{"_id":"6186cc82453779080d483f68","slug":"shadow-smog-in-the-city-after-diwali-aqi-reaches-388-bahadurgarh-news-rtk6291008158","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली के बाद शहर में छाया स्मॉग, एक्यूआई 388 पर पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली के बाद शहर में छाया स्मॉग, एक्यूआई 388 पर पहुंचा
विज्ञापन
बहादुरगढ़ में शाम साढ़े 5 बजे आसमान में छाया स्मॉग।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। दिवाली के बाद दिल्ली से सटे औद्योगिक नगर बहादुरगढ़ में स्मॉग की चादर छाई हुई है। आतिशबाजी के चलते वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। शनिवार की शाम 4 बजकर 5 मिनट पर एक्यूआई 388 हो गया था। हालांकि सुबह के वक्त 400 पार तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो रविवार के बाद वायु प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार होने की संभावना है।
पिछले दो दिनों में प्रदूषण का स्तर लोगों की आंखों से पानी निकालने व गले में खराश के साथ-साथ जुकाम व अधिक खांसी के कारण पसलियों व सीने में दर्द की शिकायत भी आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि हमें प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि तेज हवाओं के चलते से दो दिन बाद प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। शुक्रवार को एक्यूआई 400 तक पहुंच गया था। प्रतिबंध के बावजूद वीरवार को दीपावली के मौके पर खूब पटाखे चलाने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि की वजह से त्योहार के बाद बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता पिछले 5 साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है, पर स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किए गए।
इसका परिणाम है कि बहादुरगढ़ में घर की छत पर खड़े होकर खुल कर सांस लेना भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने जैसा है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक वीरवार रात से ही गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था व शुक्रवार सुबह तक इसमें और बढ़ोतरी होने लगी थी जिसमें यह 400 तक पहुंच गया था। मौसम विभाग ने 2 दिनों के बाद तेज हवा चलने का अनुमान जताया है। मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों, मंद हवा और कम तापमान के बीच पटाखे, पराली जलाने और स्थानीय स्रोतों से उत्सर्जन की वजह से वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंची है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दो दिनों में प्रदूषण का स्तर लोगों की आंखों से पानी निकालने व गले में खराश के साथ-साथ जुकाम व अधिक खांसी के कारण पसलियों व सीने में दर्द की शिकायत भी आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि हमें प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि तेज हवाओं के चलते से दो दिन बाद प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। शुक्रवार को एक्यूआई 400 तक पहुंच गया था। प्रतिबंध के बावजूद वीरवार को दीपावली के मौके पर खूब पटाखे चलाने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि की वजह से त्योहार के बाद बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता पिछले 5 साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है, पर स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किए गए।
विज्ञापन
इसका परिणाम है कि बहादुरगढ़ में घर की छत पर खड़े होकर खुल कर सांस लेना भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने जैसा है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक वीरवार रात से ही गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था व शुक्रवार सुबह तक इसमें और बढ़ोतरी होने लगी थी जिसमें यह 400 तक पहुंच गया था। मौसम विभाग ने 2 दिनों के बाद तेज हवा चलने का अनुमान जताया है। मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों, मंद हवा और कम तापमान के बीच पटाखे, पराली जलाने और स्थानीय स्रोतों से उत्सर्जन की वजह से वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंची है।
विज्ञापन