{"_id":"6a182304a96eaaca320c4398","slug":"wrestler-sumit-won-gold-medal-for-the-second-time-in-asia-championship-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1005-124113-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: पहलवान सुमित ने एशिया चैंपियनशिप में दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: पहलवान सुमित ने एशिया चैंपियनशिप में दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक
Fri, 29 May 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 29 May 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
फोटो-60: बहादुरगढ़ में अपने कोच और साथी पहलवानों के साथ अंडर-23 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के पदक व
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। हिंद केसरी सोनू अखाड़े के पहलवानों ने वियतनाम में आयोजित अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप की ग्रीकोरोमन शैली प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया। 23 मई से 29 मई तक आयोजित प्रतियोगिता में अखाड़े के पहलवान सुमित दलाल और हरदीप छिल्लर ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पदक जीतकर लौटने पर अखाड़े में जोरदार स्वागत किया गया।
मांडोठी गांव के पहलवान सुमित दलाल ने 63 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। सुमित लगातार दूसरी बार अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के पहले पहलवान बन गए हैं। इससे पहले वह वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पहलवान रह चुके हैं।
सुमित के नाम वर्ल्ड स्तर पर दो जूनियर वर्ल्ड, एक अंडर-23 वर्ल्ड और एक सब-जूनियर वर्ल्ड पदक भी दर्ज हैं। वहीं बामनौली गांव के हरदीप छिल्लर ने 130 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। यह उनका पहला सीनियर स्तर का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। हरदीप इससे पहले जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशिया चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके हैं।
विज्ञापन
दोनों पहलवानों ने अपनी सफलता का श्रेय अर्जुन अवॉर्डी कोच धर्मेंद्र दलाल को दिया। धर्मेंद्र दलाल ने कहा कि दोनों खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली हैं और भविष्य में भी देश के लिए पदक जीतते रहेंगे। वहीं सुमित दलाल ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में पदक जीतना और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर देश को स्वर्ण पदक दिलाना है।
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान एवं कोच ने बताया कि 30 मई को इसी प्रतियोगिता में उनके अखाड़े की पहलवान दीक्षा दलाल अंडर-17 वर्ग में गोल्ड मेडल के लिए दांव लगाएंगी। इस मौके पर हिंद केसरी सोनू पहलवान, अर्जुन अवॉर्डी पहलवान एवं कोच ओमबीर, सेठी पहलवान, कोच सुधीर दलाल, अनुराग कोच, मुकेश कोच और रिंकू कोच ने भी पदक विजेता पहलवानों का हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
बहादुरगढ़। हिंद केसरी सोनू अखाड़े के पहलवानों ने वियतनाम में आयोजित अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप की ग्रीकोरोमन शैली प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया। 23 मई से 29 मई तक आयोजित प्रतियोगिता में अखाड़े के पहलवान सुमित दलाल और हरदीप छिल्लर ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पदक जीतकर लौटने पर अखाड़े में जोरदार स्वागत किया गया।
मांडोठी गांव के पहलवान सुमित दलाल ने 63 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। सुमित लगातार दूसरी बार अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के पहले पहलवान बन गए हैं। इससे पहले वह वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पहलवान रह चुके हैं।
विज्ञापन
सुमित के नाम वर्ल्ड स्तर पर दो जूनियर वर्ल्ड, एक अंडर-23 वर्ल्ड और एक सब-जूनियर वर्ल्ड पदक भी दर्ज हैं। वहीं बामनौली गांव के हरदीप छिल्लर ने 130 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। यह उनका पहला सीनियर स्तर का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। हरदीप इससे पहले जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशिया चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके हैं।
विज्ञापन
दोनों पहलवानों ने अपनी सफलता का श्रेय अर्जुन अवॉर्डी कोच धर्मेंद्र दलाल को दिया। धर्मेंद्र दलाल ने कहा कि दोनों खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली हैं और भविष्य में भी देश के लिए पदक जीतते रहेंगे। वहीं सुमित दलाल ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में पदक जीतना और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर देश को स्वर्ण पदक दिलाना है।
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान एवं कोच ने बताया कि 30 मई को इसी प्रतियोगिता में उनके अखाड़े की पहलवान दीक्षा दलाल अंडर-17 वर्ग में गोल्ड मेडल के लिए दांव लगाएंगी। इस मौके पर हिंद केसरी सोनू पहलवान, अर्जुन अवॉर्डी पहलवान एवं कोच ओमबीर, सेठी पहलवान, कोच सुधीर दलाल, अनुराग कोच, मुकेश कोच और रिंकू कोच ने भी पदक विजेता पहलवानों का हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।