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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग से होगी सावन के पहले सोमवार की शुरूआत
Thu, 18 Jul 2024 06:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 18 Jul 2024 06:35 AM IST
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बहादुरगढ़। इस बार सावन के पहले सोमवार पर प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सावन के महीने में शुक्रादित्य योग, बुधादित्य योग, नवपंचम योग, गजकेसरी योग, कुबेर योग, शश योग भी बन रहे हैं। इन सभी शुभ योगों के कारण सावन का महीना बेहद शुभ रहने वाला है।
शहर की लालचंद कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य रमेश भगत का कहना है कि इस बार सावन का महीन 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। खास बात यह है कि इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। 22 जुलाई को सावन की शुरूआत पर भी सोमवार है तो 19 अगस्त को सावन का महीना समाप्त होगा, इस दिन भी सोमवार रहेगा। यह विशेष संयोग है। इसलिए इस बार सावन माह में पांच सोमवार होंगे। ज्योतिषी इसे शुभ मान रहे हैं। यह संयोग 72 साल बाद आया है।
शीतल जल के अभिषेक से प्रसन्न होते हैं शिव
ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि भगवान शिव शीतल जलाभिषेक से प्रसन्न होते हैं। भगवान आशुतोष रूप से शीघ्र प्रसन्न होकर आनंददायी कल्याणकारी वरदान प्रदान करते हैं। चातुर्मास असल में सन्यासियों द्वारा समाज को मार्ग दर्शन करने का समय है। आम आदमी इन चार महीनों में अगर केवल सत्य ही बोले तो भी उसे अपने अंदर आध्यात्मिक प्रकाश नजर आएगा।
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119 दिन योग निद्रा में रहेंगे श्रीहरि, नहीं होंगे मांगलिक काम
शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि बुधवार 17 जुलाई से 119 दिन के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। इस दिन से चातुर्मास शुरू हो गया है। पंडित सीयाराम ने बताया कि इन चार माह में सतोगुणी जप, पूजन, ध्यान, साधना, दान, पुण्य, हवन अवश्य करने चाहिए। देव उठनी एकादशी तक महादेव सृष्टि का संचालन करेंगे। चातुर्मास में शिवजी, विष्णु, गणपति और देव दुर्गा की उपासना श्रेष्ठ मानी गई है। मानयता है कि जो देवशयनी एकादशी का व्रत करता है उसे नर्क नहीं जाना पड़ता। वह यमलोक की यातनाओं से मुक्त होकर बैकुंठ धाम को जाता है।
इन मंत्रों का करें जाप
सावन में भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए इन मंत्रों का निरंतर जाप करते रहें।
-ऊँ शंकराय नम:
-ऊँ महादेवाय नम:
-ऊँ महेश्वराय नम:
-ऊँ श्री रुद्राय नम:
-ऊँ नील कंठाय नम:
सावन महीने में यह रहेंगे सोमवार
22 जुलाई
सोमवार
27 जुलाई
सोमवार
05 अगस्त
सोमवार
12 अगस्त
सोमवार
19 अगस्त
सोमवार
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शहर की लालचंद कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य रमेश भगत का कहना है कि इस बार सावन का महीन 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। खास बात यह है कि इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। 22 जुलाई को सावन की शुरूआत पर भी सोमवार है तो 19 अगस्त को सावन का महीना समाप्त होगा, इस दिन भी सोमवार रहेगा। यह विशेष संयोग है। इसलिए इस बार सावन माह में पांच सोमवार होंगे। ज्योतिषी इसे शुभ मान रहे हैं। यह संयोग 72 साल बाद आया है।
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शीतल जल के अभिषेक से प्रसन्न होते हैं शिव
ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि भगवान शिव शीतल जलाभिषेक से प्रसन्न होते हैं। भगवान आशुतोष रूप से शीघ्र प्रसन्न होकर आनंददायी कल्याणकारी वरदान प्रदान करते हैं। चातुर्मास असल में सन्यासियों द्वारा समाज को मार्ग दर्शन करने का समय है। आम आदमी इन चार महीनों में अगर केवल सत्य ही बोले तो भी उसे अपने अंदर आध्यात्मिक प्रकाश नजर आएगा।
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119 दिन योग निद्रा में रहेंगे श्रीहरि, नहीं होंगे मांगलिक काम
शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि बुधवार 17 जुलाई से 119 दिन के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। इस दिन से चातुर्मास शुरू हो गया है। पंडित सीयाराम ने बताया कि इन चार माह में सतोगुणी जप, पूजन, ध्यान, साधना, दान, पुण्य, हवन अवश्य करने चाहिए। देव उठनी एकादशी तक महादेव सृष्टि का संचालन करेंगे। चातुर्मास में शिवजी, विष्णु, गणपति और देव दुर्गा की उपासना श्रेष्ठ मानी गई है। मानयता है कि जो देवशयनी एकादशी का व्रत करता है उसे नर्क नहीं जाना पड़ता। वह यमलोक की यातनाओं से मुक्त होकर बैकुंठ धाम को जाता है।
इन मंत्रों का करें जाप
सावन में भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए इन मंत्रों का निरंतर जाप करते रहें।
-ऊँ शंकराय नम:
-ऊँ महादेवाय नम:
-ऊँ महेश्वराय नम:
-ऊँ श्री रुद्राय नम:
-ऊँ नील कंठाय नम:
सावन महीने में यह रहेंगे सोमवार
22 जुलाई
सोमवार
27 जुलाई
सोमवार
05 अगस्त
सोमवार
12 अगस्त
सोमवार
19 अगस्त
सोमवार