाल छोड़ गया है। हमारे सैनिक कब तक ऐसे ही जान देते रहेंगे। राजनीति के फेर में देश की सुरक्षा को ठेंगा दिखाया जा रहा है। अब समय आ गया है राजनीति से ऊपर उठकर पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए और आतंकवाद को जड़मूल से समाप्त किया जाए।
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- आपी शर्मा, एडवोकेट।
जवानों की शहादत का बदला जरूर लें
भारत देश पिछले 70 साल से आतंक की त्रासदी को झेल रहा है, लेकिन आतंकवाद पर लगाम नहीं लग पाई है। अब समय आ गया है कि देश को मजबूत इच्छा शक्ति जताते हुए ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिसका संदेश पूरे विश्व को मिलना चाहिए। हमारे सैनिकों की शहादत का बदला जरूर लेना चाहिए।
- सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।
शहादत पर राजनीति नहीं कार्रवाई हो
यह देश के लिए संकट की घड़ी है। सैनिकों की शहादत पर राजनीति नहीं कार्रवाई होनी चाहिए। आज पूरा देश एक सुर में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के बहुत से तरीके हो सकते हैं उन पर सरकार विचार करे। तय हो जाना चाहिए कि देश के सैनिकों के रक्त की कीमत क्या है।
- डॉ. महेंद्र सिंह मलिक, पूर्व डीजीपी हरियाणा।
आतंकवादियों का साथ देने वालों पर हो कार्यवाही
सैनिकों पर हमले से सवाल उठा रहा है कि यह सब कब तक सहेंगे। जो लोग भारत में रहकर ही देश को आतंकवाद की आग में झोंक रहे हैं, उनका इलाज करना चाहिए। पड़ोसी को बार-बार समझाया जा चुका है, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ है। ऐसे में अब सीधी कार्रवाई करते हुए हर भारतीय की भावना के अनुरूप दुशमन को सबक सिखाया जाए।
- डॉ. विवेक सिंगला, सदस्य सृष्टि फाउंडेशन।
सरकार सेना को सीधी कार्रवाई दे आदेश
पुलवामा में हुए आतंकी हमला बहुत ही निंदनीय है। सरकार से मांग करते है कि अब सेना को सीधी कार्रवाई का आदेश मिलना चाहिए। अब सेना को सर्जीकल स्ट्राइक से भी बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
- डॉ. संजीव मेहरा, डॉ. बीआर आंबेडकर समिति के जिला प्रधान।
सरकार दे सेना को पूरी पावर
आतंकी हमले से पुलवामा में सीआरपीएफ के 38 से अधिक जवान शहीद हो गए। शहीद परिवारों मेें मातम पसरा हुआ है। सरकार से मांग है कि सेना के जवानों को पूरी पावर दे और अब बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- अतुल चौहान, जयति-जयति हिंदू संगठन।
सरकार बड़ी कार्यवाही कर शहीदों को दे सच्ची श्रद्धांजलि
वीरवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले से पूरे देश में शोक की लहर है। सरकार आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करनी होगी, तभी देश के शहीद हुए जवानों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- देवेंद्र लोहान, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन जींद।
भाषण बहुत हो लिए अब सिर्फ हो कार्रवाई
सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले को लेकर सरकार को आगे आना होगा और सेना के जवानों को पूरी पावर देनी होगी। सरकार से मांग है कि भाषण बहुत हो लिया अब सिर्फ कार्रवाई होनी चाहिए।
- सुमन श्योराण, दो जमा पांच जन मुद्दे आंदोलन की जिला प्रधान।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वीरवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझौर कर रख दिया है। इस कायराना हरकत के बाद पूरे देश की जनता में उबाल और गुस्सा है। लोगों का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ अब बातचीत नहीं सीधा युद्ध होना चाहिए और पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। लोगों ने कहा कि अब सिर्फ कड़े शब्दों में निंदा करने से कुछ नहीं होगा। पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई करते हुए आतंकवाद को समाप्त किया जाना चाहिए।
हमले को लेकर अमर उजाला ने विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत की। सभी ने एक सुर में कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। वहीं लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने की मांग की।
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कब तक जान देते रहेंगे सैनिक
पुलवामा का हमला देश पर बहुत बड़ा सवाल छोड़ गया है। हमारे सैनिक कब तक ऐसे ही जान देते रहेंगे। राजनीति के फेर में देश की सुरक्षा को ठेंगा दिखाया जा रहा है। अब समय आ गया है राजनीति से ऊपर उठकर पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए और आतंकवाद को जड़मूल से समाप्त किया जाए।
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- आपी शर्मा, एडवोकेट।
जवानों की शहादत का बदला जरूर लें
भारत देश पिछले 70 साल से आतंक की त्रासदी को झेल रहा है, लेकिन आतंकवाद पर लगाम नहीं लग पाई है। अब समय आ गया है कि देश को मजबूत इच्छा शक्ति जताते हुए ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिसका संदेश पूरे विश्व को मिलना चाहिए। हमारे सैनिकों की शहादत का बदला जरूर लेना चाहिए।
- सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।
शहादत पर राजनीति नहीं कार्रवाई हो
यह देश के लिए संकट की घड़ी है। सैनिकों की शहादत पर राजनीति नहीं कार्रवाई होनी चाहिए। आज पूरा देश एक सुर में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के बहुत से तरीके हो सकते हैं उन पर सरकार विचार करे। तय हो जाना चाहिए कि देश के सैनिकों के रक्त की कीमत क्या है।
- डॉ. महेंद्र सिंह मलिक, पूर्व डीजीपी हरियाणा।
आतंकवादियों का साथ देने वालों पर हो कार्यवाही
सैनिकों पर हमले से सवाल उठा रहा है कि यह सब कब तक सहेंगे। जो लोग भारत में रहकर ही देश को आतंकवाद की आग में झोंक रहे हैं, उनका इलाज करना चाहिए। पड़ोसी को बार-बार समझाया जा चुका है, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ है। ऐसे में अब सीधी कार्रवाई करते हुए हर भारतीय की भावना के अनुरूप दुशमन को सबक सिखाया जाए।
- डॉ. विवेक सिंगला, सदस्य सृष्टि फाउंडेशन।
सरकार सेना को सीधी कार्रवाई दे आदेश
पुलवामा में हुए आतंकी हमला बहुत ही निंदनीय है। सरकार से मांग करते है कि अब सेना को सीधी कार्रवाई का आदेश मिलना चाहिए। अब सेना को सर्जीकल स्ट्राइक से भी बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
- डॉ. संजीव मेहरा, डॉ. बीआर आंबेडकर समिति के जिला प्रधान।
सरकार दे सेना को पूरी पावर
आतंकी हमले से पुलवामा में सीआरपीएफ के 38 से अधिक जवान शहीद हो गए। शहीद परिवारों मेें मातम पसरा हुआ है। सरकार से मांग है कि सेना के जवानों को पूरी पावर दे और अब बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- अतुल चौहान, जयति-जयति हिंदू संगठन।
सरकार बड़ी कार्यवाही कर शहीदों को दे सच्ची श्रद्धांजलि
वीरवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले से पूरे देश में शोक की लहर है। सरकार आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करनी होगी, तभी देश के शहीद हुए जवानों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- देवेंद्र लोहान, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन जींद।
भाषण बहुत हो लिए अब सिर्फ हो कार्रवाई
सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले को लेकर सरकार को आगे आना होगा और सेना के जवानों को पूरी पावर देनी होगी। सरकार से मांग है कि भाषण बहुत हो लिया अब सिर्फ कार्रवाई होनी चाहिए।
- सुमन श्योराण, दो जमा पांच जन मुद्दे आंदोलन की जिला प्रधान।