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रोडवेज कर्मियों ने नई परिवहन नीति के विरोध में चलाया हस्ताक्षर अभियान
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:32 AM IST
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हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में बस अड्डे पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। रोडवेज कर्मियों का कहना था कि सरकार की नीति के खिलाफ कर्मचारी जनता के बीच जा रहे हैं। हस्ताक्षर कराने के बाद ज्ञापन को सरकार के पास भेजा जाएगा।
रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सरबत सिंह ने बताया कि सरकार नई परिवहन नीति के तहत रोडवेज को निजीकरण की तरफ धकेल रही है। प्राइवेट कंपनियों से बस एवं चालक किलोमीटर स्कीम पर अनुबंध किए जा रहे हैं। इससे नई भर्ती का रास्ता बंद हो गया है।
उन्होंने कहा कि निजी बसों के मालिक ही बड़ी कंपनियों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। नई पॉलिसी ट्रांसपोर्ट के सरकारी निजी सेक्टर को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सभी श्रेणियों में हजारों पद खाली पड़े हुए हैं। 950 नई बसें खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। 725 चालक केवल एक वर्ष की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत फिक्स वेतन पर भर्ती किए जा रहे हैं।
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महासचिव धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि सरकार जितना ध्यान कंपनियों से बस ठेके पर लेने में दे रही है अगर उतना ध्यान खरीदी गई बसों को चलाने और कर्मचारियों को भर्ती करने पर दे तो यात्रियों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार। सरकार की नई नीति के खिलाफ कर्मचारी जनता के साथ मिलकर आवाज बुलंद करेंगे और रोडवेज महकमे का निजीकरण का विरोध करेंगे।
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रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सरबत सिंह ने बताया कि सरकार नई परिवहन नीति के तहत रोडवेज को निजीकरण की तरफ धकेल रही है। प्राइवेट कंपनियों से बस एवं चालक किलोमीटर स्कीम पर अनुबंध किए जा रहे हैं। इससे नई भर्ती का रास्ता बंद हो गया है।
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उन्होंने कहा कि निजी बसों के मालिक ही बड़ी कंपनियों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। नई पॉलिसी ट्रांसपोर्ट के सरकारी निजी सेक्टर को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सभी श्रेणियों में हजारों पद खाली पड़े हुए हैं। 950 नई बसें खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। 725 चालक केवल एक वर्ष की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत फिक्स वेतन पर भर्ती किए जा रहे हैं।
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महासचिव धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि सरकार जितना ध्यान कंपनियों से बस ठेके पर लेने में दे रही है अगर उतना ध्यान खरीदी गई बसों को चलाने और कर्मचारियों को भर्ती करने पर दे तो यात्रियों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार। सरकार की नई नीति के खिलाफ कर्मचारी जनता के साथ मिलकर आवाज बुलंद करेंगे और रोडवेज महकमे का निजीकरण का विरोध करेंगे।