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जाम खुला, बार्डर सील
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
Updated Tue, 23 Sep 2014 12:41 AM IST
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गोहत्या और गोतस्करी रोकने के लिए पुलिस कड़ा पहरा देगी। जिला पुलिस ने गोहत्या और गोतस्करी संभावित क्षेत्र को अति संवेदनशील इलाके के तौर पर चिह्नित करके पूरे बार्डर को सील कर दिया है।
जगह-जगह स्थायी नाके भी लगा दिए गए हैं। साथ ही, रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। झज्जर की सीमा में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे पर भी अलग से पैदल व वाहन द्वारा गश्त पार्टियां तैनात कर दी गई है।
एसपी बलबीर सिंह ने जिले के रेवाड़ी रोड के गांव खखाना से लेकर याकूबपुर, बादली, गुभाना माजरी और बहादुरगढ़ तक के इलाके को अति संवेदनशील इलाके के तौर पर चिह्नित किया है।
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इस पूरे इलाके की सीमाएं सील कर दी गई हैं। एसपी ने बताया कि इस इलाके में जहां से भी किसी गाड़ी से अथवा पैदल किसी तरह की गोतस्करी या गोहत्या की संभावना हो सकती है, वहां-वहां पर पुलिस द्वारा जगह-जगह पर स्थायी नाके लगा दिए गए हैं।
इन नाकों पर पुलिस कर्मचारियों को हथियारों व अन्य साजो सामान सहित तैनात किया गया है। नाकों के अलावा इस पूरे इलाके को सेक्टरों में बांधकर अलग-अलग गश्त पार्टियां लगा दी गई हैं।
इन गश्त पार्टियों में कुछ पैदल गश्त करेंगे और कुछ वाहनों द्वारा गश्त करेंगे। केएमपी एक्सप्रेस वे पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है।
इन सभी पुलिस पार्टियों व नाकों पर निगरानी रखने के लिए दो पुलिस उप अधीक्षकों को तैनात किया गया है। इन सभी में लगभग तीन सौ पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। इन ड्यूटियों के अतिरिक्त संबंधित थाना प्रबंधक व चौकी इंचार्ज भी अपने इलाके में कड़ी निगरानी रखेंगे।
एसपी बलबीर सिंह ने जिला के गोरक्षकों एवं गोभक्तों से भी पुलिस को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव में खुले में घूमने वाले पशुओं विशेषकर गायों पर निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए ताकि पुलिस तुरंत कार्यवाही करके इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगा सके।
जाम खुलवाने में करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
गोहत्या और गोतस्करी के खिलाफ दो दिन से पूरी तरह जाम रहे इलाके को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
डीसी डॉ. चंद्रशेखर और एसपी बलबीर सिंह देर रात को कलोई और याकूबपुर में ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए समझाते रहे। हालांकि उनके प्रयास सफल हुए और ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने गोभक्तों को भरोसा दिलाया कि गायों की रक्षा और सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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जगह-जगह स्थायी नाके भी लगा दिए गए हैं। साथ ही, रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। झज्जर की सीमा में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे पर भी अलग से पैदल व वाहन द्वारा गश्त पार्टियां तैनात कर दी गई है।
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एसपी बलबीर सिंह ने जिले के रेवाड़ी रोड के गांव खखाना से लेकर याकूबपुर, बादली, गुभाना माजरी और बहादुरगढ़ तक के इलाके को अति संवेदनशील इलाके के तौर पर चिह्नित किया है।
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इस पूरे इलाके की सीमाएं सील कर दी गई हैं। एसपी ने बताया कि इस इलाके में जहां से भी किसी गाड़ी से अथवा पैदल किसी तरह की गोतस्करी या गोहत्या की संभावना हो सकती है, वहां-वहां पर पुलिस द्वारा जगह-जगह पर स्थायी नाके लगा दिए गए हैं।
इन नाकों पर पुलिस कर्मचारियों को हथियारों व अन्य साजो सामान सहित तैनात किया गया है। नाकों के अलावा इस पूरे इलाके को सेक्टरों में बांधकर अलग-अलग गश्त पार्टियां लगा दी गई हैं।
इन गश्त पार्टियों में कुछ पैदल गश्त करेंगे और कुछ वाहनों द्वारा गश्त करेंगे। केएमपी एक्सप्रेस वे पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है।
इन सभी पुलिस पार्टियों व नाकों पर निगरानी रखने के लिए दो पुलिस उप अधीक्षकों को तैनात किया गया है। इन सभी में लगभग तीन सौ पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। इन ड्यूटियों के अतिरिक्त संबंधित थाना प्रबंधक व चौकी इंचार्ज भी अपने इलाके में कड़ी निगरानी रखेंगे।
एसपी बलबीर सिंह ने जिला के गोरक्षकों एवं गोभक्तों से भी पुलिस को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव में खुले में घूमने वाले पशुओं विशेषकर गायों पर निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए ताकि पुलिस तुरंत कार्यवाही करके इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगा सके।
जाम खुलवाने में करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
गोहत्या और गोतस्करी के खिलाफ दो दिन से पूरी तरह जाम रहे इलाके को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
डीसी डॉ. चंद्रशेखर और एसपी बलबीर सिंह देर रात को कलोई और याकूबपुर में ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए समझाते रहे। हालांकि उनके प्रयास सफल हुए और ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने गोभक्तों को भरोसा दिलाया कि गायों की रक्षा और सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।