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शांतिपूर्वक रहा जाटों का धरना, फोर्स रही अलर्ट
अमर उाला ब्यूरो/झज्जर
Updated Mon, 30 Jan 2017 12:04 AM IST
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शहर में फ्लैग मार्च निकालती पुलिस।
- फोटो : amarujala
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राशलवाला चौक पर रविवार सुबह जाटों का धरना हवन-यज्ञ के साथ शुरू हुआ। धरने की अध्यक्षता जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान जितेंद्र धनखड़ कर रहे हैं। वहीं, दूसरे जाट संगठन के सुरेश फौगाट ने भी धरने को अपना समर्थन दिया है। सुबह धरने की शुरूआत की गई तो आंदोलनकारियों की संख्या काफी कम थी लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही यह बढ़ गई। वहीं धरनास्थल पर जाट समुदाय के लोगों के द्वारा तैयारियां भी रविवार सुबह की गई। सुबह करीब 8 बजे जेेसीबी की सहायता से धरनास्थल को समतल करवाया गया और इसके बाद वहां पर टैंट लगा दिया गया। वहीं धरना शुरू होने से पहले जाट समुदाय के प्रतिनिधियों से मिलने के लिए सदर थाना एसएचओ सुरेंद्र पहुंच गए और शांतिपूर्वक धरना चलाए जाने को लेकर बातचीत की। बातचीत में जाट समुदाय के लोगों ने शांति बनाए रखने की बात कही।
यूपी से पहुंचे राष्ट्रीय महासचिव सुमेर गहलोत
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव सुमेर गहलोत रविवार को धरने पर यूपी से पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि धरना तब तक जारी रहेेगा, जब तक आरक्षण आंदोलन के दौरान 36 बिरादरी के लोगों पर बनाए गए केसों को खारिज नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय को अगर उनके हक से वंचित रखा गया तो जाट समुदाय शांतिपूर्वक तरीके से अपनी लड़ाई को जारी रखना जानता है।
हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए बुजुर्ग
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के द्वारा धरनास्थल पर हुक्के व चाय का प्रबंध किया गया था। धरने के दौरान बुजुर्ग हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ 5 राज्यों में हो रही चुनावों पर भी चर्चा करते हुए नजर आए। चुनावी चर्चा में बुजुर्गों का कहना था जिस प्रकार से भाजपा ने जाट समुदाय के साथ धोखा किया है, उसके चलते भाजपा को पश्चिमी यूपी में हार का मुंह देखना पड़ेगा।
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200 मीटर दूरी पर लगाया पुलिस ने नाका
धरने को देेखते हुए पुलिस ने धरनास्थल के दोनों तरफ बैरिकेड्स लगाकर नाके लगाए हैं। वहीं फोर्स को इन नाकों से काफी दूरी पर रखा गया है। धरनास्थल पर बीडीपीओ आशीष मान और तहसीलदार नेहा सहारण को बतौर ड्यूूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। जिला व पुलिस प्रशासन के द्वारा धरने को देखते हुए पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है।
रविवार को भी खुले रहे सरकारी कार्यालय
डीसी के आदेशों के चलते सभी सरकारी कार्यालय रविवार को भी खुले नजर आए। वहीं आंदोलन के दौरान डीसी के द्वारा आगामी आदेशों तक सभी अधिकारियों को जिला मुख्यालय छोड़ने से पूर्व अनुमति लेने के आदेश भी जारी किए गए हैं। इसके चलते जो अधिकारी कार्यालय समय के बाद जिला मुख्यालय छोड़कर चले जाते थे, वो अब ऐसा नहीं कर पाएंगें।
डीसी और एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
जिस प्रकार से पिछले आरक्षण आंदोलन में झज्जर में सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान हुआ था, उसे देखते हुए प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर गड़ाए हुए है। शहर की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए डीसी व एसपी ने संयुक्त रूप से शहर का राउंड लिया। डीसी आरसी बिढाण का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
इंटरनेट सेवाओं के साथ वाइस कॉल भी ठप
प्रशासन के द्वारा सोमवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाओं के साथ ही वाइस कॉल को भी ठप रखा जाएगा। पहले धरनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में रखा गया था लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर 15 किलोमीटर कर दिया गया। वहीं रविवार की शाम 4 बजे के बाद ही वाइस कॉल सेवाओं कंपनियों के द्वारा बाधित कर दी गई हैं। इसके चलते लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उनकी अपील है कि जाट संगठन शांतिपूर्वक तरीके से अपना धरना चलाएं जिससे कि क्षेत्र में भाईचारे और आपसी प्यार-प्रेम का माहौल बना रहे। प्रशासन के द्वारा सुरक्षा की लिहाज से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी प्रकार की अफवाह कोई फैलाता है तो उसकी सूचना प्रशासन के द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में दें। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, किसी भी प्रकार से अशांति का माहौल पैदा होने नहीं दिया जाएगा।
-आरसी बिढाण, डीसी, झज्जर।
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यूपी से पहुंचे राष्ट्रीय महासचिव सुमेर गहलोत
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव सुमेर गहलोत रविवार को धरने पर यूपी से पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि धरना तब तक जारी रहेेगा, जब तक आरक्षण आंदोलन के दौरान 36 बिरादरी के लोगों पर बनाए गए केसों को खारिज नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय को अगर उनके हक से वंचित रखा गया तो जाट समुदाय शांतिपूर्वक तरीके से अपनी लड़ाई को जारी रखना जानता है।
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हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए बुजुर्ग
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के द्वारा धरनास्थल पर हुक्के व चाय का प्रबंध किया गया था। धरने के दौरान बुजुर्ग हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ 5 राज्यों में हो रही चुनावों पर भी चर्चा करते हुए नजर आए। चुनावी चर्चा में बुजुर्गों का कहना था जिस प्रकार से भाजपा ने जाट समुदाय के साथ धोखा किया है, उसके चलते भाजपा को पश्चिमी यूपी में हार का मुंह देखना पड़ेगा।
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200 मीटर दूरी पर लगाया पुलिस ने नाका
धरने को देेखते हुए पुलिस ने धरनास्थल के दोनों तरफ बैरिकेड्स लगाकर नाके लगाए हैं। वहीं फोर्स को इन नाकों से काफी दूरी पर रखा गया है। धरनास्थल पर बीडीपीओ आशीष मान और तहसीलदार नेहा सहारण को बतौर ड्यूूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। जिला व पुलिस प्रशासन के द्वारा धरने को देखते हुए पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है।
रविवार को भी खुले रहे सरकारी कार्यालय
डीसी के आदेशों के चलते सभी सरकारी कार्यालय रविवार को भी खुले नजर आए। वहीं आंदोलन के दौरान डीसी के द्वारा आगामी आदेशों तक सभी अधिकारियों को जिला मुख्यालय छोड़ने से पूर्व अनुमति लेने के आदेश भी जारी किए गए हैं। इसके चलते जो अधिकारी कार्यालय समय के बाद जिला मुख्यालय छोड़कर चले जाते थे, वो अब ऐसा नहीं कर पाएंगें।
डीसी और एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
जिस प्रकार से पिछले आरक्षण आंदोलन में झज्जर में सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान हुआ था, उसे देखते हुए प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर गड़ाए हुए है। शहर की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए डीसी व एसपी ने संयुक्त रूप से शहर का राउंड लिया। डीसी आरसी बिढाण का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
इंटरनेट सेवाओं के साथ वाइस कॉल भी ठप
प्रशासन के द्वारा सोमवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाओं के साथ ही वाइस कॉल को भी ठप रखा जाएगा। पहले धरनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में रखा गया था लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर 15 किलोमीटर कर दिया गया। वहीं रविवार की शाम 4 बजे के बाद ही वाइस कॉल सेवाओं कंपनियों के द्वारा बाधित कर दी गई हैं। इसके चलते लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उनकी अपील है कि जाट संगठन शांतिपूर्वक तरीके से अपना धरना चलाएं जिससे कि क्षेत्र में भाईचारे और आपसी प्यार-प्रेम का माहौल बना रहे। प्रशासन के द्वारा सुरक्षा की लिहाज से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी प्रकार की अफवाह कोई फैलाता है तो उसकी सूचना प्रशासन के द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में दें। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, किसी भी प्रकार से अशांति का माहौल पैदा होने नहीं दिया जाएगा।
-आरसी बिढाण, डीसी, झज्जर।