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लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर, भटकते रहे मरीज
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:34 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : bureau
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अपनी मांगों को लेकर सोमवार को लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। यहां तक कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी जांच नहीं हो पाई। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी जांच के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया।
शहर के नागरिक अस्पताल में खून से संबंधित सभी तरह की जांच की जाती हैं। अस्पताल में यूरिन टेस्ट, एचआईवी टेस्ट, मलेरिया टेस्ट, डेंगू टेस्ट, चिकनगुनिया आदि बीमारियों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 200 मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं। हड़ताल होने के कारण सोमवार को एक भी टेस्ट नहीं किया गया।
जिला लैब टेक्नीशियन के प्रधान नरेंद्र ने कहा कि जी माधवन आयोग के आधार पर उनका वेतन 9300-34800 और ग्रेड पे 3600 रुपये लागू की जाए। मलेरिया लैब टेक्नीशियन को जनरल लैब टेक्नीशियन में दर्ज करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर रहे।
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क्या कहते हैं मरीज
महिला रेखा का कहना है कि उसकी बच्ची का वजन कम होने के कारण बीमार रहती है और इसके टेस्ट कराने के लिए आई थी लेकिन हड़ताल होने के कारण टेस्ट नहीं हो पाए। हड़ताल पर बैठे लैब टेक्नीशियन से टेस्ट के लिए पूछा गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
राजरानी ने कहा कि डॉक्टर ने सोमवार को टेस्ट किए जाने की बात कही थी, टेस्ट कराने आए हैं तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। ये सब तो अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठ जाते हैं जिसका भुगतान मरीजों को करना पड़ता है।
किला कॉलोनी निवासी प्रियंका ने बताया कि लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है और जब टैस्ट के लिए गए तो अनुबंधित कर्मचारी ने बताया कि आज हड़ताल है कोई भी नहीं होगा बाहर से करवा लें।
गांव धौड़ की महिला सुदेश का कहना है कि हड़ताल के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल में इमरजेंसी टैस्ट सुविधा भी नहीं की गई।
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शहर के नागरिक अस्पताल में खून से संबंधित सभी तरह की जांच की जाती हैं। अस्पताल में यूरिन टेस्ट, एचआईवी टेस्ट, मलेरिया टेस्ट, डेंगू टेस्ट, चिकनगुनिया आदि बीमारियों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 200 मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं। हड़ताल होने के कारण सोमवार को एक भी टेस्ट नहीं किया गया।
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जिला लैब टेक्नीशियन के प्रधान नरेंद्र ने कहा कि जी माधवन आयोग के आधार पर उनका वेतन 9300-34800 और ग्रेड पे 3600 रुपये लागू की जाए। मलेरिया लैब टेक्नीशियन को जनरल लैब टेक्नीशियन में दर्ज करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर रहे।
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क्या कहते हैं मरीज
महिला रेखा का कहना है कि उसकी बच्ची का वजन कम होने के कारण बीमार रहती है और इसके टेस्ट कराने के लिए आई थी लेकिन हड़ताल होने के कारण टेस्ट नहीं हो पाए। हड़ताल पर बैठे लैब टेक्नीशियन से टेस्ट के लिए पूछा गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
राजरानी ने कहा कि डॉक्टर ने सोमवार को टेस्ट किए जाने की बात कही थी, टेस्ट कराने आए हैं तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। ये सब तो अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठ जाते हैं जिसका भुगतान मरीजों को करना पड़ता है।
किला कॉलोनी निवासी प्रियंका ने बताया कि लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है और जब टैस्ट के लिए गए तो अनुबंधित कर्मचारी ने बताया कि आज हड़ताल है कोई भी नहीं होगा बाहर से करवा लें।
गांव धौड़ की महिला सुदेश का कहना है कि हड़ताल के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल में इमरजेंसी टैस्ट सुविधा भी नहीं की गई।