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पार्षदों ने विकास शुल्क बढ़ाने के नोटिफिकेशन की प्रतियां फूंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 09 Oct 2016 12:42 AM IST
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सरकार द्वारा शहरों में मकान निर्माण के लिए नक्शा एवं विकास शुल्क में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ बहादुरगढ़ नगर परिषद के पार्षदों ने भारी विरोध किया है। शनिवार को इस मसले पर पार्षदों ने मीटिंग की और इस संबंध में जारी किए गए सरकार के नोटिफिकेशन की प्रतियां फूंकी।
नगर परिषद के सभागार में पहुंचे पार्षदों ने सरकार द्वारा विकास शुल्क बढ़ाए जाने का पुरजोर विरोध किया। पूर्व चेयरमैन एवं पार्षद रवि खत्री, मोनिका कपूर राठी, रवींद्र जाखड़, गुरुदेव राठी, पार्षद पति वजीर राठी, राजेश खत्री व रवि खत्री समेत करीब 17 पार्षदों ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने विकास शुल्क में बढ़ोतरी की है वह आम आदमी पर भारी बोझ है। इतनी भारी भरकम फीस की अदायगी कोई नहीं कर पाएगा। मात्र 100 गज के प्लाट में मकान बनाने के लिए करीब 75 हजार रुपये विकास शुल्क के रूप में अदा करने होंगे। पहले के मुकाबले यह कई गुना ज्यादा है।
पार्षदों ने कहा कि अच्छे दिन का नारा देकर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश के लोगों को उजाडने की कोशिश कर रही है। कल तक जो परिवार आशियाना बनाने का सपना संजो रहा था अब उसे गहरा धक्का लगा है। इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी होंगी। एक तो इतना भारी भरकम शुल्क कोई जमा नहीं करवाएगा जिसके कारण स्थानीय निकायों की आमदनी बढने के बजाय घट जाएगी। धन नहीं आएगा तो कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ जाएंगे। दूसरा इस तरह की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढने की भी आशंका रहेगी। विगत में सरकार ने 50 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से कालोनियां वैध की थीं। उसके मुकाबले मौजूदा दर 15 गुना ज्यादा है। सरकार द्वारा कालोनियों में बुनियादी सुविधाएं तो दी नहीं जा रही, उल्टा इतना भारी भरकम शुल्क लादा जा रहा है। इस मीटिंग के दौरान शहर में हाइटेंशन की 3 लाइनों को हटाने के लिए नगर परिषद द्वारा करीब 10 लाख की राशि जमा न करवाए जाने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने सरकार से विकास शुल्क में की बढ़ोतरी को वापस लेने और नगर परिषद द्वारा हाइटेंशन लाइनों को हटवाने के लिए पैसे जमा करवाने की मांग की।
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नगर परिषद के सभागार में पहुंचे पार्षदों ने सरकार द्वारा विकास शुल्क बढ़ाए जाने का पुरजोर विरोध किया। पूर्व चेयरमैन एवं पार्षद रवि खत्री, मोनिका कपूर राठी, रवींद्र जाखड़, गुरुदेव राठी, पार्षद पति वजीर राठी, राजेश खत्री व रवि खत्री समेत करीब 17 पार्षदों ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने विकास शुल्क में बढ़ोतरी की है वह आम आदमी पर भारी बोझ है। इतनी भारी भरकम फीस की अदायगी कोई नहीं कर पाएगा। मात्र 100 गज के प्लाट में मकान बनाने के लिए करीब 75 हजार रुपये विकास शुल्क के रूप में अदा करने होंगे। पहले के मुकाबले यह कई गुना ज्यादा है।
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पार्षदों ने कहा कि अच्छे दिन का नारा देकर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश के लोगों को उजाडने की कोशिश कर रही है। कल तक जो परिवार आशियाना बनाने का सपना संजो रहा था अब उसे गहरा धक्का लगा है। इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी होंगी। एक तो इतना भारी भरकम शुल्क कोई जमा नहीं करवाएगा जिसके कारण स्थानीय निकायों की आमदनी बढने के बजाय घट जाएगी। धन नहीं आएगा तो कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ जाएंगे। दूसरा इस तरह की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढने की भी आशंका रहेगी। विगत में सरकार ने 50 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से कालोनियां वैध की थीं। उसके मुकाबले मौजूदा दर 15 गुना ज्यादा है। सरकार द्वारा कालोनियों में बुनियादी सुविधाएं तो दी नहीं जा रही, उल्टा इतना भारी भरकम शुल्क लादा जा रहा है। इस मीटिंग के दौरान शहर में हाइटेंशन की 3 लाइनों को हटाने के लिए नगर परिषद द्वारा करीब 10 लाख की राशि जमा न करवाए जाने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने सरकार से विकास शुल्क में की बढ़ोतरी को वापस लेने और नगर परिषद द्वारा हाइटेंशन लाइनों को हटवाने के लिए पैसे जमा करवाने की मांग की।
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