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जिला परिषद चेयरमैन का औचक निरीक्षण सीएचसी में मिली लापरवाही
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:53 AM IST
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निरीक्षण
- फोटो : bureau
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की ओर से चिकित्सकों को ड्यूटी में गंभीरता बरतने के लिए बार-बार दी जा रही हिदायतों की अस्पतालों में धज्जियां उड़ रही हैं। बादली और जहांगीरपुर स्थित सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की लापरवाही के मामले में प्रदेश सरकार जहां संज्ञान ले रही थी वहीं शुक्रवार को जिला परिषद चेयरमैन के औचक निरीक्षण के दौरान छारा स्थित सीएचसी में 80 प्रतिशत चिकित्सक और कर्मचारी गैर हाजिर मिले। औचक निरीक्षण में सीएचसी प्रमुख एवं एसएमओ का हाजरी कालम भी 3 दिनों से खाली पड़ा था।
जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सौलधा शुक्रवार दोपहर अचानक छारा स्थित सीएचसी में औचक निरीक्षण के लिए पंहुचे।
सबसे पहले तो लाल बत्ती वाली गाड़ी और मीडियाकर्मियों को सीएचसी में देखकर वहां मौजूद कर्मचारी दौड़कर हाजरी लगाने के कार्यालय की ओर दौड़े। सीएचसी में चिकित्सकों सहित 18 कर्मचारी नियुक्त है मगर वहां पर मात्र 6 कर्मचारी ही मौजूद मिले। हाजरी रजिस्ट्रर में गैर हाजिर चिकित्सक के हस्ताक्षर थे तो किसी चिकित्सक का दो से तीन दिनों तक का कॉलम खाली पड़ा था। एसएमओ अनिल कुमार का कालम भी तीन दिनों से खाली पड़ा था। निरीक्षण के दौरान डाक्टरों के रूम पर ताला लटका हुआ था। दो चिकित्सक तो दो दिन से बिना किसी सूचना के गैर हाजिर चल रहे थे। उनके हाजरी रजिस्टर का कॉलम भी दो दिन से खाली छोड़ा हुआ मिला।
सीएचसी में मौजूद एमओ सरिता भी चेयरमैन को सीएचसी के हालातों से अवगत नहीं करा सकी और अन्य चिकित्सकों के बचाव में जवाब देती रही। हालांकि उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया मगर चिकित्सकों की लापरवाही को उन्होंने भी दबी जुबान में मान लिया। औचक निरीक्षण के दौरान चेयरमैन के साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष योगेश सिलानी और पार्षद सुनील भी रहे।
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बोले ग्रामीण
सीएचसी में इलाज कराने आए रोगी सुनील ने बताया कि चिकित्सकों का गैर हाजिर होना कोई नई बात नहीं है। कभी कभार ही चिकित्सक अपने रूम और कुर्सी पर मिलते हैं। ऐेसे में रोगियों की परेशानी का कोई पैमाना नहीं है। रोगी एक तो अपने रोग से ही परेशान होते हैं और दूसरा चिकित्सकों द्वारा समय पर इलाज न करने से उनकी दिक्कत बढ़ जाती है।
सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
चेयरमैन परमजीत सौलधा ने चिकित्सकों की गैर हाजरी पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम है जिसे प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगी। छारा सीएचसी में जो लापरवाही उजागर हुई है उसकी रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।
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जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सौलधा शुक्रवार दोपहर अचानक छारा स्थित सीएचसी में औचक निरीक्षण के लिए पंहुचे।
सबसे पहले तो लाल बत्ती वाली गाड़ी और मीडियाकर्मियों को सीएचसी में देखकर वहां मौजूद कर्मचारी दौड़कर हाजरी लगाने के कार्यालय की ओर दौड़े। सीएचसी में चिकित्सकों सहित 18 कर्मचारी नियुक्त है मगर वहां पर मात्र 6 कर्मचारी ही मौजूद मिले। हाजरी रजिस्ट्रर में गैर हाजिर चिकित्सक के हस्ताक्षर थे तो किसी चिकित्सक का दो से तीन दिनों तक का कॉलम खाली पड़ा था। एसएमओ अनिल कुमार का कालम भी तीन दिनों से खाली पड़ा था। निरीक्षण के दौरान डाक्टरों के रूम पर ताला लटका हुआ था। दो चिकित्सक तो दो दिन से बिना किसी सूचना के गैर हाजिर चल रहे थे। उनके हाजरी रजिस्टर का कॉलम भी दो दिन से खाली छोड़ा हुआ मिला।
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सीएचसी में मौजूद एमओ सरिता भी चेयरमैन को सीएचसी के हालातों से अवगत नहीं करा सकी और अन्य चिकित्सकों के बचाव में जवाब देती रही। हालांकि उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया मगर चिकित्सकों की लापरवाही को उन्होंने भी दबी जुबान में मान लिया। औचक निरीक्षण के दौरान चेयरमैन के साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष योगेश सिलानी और पार्षद सुनील भी रहे।
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बोले ग्रामीण
सीएचसी में इलाज कराने आए रोगी सुनील ने बताया कि चिकित्सकों का गैर हाजिर होना कोई नई बात नहीं है। कभी कभार ही चिकित्सक अपने रूम और कुर्सी पर मिलते हैं। ऐेसे में रोगियों की परेशानी का कोई पैमाना नहीं है। रोगी एक तो अपने रोग से ही परेशान होते हैं और दूसरा चिकित्सकों द्वारा समय पर इलाज न करने से उनकी दिक्कत बढ़ जाती है।
सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
चेयरमैन परमजीत सौलधा ने चिकित्सकों की गैर हाजरी पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम है जिसे प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगी। छारा सीएचसी में जो लापरवाही उजागर हुई है उसकी रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।