Dharmendra Murder case: पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, पत्रकार हत्या मामले में आरोपी गिरफ्तार
झज्जर में हुई पत्रकार की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी अभी फरार चल रहा है। बीती 18 मई को यह हत्या हुई थी। डिटेल में पढ़ें खबर...
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पत्रकार लुहारी निवासी धर्मेंद्र की हत्या के मामले की गुत्थी को पुलिस ने डेढ़ माह बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी गांव लुहारी निवासी अंकित को गिरफ्तार किया है जबकि एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पकडे़ गए आरोपी अंकित को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
ये था विवाद
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अंकित ने अपने साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक धर्मेंद्र व हत्या आरोपियों का क्षेत्र में ही किसी कंपनी में लेबर सप्लाई करने का काम था। इसी को लेकर इनका विवाद भी रहता था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात में प्रयोग किया गया हथियार उसका साथी लेकर आया था।
अंकित को पहले से ही पता था कि धर्मेंद्र हर रोज घूमने के लिए बाहर जाता है। इसी बात का फायदा उठाते हुए अंकित अपने साथी के साथ खेत के रास्ते धर्मेंद्र के मकान से कुछ दूरी पर एचपी पेट्रोल के कार्यालय के नजदीक सड़क के किनारे पेड़ों में छुपकर बैठ गए। जैसे ही धर्मेंद्र वहां पर आया तो अंकित ने उस पर गोलियां चला दीं। पहली ही गोली धर्मेंद्र के सिर में लगी थी।
हत्या मामले में एक आरोपी फरार
पुलिस आयुक्त डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी सुमित नामक एक युवक की गिरफ्तारी होनी बाकी है। पूछताछ के दौरान अंकित ने धर्मेंद्र की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की है। उसने कहा है कि दूसरा आरोपी सुमित अंकित का दोस्त है और उसने ही धर्मेंद्र की हत्या का प्लान बनाया था और वही पिस्टल लेकर आया था। सुमित की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
18 मई को हुई थी हत्या
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतक के लड़के आशीष ने पुलिस को सूचना दी थी कि हमारा घर लुहारी पटौदी सड़क पर है। 18 मई की शाम को उसके पिता खाना खाकर सड़क के किनारे घूमने के लिए गए हुए थे। उसके ही गांव के एक व्यक्ति ने बताया था कि उसके पिता धर्मेंद्र घायल अवस्था में गिरे हुए हैं। सूचना पर वह तुरंत गांव की तरफ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेट लिमिटेड के पास पहुंचा तो उसने देखा कि उसके पिता के सिर से खून बह रहा है, जिसे हम इलाज के लिए पहले हेलीमंडी लेकर आए, जहां से उन्हें तुरंत मानेसर के निजी अस्पताल में भेज दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या का आपराधिक मामला दर्ज किया था।
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