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Jhajjar-Bahadurgarh News: राशन-रजाई के साथ गेहूं का बीज लेने की जंग में उतरे धरतीपुत्र

Sun, 10 Nov 2024 03:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 10 Nov 2024 03:01 AM IST
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Sons of the Earth enter into battle to get wheat seeds along with ration and quilt
09jjrp15- झज्जर। कृ​षि एवं कल्याण विभाग के बाहर ट्रैक्टर में रात भर सोया किसान मनोज व सुबह बीज 
झज्जर। गेहूं का बीज लेना अब धरतीपुत्रों की जंग बन गया है। जंग भी ऐसी कि किसान राशन-रजाई लेकर खाद के बीज की दुकानों पर रात को ही पहुंच रहे हैं। ये खुले में खाना खाने को मजबूर हैं और सो भी रहे हैं। इतना परिश्रम करने के बाद भी सुबह गेहूं का बीज नहीं मिल पाता। यह स्थिति शनिवार को जिला के किसानों की देखने को मिली। शुक्रवार को रात जिले के किसान कृषि कल्याण विभाग की सरकारी खाद-बीज की दुकान पर गेहूं का बीज लेने पहुंच गए थे। उनका मानना था कि वह सुबह जल्द उठ कर लाइन में लग जाएंगे और गेहूं का बीज मिल जाएगा। लेकिन सारी रात इंतजार करने के बाद शनिवार को सुबह उनको वापस जाना पड़ा। किसानों का दर्द है कि बीज ना मिलने के कारण खेत सूख रहे हैं। रबी के सीजन में किसान गेहूं की बुआई में लगे हैं, लेकिन बीज नहीं मिल रहा। शनिवार को दोपहर बाद कृषि कल्याण विभाग के पास खाद बीज की दुकान पर 600 गेहूं का बीज आया, लेकिन बंट नहीं सका। रविवार की छुट्टी होने के कारण अब सोमवार को ही किसानों को बीज मिल पाएगा।
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किसानों की समस्या
किसानों को जिले में डीएपी खाद नहीं नही मिल पा रहा। इस कारण गेहूं की बुआई में भी रुकावट आ रही है। किसान डीएपी खाद लेने के लिए झज्जर अनाज मंडी में और कृषि कल्याण विभाग के पास बनी दो खाद-बीज की दुकानों पर आ रहे हैं। पिछले चार दिनों से डीएपी खाद भी नहीं आ रहा। जिन किसानों को बीज मिल गया है, उन्हें खाद नहीं मिल रहा और जिन्हें खाद मिल चुका है, उन्हें गेहूं का बीज नहीं मिल रहा। इस कारण किसानों गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
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गेहूं की बिजाई का सीजन है। कई दिनों से बीज लेने के लिए चक्कर काट रहा हूं, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण या बीज खत्म हो जाने के कारण नहीं मिल पाया। इस कारण सुबह जल्दी लाइन में लगने के लिए रात आठ बजे ही आ गया था ताकि बीज मिल सके। रात ट्रैक्टर में ही गुजारी। सुबह दुकान खुलने के बाद बीज खत्म होने का पता चला।
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मनोज कुमार, खुड्डन गांव

डीएपी खाद नहीं मिल पाने के कारण पहले सरसों की बुआई में देर हुई थी। इस कारण सरसों की दोबारा बुआई करनी पड़ी। अब गेहूं की फसल बुआई का समय है, लेकिन डीएपी नहीं मिल पा रहा। इस कारण खेत सूखने लगे हैं।


- जगबीर, डावला गांव






किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले में गेहूं की बुआई के लिए 50 हजार क्विंटल बीज की मांग की गई है। अब तक जिले में लगभग 14 हजार एमटी बीज आ चुका है। सभी काे समय पर बीज मिल जाएगा। जिन किसानों को डीएपी नहीं मिल पाने के कारण गेहूं की बुआई में देर हो रही है, वो एनपीके और सिंगल सुपर फॉस्फेट का प्रयोग कर बुआई कर सकते हैं।

- जितेंद्र अहलावत, कृषि उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, झज्जर
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