जिले भर में 500 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर
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नियमित करने की मांगों को लेकर जिले भर के पांच सौ एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने मंगलवार को स्थानीय नागरिक अस्पताल में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। एक साथ पांच सौ कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा। अस्पताल परिसर में जिधर देखो, उधर ही मरीज और उनके तीमारदार भटकते नजर आएं। जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण एंबुलेंस चालकों ने भी एक्सीडेंट मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में एंबुलेंस गाड़ियां नहीं चलाईं। अस्पताल परिसर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नर्स और अन्य संबंधित कार्य करते नजर आए। उधर, मंगलवार सुबह से ही जिले भर से कर्मचारी नागरिक अस्पताल परिसर में एकत्रित होना शुरू हो गए। दोपहर कर्मचारियों की संख्या तीन तक पहुंच गई, कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या ज्यादा दिखाई दी। दिनभर कर्मचारी नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते अस्पताल परिसर कर्मचारियों के नारों से गूंजता रहा।
कौन-कौन से कर्मचारी रहे हड़ताल पर एनएचएम के तहत कार्यरत डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन (एलटी) औषधाकारक, एकाउंट असिस्टेंट, इनफोरमेशन असिस्टेंट, मोबाइल हेल्थ टीम, एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
क्या है प्रमुख मांगें
कर्मचारी नेता संदीप जांगड़ा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगे एनएचएम के तहत कार्यरत किसी भी कर्मचारियों को न हटाया जाए। पॉलिसी बनाकर जल्द सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नियमित करने तक समान कार्य समान वेतनमान दिया जाए। ठेकेदारी प्रथा बंद की जाए। छंटनी पॉलिसी वापिस ली जाएं आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अगर जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में आंदोलन तेज किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
हड़ताल का दिखा व्यापक असर
एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के तहत कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन कार्ड बनवाने से लेकर, डॉक्टर के पास जांच करवाने, दवाइयां लेेने, बीमारी से संबंधित टेस्ट करवाने आदि सभी स्थानों पर भीड़ लगी रही। हड़ताल का खास असर उस समय देखने को मिला जहां अलग-अलग स्थानों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नर्स या फिर अटेेंडेंट का कार्य करते दिखाई दिए।
क्या कहते हैं मरीज
अपने खून की जांच करवाने आई महिला निर्मला का कहना है कि कई घंटों से लाइन में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं आ रहा है। अस्पताल में आकर ही पता चला है कि हड़ताल है। जिसके चलते परेशानी हो रही है।
एक अन्य बुजुर्ग राम सिंह का कहना था कि डॉक्टर तो बैठे हैं, लेकिन भीड़ होने के कारण नंबर नहीं आ रहा है। पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में लगे, फिर डॉक्टर के पास और अब टेस्ट करवाने के लिए, बहुत परेशानी हो रही है।
मांगों को लेकर एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के तहत कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल है। अगर सरकार फिर भी उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
-सुरेंद्र सिंह, जिला प्रधान।