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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक दूसरे पर शक से कमजोर हो रही रिश्तों की डोर
Fri, 23 Feb 2024 02:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 23 Feb 2024 02:05 AM IST
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22jjrp01 महिला थाना ,झज्जर ।
झज्जर। मोबाइल की बढ़ती दखलअंदाजी और शक पति-पत्नी के रिश्तों की डोर कमजोर कर रही है। छोटी छोटी बातों पर एक दूसरे से बहसबाजी विवाद में बदल रही है। अहम भी इसकी वजह बन रहा है। मोबाइल पर ज्यादा बातें शक पैदा करतीं है और यही रिश्तों को डोर को कमजोर कर रहा है। इस तरह के विवाद से जुड़े घरेलू हिंसा के मामले औसतन हर दूसरे दिन जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय में आ रहे हैं। काउंसिलिंग के दौरान ये वजह सामने आ रही हैं।
अधिकतर मामलों में सामने आ रहा है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद हो रहे हैं। खास तौर पर मोबाइल पर घंटों बातें करना शामिल हैं। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय पहुंच रहे घरेलू हिंसा के केसों में सामने आया है कि पति और पत्नी दोनों ही एक-दूसरे पर मोबाइल पर बातें करने को लेकर शक जाहिर करते हैं कि वह किसी से घंटों बात करते हैं। पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ समायोजन नहीं बैठा पा रहे हैं। महिला पति ही नहीं बल्कि देवर, जेठ, ससुर, ननदोई पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी द्वारा समझौते के प्रयास भी किए जाते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में समझौते भी नहीं हो रहे।
शिकायतों के आंकड़े
आंकड़ों की माने तो 2022-23 में जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय में 288 केस घरेलू हिंसा के आए जबकि 2023-24 में जनवरी तक 197 मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक कोर्ट की तरफ से 20, पुलिस की तरफ से 38 तथा स्वयं शिकायत के 29 मामले आए जबकि अप्रैल 2023 में जनवरी 2024 तक कोर्ट की तरफ से 174, पुलिस की तरफ से 19, खुद 24 मामले घरेलू हिंसा के आए हैं।
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केस-एक
ससुर पर लगाए आरोप
क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता का आरोप था कि ससुराल वाले छोटी-छोटी बातों को लेकर ताने कसते हैं। उसने पति को अलग रहने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस पर उसने अपने ससुर पर ही यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए दिए।
केस-दो
मोबाइल बना घरेलू हिंसा का कारण
एक पति का आरोप था कि उसकी पत्नी घंटों मोबाइल पर बात करती है। उससे पूछने पर सही बात नहीं बताती। इस कारण दोनों में झगड़ा हो गया। इस पर पत्नी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगा दिया।
वर्जन
शादी के बाद पति-पत्नी में आपसी समायोजन न होना, मोबाइल पर बात करने को लेकर शक करने के मामले ज्यादा आ रहे हैं। यही नहीं अब महिलाएं अपने देवर, जेठ, ससुर और ननदोई पर भी घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाती हैं। महिलाएं भी पति द्वारा मारपीट करने, शराब का सेवन करने के आरोप लगाती है। कई मामलों में समझौते के प्रयास होते हैं।
करमिंद्र कौर, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी
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अधिकतर मामलों में सामने आ रहा है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद हो रहे हैं। खास तौर पर मोबाइल पर घंटों बातें करना शामिल हैं। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय पहुंच रहे घरेलू हिंसा के केसों में सामने आया है कि पति और पत्नी दोनों ही एक-दूसरे पर मोबाइल पर बातें करने को लेकर शक जाहिर करते हैं कि वह किसी से घंटों बात करते हैं। पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ समायोजन नहीं बैठा पा रहे हैं। महिला पति ही नहीं बल्कि देवर, जेठ, ससुर, ननदोई पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी द्वारा समझौते के प्रयास भी किए जाते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में समझौते भी नहीं हो रहे।
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शिकायतों के आंकड़े
आंकड़ों की माने तो 2022-23 में जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय में 288 केस घरेलू हिंसा के आए जबकि 2023-24 में जनवरी तक 197 मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक कोर्ट की तरफ से 20, पुलिस की तरफ से 38 तथा स्वयं शिकायत के 29 मामले आए जबकि अप्रैल 2023 में जनवरी 2024 तक कोर्ट की तरफ से 174, पुलिस की तरफ से 19, खुद 24 मामले घरेलू हिंसा के आए हैं।
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केस-एक
ससुर पर लगाए आरोप
क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता का आरोप था कि ससुराल वाले छोटी-छोटी बातों को लेकर ताने कसते हैं। उसने पति को अलग रहने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस पर उसने अपने ससुर पर ही यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए दिए।
केस-दो
मोबाइल बना घरेलू हिंसा का कारण
एक पति का आरोप था कि उसकी पत्नी घंटों मोबाइल पर बात करती है। उससे पूछने पर सही बात नहीं बताती। इस कारण दोनों में झगड़ा हो गया। इस पर पत्नी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगा दिया।
वर्जन
शादी के बाद पति-पत्नी में आपसी समायोजन न होना, मोबाइल पर बात करने को लेकर शक करने के मामले ज्यादा आ रहे हैं। यही नहीं अब महिलाएं अपने देवर, जेठ, ससुर और ननदोई पर भी घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाती हैं। महिलाएं भी पति द्वारा मारपीट करने, शराब का सेवन करने के आरोप लगाती है। कई मामलों में समझौते के प्रयास होते हैं।
करमिंद्र कौर, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी