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Jhajjar: पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए थाना स्तर पर बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग
Thu, 12 Dec 2024 01:03 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:03 PM IST
सार
बगैर लाइसेंस के अधिक ब्याज दर पर सूदखोरी का धंधा करने वाले सूदखोरों के विरूद्ध कार्रवाई करने के संबंध में पुलिस कमिश्नर बी सतीश बालन ने दिशा निर्देश देते हुए थाना प्रभारियों को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये है।
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झज्जर पुलिस
- फोटो : संवाद
विस्तार
झज्जर पुलिस कमिश्नर झज्जर बी सतीश बालन ने लघु सचिवालय झज्जर के प्रथम तल पर बने कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के सभी डीसीपी, एसीपी, थाना प्रबंधक चौकी प्रभारी और क्राइम यूनिट की मीटिंग ली। इसमें उन्होंने आमजन को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए थाना स्तर पर इन्वेस्टिगेशन विंग बनाने, मनचलों पर कार्रवाई करने, ऐसे स्थान पर जहां पर महिलाओं के साथ किसी प्रकार की छेड़खानी होने की संभावना है।
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वहीं, महिला पुलिस कर्मचारियों की सादे कपड़ों में ड्यूटी लगाने, सुदखौरो पर कार्रवाई करने, यातायात के नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई करने, वांछित/अति वांछित आरोपियों को पकडने वाली टीम और अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
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सूदखोरी का धंधा करने वाले सूदखोरों पर सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश
बगैर लाइसेंस के अधिक ब्याज दर पर सूदखोरी का धंधा करने वाले सूदखोरों के विरूद्ध कार्रवाई करने के संबंध में पुलिस कमिश्नर बी सतीश बालन ने दिशा निर्देश देते हुए थाना प्रभारियों को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि सूदखोर जनता को अत्यधिक दर परg राशि ब्याज पर देते है और इसके लिए उससे पहले ही कोई बहुमुल्य संपत्ति जैसे मकान, दुकान,वाहन व गहने गिरवी रखवा लेते है।
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गिरवी रखाई गई संपत्ति की कीमत उधार ली गई रकम से कहीं ज्यादा होती है जो की पूरी तरीके से अवैध है।यदि कर्जदार व्यक्ति रकम चुका नहीं पता है तो उस पर इतना ब्याज लगा दिया जाता है कि कर्ज लेने वाला व्यक्ति ब्याजखोरी के चंगुल में फंस जाता है और सूदखोर उसे प्रताडि़त करना शुरु करते हैं। ऋण ना देने की स्थिति में सूदखोर एजेंट उसके साथ मारपीट व अन्य अपराध भी कारित करते है। जिससे परेशान होकर कर्ज लेने वाला व्यक्ति अपनी जमीन या गहने बेचने को मजबूर हो जाता है। अगर किसी थाना क्षेत्र में इस तरह की कोई शिकायत आती है तो एसे सूदखोरों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जा सके।