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शाम तक हुआ इंतजार, फिर दिल्ली कूच स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:19 AM IST
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- फोटो : Bureau
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राशलवाला चौक पर चल रहे धरने के दौरान रविवार को दिल्ली कूच को लेकर कमेटी के फैसले का शाम तक इंतजार किया जाता रहा। देर शाम कमेटी का संदेश धरनास्थल पर पहुंचा लेकिन तब तक अधिकतर लोग जा चुके थे। कमेटी सदस्यों ने दावा किया है कि सभी लोगों तक दिल्ली कूच स्थगित किए जाने का संदेश पहुंचा दिया जाएगा। अब जाट समुदाय के लोग अब दिल्ली कूच नहीं करेंगे।
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वहीं दिन भर धरने की गतिविधियों को महिलाओं ने संभाला। महिलाओं के द्वारा ही स्टेज का संचालन किया गया। महिला वक्ताओं की संख्या ही रविवार को अधिक रही। धरने के दौरान महिलाओं ने दिल्ली कूच को लेकर सरकार पर जमकर भड़ास निकाली।
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झंडे और स्टीकर किए जा चुके थे वितरित
समिति के द्वारा दिल्ली कूच को लेकर 5 हजार तिरंगे झंडे और स्टीकर वितरित किए जा चुके थे। रविवार को भी काफी संख्या में लोग झंडे लेने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे थे। वहीं तैयारियों को ढीला न होने देने की बात को लेकर धरने पर हलवाइयों की टीम भी पहुंच चुकी थी जो कि समिति का संदेश आने के बाद वापस भेज दिए गए।
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हर पल बनी रही नजर
प्रशासनिक अधिकारियों ने दिल्ली में हो रही वार्ता पर पूरे दिन नजरें टिकाए रखीं। शाम को दिल्ली कूच स्थगित होने की सूचना आने के बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली। इससे पहले पुलिस लाइन में सुबह 9 बजे ही डीसी और एसपी ने पहुंचकर नाकों के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की घोषणा की व उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी।
जिले भर में लगाए गए थे 87 नाके
पुलिस प्रशासन के द्वारा जिले भर में सुरक्षा के लिहाज से 87 नाके लगाए गए थे। जिन पर पैरामिलट्री, मिलट्री और पुलिस के जवान तैनात रहे। वहीं, हर नाके के लिए अलग से ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किया गया था। नाके के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीसी और एसपी संयुक्त रूप से अधिकतर नाकों पर गए और तैनात जवानों से भी मिले।
ठेके रहे बंद, इंटरनेट रहा ठप्प
धारा-144 लगाए जाने के बाद जिले भर के शराब ठेकों को बंद करवा दिया गया था। शराब के ठेके शनिवार रात से ही बंद रहे। वहीं, इंटरनेट सेवाएं भी रविवार को ठप्प रही। वहीं, सरकार के साथ जाटों की वार्ता सफल होने के बाद डीसी ने इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के आदेश जारी कर दिए।
रोडवेज का आधा बेड़ा इमरजेंसी ड्यूटी पर
रोडवेज के झज्जर डिपो का आधे से अधिक बेड़ा इमरजेंसी ड्यूटी पर लगाया गया है। इमरजेंसी ड्यूटी पर जिला प्रशासन की ओर से 57 बसों को रखा गया है। वहीं सूरजकुंड मेेले में कृषि विभाग के द्वारा 30 बसों को ले जाया गया है। इसके अलावा 6 बसें डिपो में बिना चालकों के खड़ी हुई हैं। डिपो के पास जिले भर में केवल 158 बसें है, जिनमें से 93 बसें रविवार को रूट पर नहीं दौड़ पाई। जिसके चलते जिलेभर के तमाम लोकल रूट रोडवेज के द्वारा बंद कर दिए गए। डिपो के द्वारा केवल मुख्य रूटों पर ही बसों को भेजा गया। जीएम बलवंत गोदारा ने बताया कि जाट आंदोलन के चलते डिपो का काफी घाटा उठाना पड़ रहा है।
डीसी ने की शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील
डीसी आरसी बिढाण ने जिले के लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने आस-पास के क्षेत्र में शांति व भाईचारा स्थापित करें। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन जिले में अमन चैन का माहौल कायम करने के लिए पूर प्रयास कर रहा है, वहीं क्षेत्र के लोगों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
समिति के जिलाध्यक्ष जितेंद्र बबला ने बताया कि राशलवाला चौक पर चल रहे धरने को संबोधित करने के लिए यशपाल मलिक सोमवार को 11 बजे पहुंचेंगे। उन्होंने समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग सोमवार को धरने पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 26 मार्च तक सभी धरने जारी रहेंगे।