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धरनारत किसानों ने टीकरी बॉर्डर पर अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों ने एक बार फिर आंदोलन तेज कर दिया है। रविवार को आंदोलनरत किसानों ने जहां अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, वहीं सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते जल्द से जल्द तीनों कानून को वापस लेने की मांग की। किसानों ने यह प्रदर्शन टीकरी बॉर्डर से लेकर सेक्टर-9 बाईपास तक किया। किसानों ने कहा कि उन्हें धरना-प्रदर्शन करते दो माह से ज्यादा समय हो चुका है, मगर सरकार अपनी हठधर्मिता पर कायम है। कुछ लोग आंदोलन को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे है। उन्होंने अभी तक शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया और आगे भी करते रहेंगे, चाहे सरकार उन्हें कितना ही क्यों न सताए। इस दौरान विक्रम मलिक मोरखेड़ी ने की आंदोलन में शहीद हुए किसानों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की।
धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए निहालगढ़ पंजाब से बलदेव सिंह ने कहा कि किसान पिछले 2 माह से टीकरी बॉर्डर पर डटे हुए है और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार सहित अन्य राज्यों से किसान यहां पहुंचकर न केवल अपना समर्थन दे रहे, बल्कि हर तरह से सहयोग कर रहे हैं। सरकार इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। सरकार इंटरनेट बंद करवाने के अलावा धरनास्थल की बिजली कटवा रही है। हमने इस आंदोलन को शांतिपूर्वक चलाना है। सरकार अपनी पहले वाली बात पर अड़ी हुई है। आंदोलन को एक से डेढ़ साल पर स्थगित कर एक कमेटी बनाने कह रही है। हमें इन तीनों काले कानूनों का रद करवाना है। आंदोलन में हरियाणा के किसान बढ़-चढ़कर भाग ले रहे है, जिससे आंदोलन में पहले से कही ज्यादा मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। ट्रैक्टर परेड के बाद कुछ किसानों ने अपने घरों का रुख कर लिया था, मगर अब फिर से आंदोलन में किसानों की तादाद बढ़नी शुरू हो गई। इससे आंदोलन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
अफवाहों से दूर रहने का किया आह्वान
अभिनेत्री सोनिया मान पिछले काफी समय से यहां आदोलनरत किसानों के साथ डटी हुई है। रविवार को उन्होंने न केवल किसानों में जोश भरा बल्कि अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल साइट्स के माध्यम से किसानों को उकसाने के अलावा तरह तरह की बयानबाजी कर रहे है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें हर हाल मेें अफवाहों दूर रहना है, ताकि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहे। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी द्वारा दिए निर्देशों का पालन करना है।
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22 जिलों के कर्मचारियों करेंगे जागरूक
रविवार को शिक्षा विभाग से डॉ. अजय बल्हारा धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर बहरी बनी हुई है। सरकार द्वारा आंदोलनरत किसानों, कर्मचारियों और मीडिया की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा के 22 जिलों में जाकर कर्मचारियों को सरकार की किसान व कर्मचारी विरोधी नीतियों के बारे में अवगत कराएंगे। सभी कर्मचारियों को आंदोलनरत किसानों को समर्थन देने को कहेंगे।
इन्होंने दिया आंदोलन को समर्थन
बहादुरगढ़ से मुंशीराम सैनी, धमतान हरियाणा से मास्टर पालेराम, बिलासपुर हिमाचल से रजनीश शर्मा सहित जींद के संगतपुरा, खटकड़, इक्कश कलां, धमतान तपा से ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों ने अपना समर्थन दिया। वहीं विक्रम मलिक इंटरनेशल स्कूल मोरखेड़ी रोहतक ने आंदोलनरत किसानों को समर्थन देते हुए आंदोलन में शहीद हुए किसानों 12वीं कक्षा तक निशुल्क पढ़ाने की घोषणा की।
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धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए निहालगढ़ पंजाब से बलदेव सिंह ने कहा कि किसान पिछले 2 माह से टीकरी बॉर्डर पर डटे हुए है और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार सहित अन्य राज्यों से किसान यहां पहुंचकर न केवल अपना समर्थन दे रहे, बल्कि हर तरह से सहयोग कर रहे हैं। सरकार इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। सरकार इंटरनेट बंद करवाने के अलावा धरनास्थल की बिजली कटवा रही है। हमने इस आंदोलन को शांतिपूर्वक चलाना है। सरकार अपनी पहले वाली बात पर अड़ी हुई है। आंदोलन को एक से डेढ़ साल पर स्थगित कर एक कमेटी बनाने कह रही है। हमें इन तीनों काले कानूनों का रद करवाना है। आंदोलन में हरियाणा के किसान बढ़-चढ़कर भाग ले रहे है, जिससे आंदोलन में पहले से कही ज्यादा मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। ट्रैक्टर परेड के बाद कुछ किसानों ने अपने घरों का रुख कर लिया था, मगर अब फिर से आंदोलन में किसानों की तादाद बढ़नी शुरू हो गई। इससे आंदोलन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
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अफवाहों से दूर रहने का किया आह्वान
अभिनेत्री सोनिया मान पिछले काफी समय से यहां आदोलनरत किसानों के साथ डटी हुई है। रविवार को उन्होंने न केवल किसानों में जोश भरा बल्कि अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल साइट्स के माध्यम से किसानों को उकसाने के अलावा तरह तरह की बयानबाजी कर रहे है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें हर हाल मेें अफवाहों दूर रहना है, ताकि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहे। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी द्वारा दिए निर्देशों का पालन करना है।
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22 जिलों के कर्मचारियों करेंगे जागरूक
रविवार को शिक्षा विभाग से डॉ. अजय बल्हारा धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर बहरी बनी हुई है। सरकार द्वारा आंदोलनरत किसानों, कर्मचारियों और मीडिया की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा के 22 जिलों में जाकर कर्मचारियों को सरकार की किसान व कर्मचारी विरोधी नीतियों के बारे में अवगत कराएंगे। सभी कर्मचारियों को आंदोलनरत किसानों को समर्थन देने को कहेंगे।
इन्होंने दिया आंदोलन को समर्थन
बहादुरगढ़ से मुंशीराम सैनी, धमतान हरियाणा से मास्टर पालेराम, बिलासपुर हिमाचल से रजनीश शर्मा सहित जींद के संगतपुरा, खटकड़, इक्कश कलां, धमतान तपा से ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों ने अपना समर्थन दिया। वहीं विक्रम मलिक इंटरनेशल स्कूल मोरखेड़ी रोहतक ने आंदोलनरत किसानों को समर्थन देते हुए आंदोलन में शहीद हुए किसानों 12वीं कक्षा तक निशुल्क पढ़ाने की घोषणा की।