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झज्जर की सीमा से वापस मुड़ा कोसली में बैठा टिड्डी दल पहुंचा कनीना
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जिला की सीमा पर उड़ता टिड्डी दल।
- फोटो : Jhjhar
शनिवार को रेवाड़ी व कोसली की सीमा पर रुका टिड्डी दल हवा के रुख के साथ रविवार की शाम को झज्जर की सीमा में प्रवेश तो कर गया था। लेकिन कुछ मिनट बाद जब हवा का रुख पलटा तो वह महेंद्रगढ़ जिला के कनीना में पहुंच गया था। जबकि चरखी दादरी की तरफ शनिवार की शाम को बढ़ा टिड्डी दल भी लोहरू की तरफ बढ़ गया है। एक बार जिले में टिड्डी दल का खतरा टल गया है। अगर सूर्य ढलने तक हवा के रुख में परिवर्तन नहीं आया तो यह दल और आगे निकल जाएगा। शुक्रवार की शाम को महेंद्रगढ़ जिले में आए टिड्डी दल ने झज्जर जिला के खेड़ा थ्रू व बहुझोलरी गांव में प्रवेश किया था। हालांकि यहां पर टिड्डी दल का अधिक ठहराव नहीं रहा। वह हवा के साथ चरखी दादरी की तरफ मुड़ गया था।
- रात के समय करवाया स्प्रे
टिड्डी दल रेवाड़ी व झज्जर की सीमा पर रात के समय कोसली की तरफ कोसली के बाईपास के पास रात के समय ठहरा हुआ था। रेवाड़ी की सीमा में बैठे टिड्डी दल पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से स्प्रे करवाया गया। वहीं सुबह भी दूसरी बार दवाई का छिड़काव किया गया। जिससे काफी संख्या में टिड्डी मर गई थी। लेकिन खेतों में दवाई का छिड़कवा न होने के कारण काफी टिड्डी बच गई। दिन के समय बारिश होने के कारण वे उड़ान नहीं भर पाई। दोपहर बाद जब करीब तीन बजे धूप खिली तो टिड्डी दल ने उड़ान भरी। कुछ देर झज्जर जिला की सीमा में आसमान में मंडराने के बाद यह दल वापस कनीना की तरफ मुड़ गया और प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों ने राहत की सांस ली।
- प्रशासन रहा अलर्ट
रेवाड़ी जिला की सीमा पर रुके टिड्डी दल को लेकर झज्जर का प्रशासन भी अलर्ट रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी टिड्डी दल को लेकर पूरी तरह से सतर्क दिखाई दिए। अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ जिला की सीमा पर मौजूद रहे। रात के समय भी अधिकारी अपने अमले के साथ साल्हावास में डटे रहे। रविवार की शाम को टिड्डी दल के वापस चले जाने के बाद ही विभाग के अधिकारी झज्जर के लिए रवाना हुए।
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शनिवार खेड़ा थ्रू व बहु गांव के ऊपर से टिड्डी दल दादरी की तरफ चला गया था। वहीं रविवार को कोसली से एक बार झज्जर के गांव की तरफ बढ़ा था, लेकिन हवा का रुख बदलते ही वह कोसली से कनीना की तरफ बढ़ गया। फिलहाल के लिए खतरा टल गया है।
- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि व किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
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- रात के समय करवाया स्प्रे
टिड्डी दल रेवाड़ी व झज्जर की सीमा पर रात के समय कोसली की तरफ कोसली के बाईपास के पास रात के समय ठहरा हुआ था। रेवाड़ी की सीमा में बैठे टिड्डी दल पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से स्प्रे करवाया गया। वहीं सुबह भी दूसरी बार दवाई का छिड़काव किया गया। जिससे काफी संख्या में टिड्डी मर गई थी। लेकिन खेतों में दवाई का छिड़कवा न होने के कारण काफी टिड्डी बच गई। दिन के समय बारिश होने के कारण वे उड़ान नहीं भर पाई। दोपहर बाद जब करीब तीन बजे धूप खिली तो टिड्डी दल ने उड़ान भरी। कुछ देर झज्जर जिला की सीमा में आसमान में मंडराने के बाद यह दल वापस कनीना की तरफ मुड़ गया और प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों ने राहत की सांस ली।
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- प्रशासन रहा अलर्ट
रेवाड़ी जिला की सीमा पर रुके टिड्डी दल को लेकर झज्जर का प्रशासन भी अलर्ट रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी टिड्डी दल को लेकर पूरी तरह से सतर्क दिखाई दिए। अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ जिला की सीमा पर मौजूद रहे। रात के समय भी अधिकारी अपने अमले के साथ साल्हावास में डटे रहे। रविवार की शाम को टिड्डी दल के वापस चले जाने के बाद ही विभाग के अधिकारी झज्जर के लिए रवाना हुए।
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शनिवार खेड़ा थ्रू व बहु गांव के ऊपर से टिड्डी दल दादरी की तरफ चला गया था। वहीं रविवार को कोसली से एक बार झज्जर के गांव की तरफ बढ़ा था, लेकिन हवा का रुख बदलते ही वह कोसली से कनीना की तरफ बढ़ गया। फिलहाल के लिए खतरा टल गया है।
- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि व किसान कल्याण विभाग, झज्जर।