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ट्रक ने फाटक में मारी टक्कर, रेलवे की बिजली लाइन पर गिरा फाटक का पोल
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दादरी रोड पर रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित फाटक के पोल को ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर से फाटक का पोल टूटकर रेलवे की बिजली लाइन पर जा गिरा, इससे फाटक के साथ-साथ रेलिंग में भी करंट दौड़ गया। रोहतक की तरफ से आ रही विद्युत चलित इंजन वाली पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर तलाव अंडर पास पहले रुक गई। आनन-फानन में गेट मेन ने वाहनों को रुकवाया और वाहन चालकों को बताया कि पूरी सिस्टम में करंट आ गया है वह फाटक के नजदीक न जाएं। जिसके बाद रेलवे स्टेशन से कर्मचारी फाटक की तरफ दौड़े और उस समय कुछ पुलिस के जवान भी वाहनों को रोकने पहुंचे। लाइन के करंट को बंध करवाया गया। लेकिन रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों ने कहा कि यह 25 हजार वोल्टेज की लाइन है और बंद करने बाद भी इसमें तीन हजार वोल्ट करंट रहता है। करीब डेढ़ घंटे तक रेलगाड़ी वहीं पर खड़ी रही। गाड़ी को ले जाने के लिए रेवाड़ी से डीजल इंजन मंगवाया गया। लेकिन फाटक का पोल बिजली की लाइन में फंसा होने के कारण डीजल इंजन भी रेलगाड़ी तक नहीं पहुंच पाया। उसके बाद बहादुरगढ़ से रेलवे की बिजली विभाग की टीम करीब सवा नौ बजे फाटक पहुंची और उसने बिजली की लाइन के तारों में फंसे पोल को तोड़कर बाहर निकाला। उसके बाद ही नौ बजकर 34 मिनट पर ट्रेन रेलवे स्टेशन की तरफ रवाना हुई। जबकि एक मालगाड़ी रेवाड़ी की तरफ से झज्जर स्टेशन पर पहुंच गई। पैसेंजर ट्रेन के पीछे ही डीघल से चली मालगाड़ी अंडर पास आकर रोक दी गई। इसी बीच अस्थायी फाटक का पाइप भी लोक में फंस गया। करीब 15 मिनट बाद इसे खोला गया। इस दौरान दोनों मालगाड़ियों को गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
करीब तीन घंटे लगा रहा जाम
रेलवे फाटक टूटने की वजह से झज्जर-ग्वालीसन रोड पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। रेलवे फाटक से कोसली मोड़ तक व दूसरी तरफ तलाव गांव के मोड़ से भी आगे तक वाहनों की दोहरी लाइनें लग गई। जिसकी वजह से वाहनों को निकालने के चक्कर में वाहन चालक आपस में झगड़ते नजर आए। पैसेंजर ट्रेन गुजरते ही पुलिस के जवान वहां से नदारद हो गए। जिसकी वजह से काफी समय तक यातायात बाधित रहा। हालांकि रेलवे फाटक में करंट आने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे की तरफ से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दिए। गनीमत रही की कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
रात के समय रेलगाड़ी अंधेरे में रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर खड़ी रही। एक घंटे से अधिक समय से गाड़ी खड़ी रही। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। मुझे पानीपत से राजस्थान के भिवाड़ी जाना था।
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- राजेश, यात्री।
रोहतक से ट्रेन में सवार होकर झज्जर आया था। लेकिन एक घंटे से रेलगाड़ी रास्ते में खड़ी रही और रेलवे स्टेशन की तरफ रवाना नहीं हो रही है।
- सुमित, यात्री।
करीब 7:50 बजे जब फाटक को बंद करने लगा तो एक ट्रक ने फाटक के पोल को तोड़ दिया। जिससे फाटक के पूरे सिस्टम में करंट आया गया है। मामले की सूचना आला अधिकारियों को दे दी गई थी।
- सुनील कुमार, गेट मैन
गाड़ी नंबर 54020 रोहतक से रेवाड़ी के लिए जा रही थी। गाड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही पावर गुल हो गई जब स्टेशन पर संपर्क साधा तो पता चला की फाटक का पोल बिजली की लाइन पर जा गिरा है। डीजल इंजन रेवाड़ी से मंगवाया गया था। वह भी ट्रेन तक नहीं पहुंच पाया।
- हेमराज, रेलगाड़ी चालक।
ट्रक ने फाटक के पोल को तोड़ दिया था। बिजली विभाग की टीम को बुलाकर पोल को तारों के बीच से निकाल दिया गया है और ट्रेन को रेवाड़ी की तरफ रवाना कर दिया गया है।
- एसबी सैनी, स्टेशन अधीक्षक, झज्जर।
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करीब तीन घंटे लगा रहा जाम
रेलवे फाटक टूटने की वजह से झज्जर-ग्वालीसन रोड पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। रेलवे फाटक से कोसली मोड़ तक व दूसरी तरफ तलाव गांव के मोड़ से भी आगे तक वाहनों की दोहरी लाइनें लग गई। जिसकी वजह से वाहनों को निकालने के चक्कर में वाहन चालक आपस में झगड़ते नजर आए। पैसेंजर ट्रेन गुजरते ही पुलिस के जवान वहां से नदारद हो गए। जिसकी वजह से काफी समय तक यातायात बाधित रहा। हालांकि रेलवे फाटक में करंट आने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे की तरफ से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दिए। गनीमत रही की कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
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यात्रियों की प्रतिक्रिया
रात के समय रेलगाड़ी अंधेरे में रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर खड़ी रही। एक घंटे से अधिक समय से गाड़ी खड़ी रही। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। मुझे पानीपत से राजस्थान के भिवाड़ी जाना था।
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- राजेश, यात्री।
रोहतक से ट्रेन में सवार होकर झज्जर आया था। लेकिन एक घंटे से रेलगाड़ी रास्ते में खड़ी रही और रेलवे स्टेशन की तरफ रवाना नहीं हो रही है।
- सुमित, यात्री।
करीब 7:50 बजे जब फाटक को बंद करने लगा तो एक ट्रक ने फाटक के पोल को तोड़ दिया। जिससे फाटक के पूरे सिस्टम में करंट आया गया है। मामले की सूचना आला अधिकारियों को दे दी गई थी।
- सुनील कुमार, गेट मैन
गाड़ी नंबर 54020 रोहतक से रेवाड़ी के लिए जा रही थी। गाड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही पावर गुल हो गई जब स्टेशन पर संपर्क साधा तो पता चला की फाटक का पोल बिजली की लाइन पर जा गिरा है। डीजल इंजन रेवाड़ी से मंगवाया गया था। वह भी ट्रेन तक नहीं पहुंच पाया।
- हेमराज, रेलगाड़ी चालक।
ट्रक ने फाटक के पोल को तोड़ दिया था। बिजली विभाग की टीम को बुलाकर पोल को तारों के बीच से निकाल दिया गया है और ट्रेन को रेवाड़ी की तरफ रवाना कर दिया गया है।
- एसबी सैनी, स्टेशन अधीक्षक, झज्जर।