टीकरी बॉर्डर पर जींद के किसान ने की खुदकुशी

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 01:10 AM IST
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को लेकर टीकरी बॉर्डर पर जारी धरने में शामिल रहने वाले जींद जिले के एक किसान ने बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 बाईपास के साथ लगते पार्क में पेड़ से रस्सी बांधकर गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें किसानों के प्रति केंद्र सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर की गई है।
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जींद जिले की तहसील नरवाना के गांव सिंगवाल निवासी किसान कर्मबीर (52) नवंबर के अंतिम सप्ताह में आंदोलन की शुरुआत से ही टीकरी बॉर्डर धरने में शामिल रहते थे। इस बीच वह दो-तीन बार अपने घर भी गए। वह अपने गांव के किसानों के जत्थे में बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 के साथ बाईपास पर बस स्टैंड के नजदीक ठहरे हुए थे। साथी किसानों ने बताया कि शनिवार की रात को वह 11 बजे के बाद तक उनके साथ ताश खेलते रहे और उसके बाद सो गए। मगर बाद में रात के समय उठकर उन्होंने बाईपास के साथ लगते पार्क में पेड़ से रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सुबह जब साथी किसान नींद से जागे तो उन्होंने कर्मबीर को फंदे पर लटके पाया।

सेक्टर-9 चौकी पुलिस को रविवार की सुबह करीब 7 बजे इसके बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। कर्मबीर के जत्थे में शामिल किसानों ने इसकी सूचना टीकरी बॉर्डर पर किसान कमेटी और कर्मबीर के परिजनों को दी।
पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मृतक किसान के कपड़ों की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसकी जांच की जा रही है। इसमें किसान ने लिखा है कि सरकार बस तारीख पर तारीख दिए जा रही है। लेकिन जब तक ये काले कानून रद्द नहीं होंगे तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
सिंगवाल से आए कर्मबीर के बड़े भाई गुरदेव सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उनकी कर्मबीर से फोन पर बातचीत हुई थी। तब उन्होंने शनिवार को टीकरी बॉर्डर (बहादुरगढ़) आने का वादा किया था। लेकिन अपनी व कर्मबीर की गेहूं की फसल की सिंचाई में व्यस्त होने के कारण वह शनिवार को नहीं आ पाए। कर्मबीर 3 बेटियों का पिता थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां अभी छोटी हैं। पत्नी बीमार रहती है। अब घर में कमाने वाला कोई नहीं रहा।
वकील ने जहर खाकर दी थी जान
किसान आंदोलन के समर्थन में बहादुरगढ़ बाईपास पर नयागांव पकौड़ा चौक के निकट ठहरे पंजाब के फाजिल्का की जलालाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य वकील अमरजीत सिंह ने 27 दिसंबर को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उसने यह कदम उठाने से पहले पीएम के नाम पत्र भी लिखा था। सुसाइड नोट में उन्होंने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया था। पीएम मोदी के नाम पत्र का काफी हिस्सा टाइप किया हुआ था तो कुछ हिस्से में उन्होंने पेन से अपनी बात लिखी थी।

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