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मेट्रो ट्रैक निर्माण के दौरान गिरा मलबा, बड़ा हादसा टला
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
Updated Tue, 20 Dec 2016 01:21 AM IST
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बहादुरगढ़। यदि आप रोहतक-दिल्ली मार्ग पर चल रहे हैं तो जरा संभल के..किसी भी वक्त आप हादसे का शिकार हो सकते हैं। जी हां, मेट्रो ट्रैक निर्माण के दौरान बरती जा रही लापरवाही किसी भी वक्त बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। सोमवार को एमआइई मेट्रो स्टेशन के पास लेंटर का मलबा और शैटरिंग का सामान नीचे गिर गया। इससे जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, मगर आसपास के दुकानदार और वाहन बुरी तरह से घबरा गए। लोगों में हड़कंप मच गया।
सोमवार को एमआईई मेट्रो स्टेशन के पास मेट्रो ट्रैक निर्माण कार्य चल रहा था। शाम करीब साढ़े छह बजे बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स (बीसीसीआई) के ठीक सामने लेंटर का मलबा और शैटरिंग का सामान अचानक गिर गया। मलबा गिरने से कोई बड़ा हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों की भीड़ हो गई। मार्ग पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। इस हादसे पर गुस्साए आसपास के दुकानदारों ने मेट्रो अधिकारियों व कर्मचारियों से खूब बहस की। लोगों ने डीएमआरसी के खिलाफ नारेबाजी भी की।
कार पर गिरा मलबा!
श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि वो अपने आफिस के अंदर थे। एकदम बहुत तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर आकर देखा तो ऊपर ट्रैक से मलबा गिरा हुआ था। उन्होंने बताया यह मलबा एक कार पर भी गिरा। कार में तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि उनको चोट नहीं आई। तेजी से दो-तीन कर्मचारियों ने मलबा उठा लिया और एक कर्मचारी ने सड़क पर बेरिकेड अड़ा दिया। आरबी यादव ने कहा कि उनकी एमआइई मेट्रो स्टेशन के पास दुकान है। वह शाम को चंडीगढ़ से लौटे। गाड़ी खड़ी की ही थी कि ऊपर से मलबा गिर गया। इस हादसे में वे बाल-बाल बचे। उन्होंने कहा कि मौके पर प्रशासनिक, मेट्रो और कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा।
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मेट्रो कर्मी भी घायल
दुकानदार आनंद ने कहा कि मलबे गिरने से कर्मचारी भी घायल हुए हैं। उन्होंने खुद अपनी आंखों से देखा कि मलबा गिरा तो दो कमर्चारी मलबे में थे। तेजी से अन्य कर्मचारी आए और उन्हें उठाकर ले गए। बाद में मौके पर आए कुछ अधिकारियों ने यहां तैनात कर्मचारियों को बुलाकर पूछा। एक कर्मचारी के कपड़े मलबे से भरे हुए थे। अधिकारियों ने किसी भी कर्मचारी के घायल होने से इंकार कर दिया।
कार्यशैली पर सवाल
मौके पर मौजूद कई लोगों ने मेट्रो कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बलजीत नांदल ने कहा कि नीचे वाहन चल रहे हैं और ऊपर ट्रैक निर्माण के लिए लेंटर डाला जाना कहां समझदारी की बात है। सुबह-शाम के वक्त मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक होता है, ऐसे में उस समय तो ऐसा काम होना ही नहीं चाहिए। चिराग ने कहा कि डीएमआरसी को रात के समय मार्ग डायवर्ट या दूसरी व्यवस्था करके काम करना चाहिए। सुरक्षा के बंदोबस्त भी पुख्ता होने चाहिए। कंस्ट्रक्शन साइट के आसपास सड़क पर कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए।
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सोमवार को एमआईई मेट्रो स्टेशन के पास मेट्रो ट्रैक निर्माण कार्य चल रहा था। शाम करीब साढ़े छह बजे बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स (बीसीसीआई) के ठीक सामने लेंटर का मलबा और शैटरिंग का सामान अचानक गिर गया। मलबा गिरने से कोई बड़ा हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों की भीड़ हो गई। मार्ग पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। इस हादसे पर गुस्साए आसपास के दुकानदारों ने मेट्रो अधिकारियों व कर्मचारियों से खूब बहस की। लोगों ने डीएमआरसी के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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कार पर गिरा मलबा!
श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि वो अपने आफिस के अंदर थे। एकदम बहुत तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर आकर देखा तो ऊपर ट्रैक से मलबा गिरा हुआ था। उन्होंने बताया यह मलबा एक कार पर भी गिरा। कार में तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि उनको चोट नहीं आई। तेजी से दो-तीन कर्मचारियों ने मलबा उठा लिया और एक कर्मचारी ने सड़क पर बेरिकेड अड़ा दिया। आरबी यादव ने कहा कि उनकी एमआइई मेट्रो स्टेशन के पास दुकान है। वह शाम को चंडीगढ़ से लौटे। गाड़ी खड़ी की ही थी कि ऊपर से मलबा गिर गया। इस हादसे में वे बाल-बाल बचे। उन्होंने कहा कि मौके पर प्रशासनिक, मेट्रो और कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा।
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मेट्रो कर्मी भी घायल
दुकानदार आनंद ने कहा कि मलबे गिरने से कर्मचारी भी घायल हुए हैं। उन्होंने खुद अपनी आंखों से देखा कि मलबा गिरा तो दो कमर्चारी मलबे में थे। तेजी से अन्य कर्मचारी आए और उन्हें उठाकर ले गए। बाद में मौके पर आए कुछ अधिकारियों ने यहां तैनात कर्मचारियों को बुलाकर पूछा। एक कर्मचारी के कपड़े मलबे से भरे हुए थे। अधिकारियों ने किसी भी कर्मचारी के घायल होने से इंकार कर दिया।
कार्यशैली पर सवाल
मौके पर मौजूद कई लोगों ने मेट्रो कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बलजीत नांदल ने कहा कि नीचे वाहन चल रहे हैं और ऊपर ट्रैक निर्माण के लिए लेंटर डाला जाना कहां समझदारी की बात है। सुबह-शाम के वक्त मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक होता है, ऐसे में उस समय तो ऐसा काम होना ही नहीं चाहिए। चिराग ने कहा कि डीएमआरसी को रात के समय मार्ग डायवर्ट या दूसरी व्यवस्था करके काम करना चाहिए। सुरक्षा के बंदोबस्त भी पुख्ता होने चाहिए। कंस्ट्रक्शन साइट के आसपास सड़क पर कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए।