झज्जर का बलिदानी कर्ण सिंह: शहीद बेटे के सपने ने पहले ही दी थी अनहोनी की चेतावनी, मां का दिल हुआ था बेचैन
कर्ण सिंह करीब 10 साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। उनकी शादी छह साल पहले बहादुरगढ़ के कुलासी गांव की आरती से हुई थी। शहीद का पार्थिव शरीर लेने के लिए उनके परिजन गुजरात पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि शहीद का शव आज गांव में पहुंचेगा।
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गुजरात में बाढ़ पीड़ितों को बचाने के अभियान के दौरान, भारतीय नौसेना का एक हेलीकॉप्टर अचानक अरब सागर में गिर गया, जिससे झज्जर जिले के डावला गांव के वीर पुत्र कर्ण सिंह शहीद हो गए। इस खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
कर्ण सिंह की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि हादसे से पहले, 2 सितंबर की सुबह उन्होंने अपने बेटे को फोन पर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि बेटा, आज नौकरी पर मत जाना। मैंने सपने में देखा कि जहाज पानी में गिर गया है। लेकिन कर्ण ने मां को दिलासा दिया और कहा कि मां, यह सिर्फ सपना है, कुछ नहीं होगा। इसके बाद कर्ण अपने कर्तव्य पोरबंदर में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चला गया।
शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि कर्ण और उनके क्रू के सदस्य लापता हो गए हैं। इस खबर ने परिवार को चिंता में डाल दिया, लेकिन मौत की पुष्टि तब तक नहीं हुई थी। शहीद कर्ण का भाई अर्जुन और परिवार के अन्य सदस्य तत्काल पोरबंदर के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि कर्ण अब इस दुनिया में नहीं रहे।
परिजनों ने बताया कि कर्ण सिंह 15 दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे हनी का कुआं पूजन धूमधाम से करवाया था। शहीद कर्ण सिंह अपने पीछे मां सुमित्रा देवी, भाई अर्जुन, पत्नी आरती, तीन वर्षीय बेटी परी और एक वर्षीय बेटे हनी को छोड़ गए हैं।
हालांकि, शहीद कर्ण की मां सुमित्रा देवी को अब तक इस दुखद खबर के बारे में नहीं बताया गया है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया है कि कर्ण हादसे का शिकार हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। मां बार-बार अपने बेटे से बात करने की मांग कर रही हैं, लेकिन परिवार असमंजस में है कि उन्हें क्या जवाब दें।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शहीद कर्ण सिंह को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा, "राष्ट्र की सेवा करते हुए शहीद हुए भारतीय तटरक्षक दल के क्रू सदस्य झज्जर के वीर बेटे कर्ण सिंह की शहादत को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम। उनका सर्वोच्च बलिदान देश सदैव याद रखेगा।" पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी सोशल मीडिया पर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
कर्ण सिंह करीब 10 साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। उनकी शादी छह साल पहले बहादुरगढ़ के कुलासी गांव की आरती से हुई थी। शहीद का पार्थिव शरीर लेने के लिए उनके परिजन गुजरात पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि शहीद का शव आज गांव में पहुंचेगा और वीरवार को राजकीय सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।