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Jhajjar-Bahadurgarh News: सोनीपत से की थी ढाबा चेन की शुरुआत, धर्मेंद्र को देखने उमड़ी थी भीड़
Tue, 25 Nov 2025 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 25 Nov 2025 02:51 AM IST
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फोटो :18: सोनीपत के मुरथल में ढाबा के अंदर धर्मेंद्र। फाइल फोटो
सोनीपत। भारतीय सिनेमा के ही-मैन, करोड़ों दिलों की धड़कन और सादगी की मिसाल धर्मेंद्र के निधन की खबर ने सिने प्रेमियों को गहरे सदमे में डुबो दिया। सोनीपत से भावनात्मक जुड़ाव होने के कारण धर्मेंद्र के निधन से यहां के लोग मर्माहत हैं। 23 फरवरी 2018 को सोनीपत की धरती से से ही उन्होंने अपने ढाबा चेन की शुरुआत की थी। यहां पेंटर विनोद सरीखे कुछ ऐसे प्रशंसक भी हैं जिन्होंने उनसे जीवन का भावनात्मक रिश्ता जोड़े रखा है।
सिने सुपर स्टार धर्मेंद्र ने 23 फरवरी 2018 को सोनीपत के मुरथल में गरम धरम ढाबे का उद्घाटन कर ढाबा चेन की शुरुआत की थी। बेशक अब यह ढाबा बंद हो चुका है, लेकिन लोगों की स्मृतियों में धर्मेद्र की यादें अब भी वैसी ही ताजी हैं। उस दिन भीड़ ने सिने स्टार धर्मेद्र को चारों तरफ से घेर लिया था। हर कोई बस एक झलक पाने को बेताब था। तब पोस्टरों से सजी दीवारें, शोले की तर्ज पर बनी टंकी और उनकी फिल्मों से जुड़ी चीजों ने सभी को आकर्षित किया था।
धर्मेंद्र को भगवान की तरह पूजते हैं पेंटर विनोद, कहा-मेरे भगवान मुझे छोड़ गए
सोनीपत के पुरखास अड्डा पर आज सूनापन था। यहां दुकान चलाने वाले पेंटर विनोद उर्फ धर्मेंद्र की दुकान दिनभर बंद रहने के बाद शाम को खुली। विनोद अभिनेता धर्मेंद्र को भगवान की तरह पूजते आए हैं। उनके घर के मंदिर में देवी-देवताओं की तस्वीरों के बीच धर्मेंद्र की फोटो लगी रहती है। उनकी दुकान में 350 से अधिक पोस्टरों की प्रदर्शनी है। विनोद ने दो बाद मुंबई जाकर उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि आज उनके भगवान उन्हें छोड़ गए, पर वह उनके दिल से कभी नहीं जाएंगे। वह वर्ष 2012 में पहली बार धर्मेंद्र से मिले थे। तब उन्होंने अपने बेटे का नामकरण उनसे कराया था। धर्मेंद्र ने उनके बेटे का नामकरण हिमेंद्र किया था। बाद में वह 2015 में धर्मेंद्र पर बनी एल्बम लेकर गए। दोपहर को धर्मेंद्र घर पर नहीं थे तो बॉबी देओल ने उनकी एल्बम देखी थी। उन्होंने इस बारे में धर्मेंद्र को बताया तो वे शाम को छह बजे सोनीपत पहुंचे धर्मेंद्र ने विनोद और उनके साथियों को दोबारा बुलाकर मुलाकात की थी।
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सिने सुपर स्टार धर्मेंद्र ने 23 फरवरी 2018 को सोनीपत के मुरथल में गरम धरम ढाबे का उद्घाटन कर ढाबा चेन की शुरुआत की थी। बेशक अब यह ढाबा बंद हो चुका है, लेकिन लोगों की स्मृतियों में धर्मेद्र की यादें अब भी वैसी ही ताजी हैं। उस दिन भीड़ ने सिने स्टार धर्मेद्र को चारों तरफ से घेर लिया था। हर कोई बस एक झलक पाने को बेताब था। तब पोस्टरों से सजी दीवारें, शोले की तर्ज पर बनी टंकी और उनकी फिल्मों से जुड़ी चीजों ने सभी को आकर्षित किया था।
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धर्मेंद्र को भगवान की तरह पूजते हैं पेंटर विनोद, कहा-मेरे भगवान मुझे छोड़ गए
सोनीपत के पुरखास अड्डा पर आज सूनापन था। यहां दुकान चलाने वाले पेंटर विनोद उर्फ धर्मेंद्र की दुकान दिनभर बंद रहने के बाद शाम को खुली। विनोद अभिनेता धर्मेंद्र को भगवान की तरह पूजते आए हैं। उनके घर के मंदिर में देवी-देवताओं की तस्वीरों के बीच धर्मेंद्र की फोटो लगी रहती है। उनकी दुकान में 350 से अधिक पोस्टरों की प्रदर्शनी है। विनोद ने दो बाद मुंबई जाकर उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि आज उनके भगवान उन्हें छोड़ गए, पर वह उनके दिल से कभी नहीं जाएंगे। वह वर्ष 2012 में पहली बार धर्मेंद्र से मिले थे। तब उन्होंने अपने बेटे का नामकरण उनसे कराया था। धर्मेंद्र ने उनके बेटे का नामकरण हिमेंद्र किया था। बाद में वह 2015 में धर्मेंद्र पर बनी एल्बम लेकर गए। दोपहर को धर्मेंद्र घर पर नहीं थे तो बॉबी देओल ने उनकी एल्बम देखी थी। उन्होंने इस बारे में धर्मेंद्र को बताया तो वे शाम को छह बजे सोनीपत पहुंचे धर्मेंद्र ने विनोद और उनके साथियों को दोबारा बुलाकर मुलाकात की थी।

फोटो :18: सोनीपत के मुरथल में ढाबा के अंदर धर्मेंद्र। फाइल फोटो

फोटो :18: सोनीपत के मुरथल में ढाबा के अंदर धर्मेंद्र। फाइल फोटो
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