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Jhajjar-Bahadurgarh News: राम ने कैकेयी से वन जाने की मांगी आज्ञा
Fri, 26 Sep 2025 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 26 Sep 2025 02:53 AM IST
सार
झज्जर में श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के मैदान पर लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखे संवाद का मंचन किया गया। राम द्वारा धनुष तोड़ने के बाद यह दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
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25jjrp23- झज्जर। श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के मैदान में कैकेयी से राम वन जाने की आज्ञा मांगते
विस्तार
झज्जर। बहादुरगढ़ रोड स्थित श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के मैदान में वीरवार को लक्ष्मण व परशुराम संवाद, दशरथ व कैकेयी संवाद और राम ने कैकेयी से वन जाने की आज्ञा प्राप्त करने का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर में राम ने भगवान शंकर का धनुष तोड़ दिए जाने के पश्चात परशुराम सभा में आ गए।
रामलीला मंचन में परशुराम ने क्रोधित होकर धनुष तोड़ने को लेकर पूछा तो लक्ष्मण ने कहा कि यह एक साधारण धनुष है। इसको लेकर इतना क्रोधित होने की आवश्यकता नहीं है। इस पर परशुराम का क्रोध और बढ़ गया। इस दौरान भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ।
इसके बाद श्रीराम के हस्तक्षेप करने पर उन्हें श्रीराम के दिव्य रूप का बोध हुआ। इसके बाद कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगने का मंचन दिखाया गया। इसमें भरत के राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। वहीं, बाद में श्रीराम ने कैकेयी से वन जाने की आज्ञा मांगी। अंत के मंचन में लक्ष्मण व सीता भी राम के साथ वन जाने के संवाद का दृश्य दिखाया गया।
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वहीं, शहर के भगत चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में भी सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम ने भगवान शंकर का धनुष तोड़ा। वहीं, इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच धनुष तोड़ने को लेकर तीखे संवाद का मंचन किया गया।
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रामलीला मंचन में परशुराम ने क्रोधित होकर धनुष तोड़ने को लेकर पूछा तो लक्ष्मण ने कहा कि यह एक साधारण धनुष है। इसको लेकर इतना क्रोधित होने की आवश्यकता नहीं है। इस पर परशुराम का क्रोध और बढ़ गया। इस दौरान भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ।
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इसके बाद श्रीराम के हस्तक्षेप करने पर उन्हें श्रीराम के दिव्य रूप का बोध हुआ। इसके बाद कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगने का मंचन दिखाया गया। इसमें भरत के राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। वहीं, बाद में श्रीराम ने कैकेयी से वन जाने की आज्ञा मांगी। अंत के मंचन में लक्ष्मण व सीता भी राम के साथ वन जाने के संवाद का दृश्य दिखाया गया।
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वहीं, शहर के भगत चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में भी सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम ने भगवान शंकर का धनुष तोड़ा। वहीं, इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच धनुष तोड़ने को लेकर तीखे संवाद का मंचन किया गया।