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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मातृशक्ति उद्यमिता योजना कारगर : डीसी
Sat, 30 Nov 2024 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:17 AM IST
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झज्जर।
हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से मातृशक्ति उद्यमिता योजना की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक ऋण दिलाने की व्यवस्था की गई है। चालू वित्त वर्ष में 40 मामलों का लक्ष्य रखा गया है, यह योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि योजना के तहत वहीं महिला पात्र होंगी व लाभ उठा पाएंगी जोकि हरियाणा की स्थाई निवासी होंगी व जिनकी 5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय होगी। ऋण के लिए आवेदन के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्त का भुगतान करने पर 3 वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि सरकार की ओर से महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं तथा आवेदक के पास उपरोक्त सभी दस्तावेजों की दो-दो कॉपी होनी चाहिए।
इन व्यवसायों के लिए मिलेगा ऋण
इन गतिविधियों में यातायात वाहन के तहत ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढोने के वाहन, थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा, टैक्सी, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोस्टेट की दुकान, पापड़ बनाना, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शुरू कर सकती है।
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हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से मातृशक्ति उद्यमिता योजना की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक ऋण दिलाने की व्यवस्था की गई है। चालू वित्त वर्ष में 40 मामलों का लक्ष्य रखा गया है, यह योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि योजना के तहत वहीं महिला पात्र होंगी व लाभ उठा पाएंगी जोकि हरियाणा की स्थाई निवासी होंगी व जिनकी 5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय होगी। ऋण के लिए आवेदन के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्त का भुगतान करने पर 3 वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि सरकार की ओर से महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं तथा आवेदक के पास उपरोक्त सभी दस्तावेजों की दो-दो कॉपी होनी चाहिए।
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इन व्यवसायों के लिए मिलेगा ऋण
इन गतिविधियों में यातायात वाहन के तहत ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढोने के वाहन, थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा, टैक्सी, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोस्टेट की दुकान, पापड़ बनाना, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शुरू कर सकती है।
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