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झज्जर में डीएपी के साथ बढ़ने लगी यूरिया खाद की डिमांड
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झज्जर। जिले में अब डीएपी के साथ यूरिया खाद की डिमांड भी बढ़ने लगी है। किसान सुबह ही बिक्री केंद्रों पर खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। सरसों की सिंचाई के साथ यूरिया का छिड़काव भी किया जा रहा है। भिवानी में डीएपी व यूरिया खाद का रैक लगने पर झज्जर को 6000 बैग यूरिया व 5000 बैग डीएपी खाद मिला है। डीएपी व यूरिया खाद की गेहूं की बिजाई होने के कारण मांग बढ़ी है। गेहूं की बिजाई को लेकर कृषि विभाग की ओर से भिवानी में लगे रैक से डीएपी के 5 हजार बैग खाद के भी मंगवाए गए हैं ताकि किसानों को कोई परेशानी बिजाई के दौरान न हो। इसके अलावा हरियाणा भूमि सुधार विकास निगम झज्जर में विभाग की ओर से 625 बैग यूरिया के पहुंचाए गए हैं, ताकि किसान बीज के साथ यूरिया खाद भी खरीद सकें।
जिला कृषि एवं गुणवत्ता एवं नियंत्रक अधिकारी ने बताया कि रोहतक में रैक लगने पर 6 हजार बैग यूरिया के जिले को और मिलेंगे। यूरिया व डीएपी खाद इफ्को व सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंचाए जा रहे हैं। कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की ओर से अब डीएपी खाद से ज्यादा यूरिया की मांग बढ़ रही है। जिसके चलते यूरिया खाद ज्यादा मात्रा में मंगवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में ढाई लाख एकड़ में बिजाई गेहूं की जानी है। जिले में करीब 70 फीसदी जमीन पर गेहूं की बिजाई हो चुकी है और 30 फीसदी गेहूं की बिजाई शेष बची है। इसके अलावा काफी भूमि में धान के अवशेष बचे हैं और किसान भूमि को सुधारने का काम कर रहे हैं। जिले के क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी बनी हुई है उन्होंने बताया कि अब की बार नहीं लगता कि ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई हो पाएगी। जिले में डीएपी व यूरिया खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की बिजाई की जा रही है लेकिन डीएपी खाद का संकट बरकरार है, डीएपी खाद खरीदने के लिए सुबह से ही लाइनों में लगना पड़ रहा है।
वर्जन
एक-दो दिन में रोहतक में लगने वाले रैक से झज्जर को 6000 बैग यूरिया और डीएपी खाद मिलेगा। किसानों को डीएपी व यूरिया की कमी नहीं आने दी जाएगी। गेहूं की पछेती बिजाई चल रही है। झज्जर को दूसरे जिले में लगने वाले रैक से खाद की आपूर्ति होती रहेगी।
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- डॉ जसबीर सिंह, कृषि गुणवत्ता एवं नियंत्रक अधिकारी, झज्जर।
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जिला कृषि एवं गुणवत्ता एवं नियंत्रक अधिकारी ने बताया कि रोहतक में रैक लगने पर 6 हजार बैग यूरिया के जिले को और मिलेंगे। यूरिया व डीएपी खाद इफ्को व सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंचाए जा रहे हैं। कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की ओर से अब डीएपी खाद से ज्यादा यूरिया की मांग बढ़ रही है। जिसके चलते यूरिया खाद ज्यादा मात्रा में मंगवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में ढाई लाख एकड़ में बिजाई गेहूं की जानी है। जिले में करीब 70 फीसदी जमीन पर गेहूं की बिजाई हो चुकी है और 30 फीसदी गेहूं की बिजाई शेष बची है। इसके अलावा काफी भूमि में धान के अवशेष बचे हैं और किसान भूमि को सुधारने का काम कर रहे हैं। जिले के क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी बनी हुई है उन्होंने बताया कि अब की बार नहीं लगता कि ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई हो पाएगी। जिले में डीएपी व यूरिया खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की बिजाई की जा रही है लेकिन डीएपी खाद का संकट बरकरार है, डीएपी खाद खरीदने के लिए सुबह से ही लाइनों में लगना पड़ रहा है।
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वर्जन
एक-दो दिन में रोहतक में लगने वाले रैक से झज्जर को 6000 बैग यूरिया और डीएपी खाद मिलेगा। किसानों को डीएपी व यूरिया की कमी नहीं आने दी जाएगी। गेहूं की पछेती बिजाई चल रही है। झज्जर को दूसरे जिले में लगने वाले रैक से खाद की आपूर्ति होती रहेगी।
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- डॉ जसबीर सिंह, कृषि गुणवत्ता एवं नियंत्रक अधिकारी, झज्जर।