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डेंगू के रेपिड टेस्ट में एक मिला पॉजिटिव
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बार-बार हो रही बारिश स्वास्थ्य विभाग की धड़कने बढ़ा रही है। क्योंकि मच्छर का लार्वा पनपने के लिए जगह-जगह बारिश से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे मच्छर पैदा होने की संभावनाएं और अधिक तेज होती जा रही हैं। जिले में डेंगू को लेकर यह पीक सीजन माना जा रहा है।
इस बार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले करीब एक माह में 273 डेंगू आशंकित मरीजों के सैंपलों की जांच की गई है। इनमें से एक भी मरीज डेंगू से पीड़ित नहीं मिला है। मानसून की बारिश के बाद मच्छरों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अब तक निजी अस्पताल से रेपिड टेस्ट में एक मरीज डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। जिसे विभाग की तरफ से अब तक डेंगू आशंकित केस माना जा रहा है। एलाइजा जांच होने के बाद ही इसे डेंगू का मरीज माना जाएगा। अगर एलाइजा जांच में यह पॉजिटिव आता है तो इसके घर व आसपास में फोगिंग करवाई जाएगी। यह मरीज दिल्ली का होने की वजह से इसकी रिपोर्ट दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग को भी भेजी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर झज्जर नगर परिषद की तरफ से शहर में फॉगिंग का कार्य शुरू करवा दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में नगर परिषद के कर्मचारी मशीन लेकर फॉगिंग कर रहे हैं।
सरकार की तरफ से झज्जर व बहादुरगढ़ में एलाइजा जांच के लिए सामान्य अस्पतालों में प्रयोगशाला स्थापित की गई हैं। यहां विभाग की तरफ से डेंगू की मुफ्त जांच की जा रही है। जबकि जिले में डेेंगू की एलाइजा जांच के लिए सरकार की तरफ से प्राइवेट प्रयोगशाला में 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
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डेंगू व मलेरिया के मच्छर के लार्वा की जांच के लिए जिले में 129 टीमें घर-घर जाकर एंटी लार्वा गतिविधियां चला रही हैं। विभाग तरफ से यह अभियान निरंतर रूप से चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें घर-घर जा रही हैं।
लोगों को डेंगू और मलेरिया बीमारी से सावधान रहने की आवश्यकता है। अपने घरों के आसपास पानी न भरने दें। अगर पानी भरा हुआ है तो उसमें कोई भी खराब तेल डाल दें, ताकि मच्छर का लार्वा पैदा ना हो सके। वहीं, पूरे शरीर को ढक कर रखने वाले कपड़े पहनें। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। - डॉ. सरिता गोरी, उप सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी, मलेरिया, झज्जर।
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इस बार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले करीब एक माह में 273 डेंगू आशंकित मरीजों के सैंपलों की जांच की गई है। इनमें से एक भी मरीज डेंगू से पीड़ित नहीं मिला है। मानसून की बारिश के बाद मच्छरों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अब तक निजी अस्पताल से रेपिड टेस्ट में एक मरीज डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। जिसे विभाग की तरफ से अब तक डेंगू आशंकित केस माना जा रहा है। एलाइजा जांच होने के बाद ही इसे डेंगू का मरीज माना जाएगा। अगर एलाइजा जांच में यह पॉजिटिव आता है तो इसके घर व आसपास में फोगिंग करवाई जाएगी। यह मरीज दिल्ली का होने की वजह से इसकी रिपोर्ट दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग को भी भेजी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर झज्जर नगर परिषद की तरफ से शहर में फॉगिंग का कार्य शुरू करवा दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में नगर परिषद के कर्मचारी मशीन लेकर फॉगिंग कर रहे हैं।
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सरकार की तरफ से झज्जर व बहादुरगढ़ में एलाइजा जांच के लिए सामान्य अस्पतालों में प्रयोगशाला स्थापित की गई हैं। यहां विभाग की तरफ से डेंगू की मुफ्त जांच की जा रही है। जबकि जिले में डेेंगू की एलाइजा जांच के लिए सरकार की तरफ से प्राइवेट प्रयोगशाला में 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
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डेंगू व मलेरिया के मच्छर के लार्वा की जांच के लिए जिले में 129 टीमें घर-घर जाकर एंटी लार्वा गतिविधियां चला रही हैं। विभाग तरफ से यह अभियान निरंतर रूप से चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें घर-घर जा रही हैं।
लोगों को डेंगू और मलेरिया बीमारी से सावधान रहने की आवश्यकता है। अपने घरों के आसपास पानी न भरने दें। अगर पानी भरा हुआ है तो उसमें कोई भी खराब तेल डाल दें, ताकि मच्छर का लार्वा पैदा ना हो सके। वहीं, पूरे शरीर को ढक कर रखने वाले कपड़े पहनें। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। - डॉ. सरिता गोरी, उप सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी, मलेरिया, झज्जर।