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कब्जा छुड़ाने आई टीम को दी धमकी, केस दर्ज होने पर ग्रामीणों ने किया रोड जाम
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कानोंदा गांव में सड़क को जाम करते ग्रामीण।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। कानोंदा में वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर मामला पुलिस स्टेशन तक जा पहुंचा। ग्रामीणों व वक्फ बोर्ड अधिकारी व कुछ अन्य लोगों में विवाद हो गया। वक्फ बोर्ड अधिकारी ने जहां कुछ ग्रामीणों के खिलाफ जेसीबी के जरिये कब्जे करने को लेकर थाना सदर में केस दर्ज कराया। अधिकारियों का आरोप है कि कब्जा करने वाले लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। वहीं निवर्तमान सरपंच समेत कई अन्य के खिलाफ केस दर्ज होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। इस पर उन्होंने कानोंदा में बैंक के सामने ही कई देर तक जाम भी लगाया। साथ ही चेताया कि यदि उक्त जमीन पर शहीदी पार्क नहीं बनाया और दर्ज मुकदमा रद्द नहीं किया तो वे दोबारा से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने थाना सदर में पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें भी रखी।
दरअसल, कानोंदा में हरियाणा ग्रामीण बैंक के पास वक्फ बोर्ड की जमीन है। वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने गांव के निवर्तमान सरपंच, जोगेंद्र सिंह, विजेंद्र उर्फ मिंटा, बबला, संदीप उर्फ लीला सहित कई लोगों पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष पनप गया। सुबह करीब 10 बजे काफी ग्रामीण एकत्रित हुए और रोड जाम कर दिया। करीब 10 मिनट के बाद ग्रामीणों ने खुद ही जाम खोल दिया। इसके बाद ग्रामीण बहादुरगढ़ स्थित थाना सदर पहुंचे और यहां पुलिस अधिकारियों के सामने भी अपनी मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में वक्फ बोर्ड की जो जमीन है, उसकी मलकीयत गांव के नाम है। लेकिन डाबोदा के एक व्यक्ति ने गलत तरीके से जमीन अपने नाम करा ली है।
ग्रामीणों का कहना है कि उस जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया जा रहा बल्कि जेसीबी से साफ सफाई की जा रही थी। तभी बोर्ड के अधिकारी व कुछ लोगों ने आकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। एक ग्रामीण को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया और लोगों पर केस दर्ज करा दिया। हम इसका विरोध करते हैं।
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ग्रामीण थाने में आए थे, ग्रामीणों का तर्क है कि जमीन गांव कानोंदा की है। ग्रामीणों का पक्ष भी सुन लिया गया है। मामले में जांच चल रही है।
राजेश कुमार, सदर थाना प्रभारी
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दरअसल, कानोंदा में हरियाणा ग्रामीण बैंक के पास वक्फ बोर्ड की जमीन है। वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने गांव के निवर्तमान सरपंच, जोगेंद्र सिंह, विजेंद्र उर्फ मिंटा, बबला, संदीप उर्फ लीला सहित कई लोगों पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष पनप गया। सुबह करीब 10 बजे काफी ग्रामीण एकत्रित हुए और रोड जाम कर दिया। करीब 10 मिनट के बाद ग्रामीणों ने खुद ही जाम खोल दिया। इसके बाद ग्रामीण बहादुरगढ़ स्थित थाना सदर पहुंचे और यहां पुलिस अधिकारियों के सामने भी अपनी मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में वक्फ बोर्ड की जो जमीन है, उसकी मलकीयत गांव के नाम है। लेकिन डाबोदा के एक व्यक्ति ने गलत तरीके से जमीन अपने नाम करा ली है।
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ग्रामीणों का कहना है कि उस जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया जा रहा बल्कि जेसीबी से साफ सफाई की जा रही थी। तभी बोर्ड के अधिकारी व कुछ लोगों ने आकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। एक ग्रामीण को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया और लोगों पर केस दर्ज करा दिया। हम इसका विरोध करते हैं।
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ग्रामीण थाने में आए थे, ग्रामीणों का तर्क है कि जमीन गांव कानोंदा की है। ग्रामीणों का पक्ष भी सुन लिया गया है। मामले में जांच चल रही है।
राजेश कुमार, सदर थाना प्रभारी