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स्मॉग व कोहरे ने लगाया ब्रेक, सड़कों पर रेंगते रहे वाहन
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कोहरे के दौरान लाइट जलाकर सड़क से गुजरती बस। संवाद
- फोटो : Jhjhar
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झज्जर। इन दिनों सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। कोहरे के साथ स्मॉग भी वातावरण में छाया हुआ है। अगर प्रदूषण के स्तर को देखा जाए तो दीपावली के बाद प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा है। शुक्रवार की शाम को एक्यूआई 344 रहा है। जिससे आंखें में जलन की शिकायत बढ़ी है। वहीं वाहन चालकों को और अधिक सावधानी से ड्राइविंग करने की आवश्यकता है।
जिले में करीब तीस मोड़, नहरों के पुल व चौक ऐसे हैं, जहां पर अधिकांश समय हादसे हो रहे हैं। शहर से निकलने वाले रेवाड़ी-रोहतक नेशनल हाईवे 71 ए, दिल्ली-झज्जर-दादरी, बादली रोड, सांपला रोड, गुड़गांव व बेरी कलानौर रोड आदि मार्गों पर कई खतरनाक पुल व मोड़ हैं। जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं।
छुछकवास चौक, बेरी में बाकरा मोड़, दुबलधन मोड़, जहाजगढ़ मोड़, बराणी मोड़, डीघल चौक, भागलपुरी चौक, झज्जर बाईपास के पर लगते सभी मोड़, महराना, दुजाना, सासरोली चौक, खोरड़ा मोड़, बादली चौक, नाहरा नाहरी रोड पर छह मोड़ शामिल हैं। इसके अलावा भी अनेक अप्रोच मार्गों पर भी खतरनाक मोड़ है।
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वीरवार शाम को छाया कोहरा व स्मॉग
सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद पहली बार कोहरा छाया है। हालांकि पिछले साल तो नवंबर के पहले सप्ताह में ही कोहरा छाने लगा था। शुक्रवार की सुबह जब लोग नींद से उठे तो फिजा बदली-बदली नजर आई। क्षेत्र में मध्यरात्रि के बाद से ही कोहरा छाया हुआ था और कुछ दूूरी की चीज भी दिखाई नहीं दे रही थी। सूर्योदय के बाद करीब आठ बजे कोहरा हल्का होने लगा था, लेकिन शाम के समय स्मॉग व कोहरे के कारण फिर अंधेरा छाने लगा था। कोहरे की वजह से वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लग गया। शुक्रवार देर शाम से ही जिले को कोहरे की सफेद चादर से ढकने लगा था। सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगकर चल रहे थे। जो वाहन 60 से 80 किलोमीटर की स्पीड से चलते थे, आज सुबह वे वाहन टॉप गियर तक नहीं पकड़ रहे थे। वाहन चालकों को रात की तरह ही दिन में भी लाइटें जलाकर चलना पड़ा।
ब्रेकरों पर नहीं सफेद पट्टी
जिले की हर सड़क पर ब्रेकरों की भरमार है। जहां रात के अंधेरे में दूसरे वाहन की लाइट सामने से आंखों में लगने का कारण ये दिखाई नहीं देते और हादसे हो जाते हैं। कोहरे के समय तो इन हादसों की संख्या और बढ़ जाती है। कई बार लोग संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत भी लगा चुके हैं। शहर के छोटे बाईपास व डाइवर्जन रोड पर गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले की कई स्थानों से रेलिंग तक टूटी पड़ी है। जिससे रात व कोहरे के समय वाहनों के नाले में गिरने का भय बना रहता है।
वर्जन
सड़कों पर सफेद पट्टी व दिशासूचक बोर्ड आदि के लिए 20 नवंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। सड़कों की मरम्मत का कार्य 80 फीसदी पूरा कर लिया गया है।
- नरेंद्र सिंहरोहा, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झज्जर।
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जिले में करीब तीस मोड़, नहरों के पुल व चौक ऐसे हैं, जहां पर अधिकांश समय हादसे हो रहे हैं। शहर से निकलने वाले रेवाड़ी-रोहतक नेशनल हाईवे 71 ए, दिल्ली-झज्जर-दादरी, बादली रोड, सांपला रोड, गुड़गांव व बेरी कलानौर रोड आदि मार्गों पर कई खतरनाक पुल व मोड़ हैं। जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं।
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छुछकवास चौक, बेरी में बाकरा मोड़, दुबलधन मोड़, जहाजगढ़ मोड़, बराणी मोड़, डीघल चौक, भागलपुरी चौक, झज्जर बाईपास के पर लगते सभी मोड़, महराना, दुजाना, सासरोली चौक, खोरड़ा मोड़, बादली चौक, नाहरा नाहरी रोड पर छह मोड़ शामिल हैं। इसके अलावा भी अनेक अप्रोच मार्गों पर भी खतरनाक मोड़ है।
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वीरवार शाम को छाया कोहरा व स्मॉग
सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद पहली बार कोहरा छाया है। हालांकि पिछले साल तो नवंबर के पहले सप्ताह में ही कोहरा छाने लगा था। शुक्रवार की सुबह जब लोग नींद से उठे तो फिजा बदली-बदली नजर आई। क्षेत्र में मध्यरात्रि के बाद से ही कोहरा छाया हुआ था और कुछ दूूरी की चीज भी दिखाई नहीं दे रही थी। सूर्योदय के बाद करीब आठ बजे कोहरा हल्का होने लगा था, लेकिन शाम के समय स्मॉग व कोहरे के कारण फिर अंधेरा छाने लगा था। कोहरे की वजह से वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लग गया। शुक्रवार देर शाम से ही जिले को कोहरे की सफेद चादर से ढकने लगा था। सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगकर चल रहे थे। जो वाहन 60 से 80 किलोमीटर की स्पीड से चलते थे, आज सुबह वे वाहन टॉप गियर तक नहीं पकड़ रहे थे। वाहन चालकों को रात की तरह ही दिन में भी लाइटें जलाकर चलना पड़ा।
ब्रेकरों पर नहीं सफेद पट्टी
जिले की हर सड़क पर ब्रेकरों की भरमार है। जहां रात के अंधेरे में दूसरे वाहन की लाइट सामने से आंखों में लगने का कारण ये दिखाई नहीं देते और हादसे हो जाते हैं। कोहरे के समय तो इन हादसों की संख्या और बढ़ जाती है। कई बार लोग संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत भी लगा चुके हैं। शहर के छोटे बाईपास व डाइवर्जन रोड पर गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले की कई स्थानों से रेलिंग तक टूटी पड़ी है। जिससे रात व कोहरे के समय वाहनों के नाले में गिरने का भय बना रहता है।
वर्जन
सड़कों पर सफेद पट्टी व दिशासूचक बोर्ड आदि के लिए 20 नवंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। सड़कों की मरम्मत का कार्य 80 फीसदी पूरा कर लिया गया है।
- नरेंद्र सिंहरोहा, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झज्जर।