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बर्ड फ्लू के चलते तालाबों पर बढ़ाई निगरानी, मुर्गियों के भाव 30 फीसदी गिरे

Sat, 09 Jan 2021 01:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 01:35 AM IST
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Increased monitoring of ponds due to bird flu, chicken prices fell 30 percent
मुर्गी फार्म में मुर्गियों को देखता संचालक। संवाद - फोटो : Jhjhar
झज्जर। प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले मिलने के बाद विदेशी मेहमान पक्षियों पर जहां वन्य प्राणी विभाग की तरफ से निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं तालाबों में भी आने वाले पक्षियों की निगरानी करनी शुरू कर दी गई है। जिले में फिलहाल तक बर्ड फ्लू का कोई मामला तो नहीं मिला है। लेकिन वन्य प्राणी विभाग की तरफ से गांव में जाकर तालाबों पर भी जांच की जा रही है कि किसी पक्षी की मौत तो नहीं हुई है। हालांकि फिलहाल तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही मुर्गी पालन करने वाले लोगों को भी को भी निर्देश दिए गए हैं कि मुर्गियों में कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो वे तुरंत प्रभाव से विभाग को सूचित करें।
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स्टाफ की कमी झेल रहा विभाग
झज्जर जिले में वन्य प्राणी विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है। जिले में कोई गार्ड तक नहीं है। केवल एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर के सहारे कम चलाया जा रहा है। हालांकि कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी भिंडावास झील पर गश्त के लिए भेजा जाती है।
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जिले में हैं करीब 4.5 लाख मुर्गियां
जिले में करीब 40 मुर्गी फार्म हैं। इनमें करीब साढ़े 4.5 लाख मुर्गियां हैं। जबकि भिंडावास झील, डीघल व मांडोटी में जलभराव वाले स्थानों पर करीब 90 हजार देशी और विदेशी पक्षी फिलहाल मौजूद हैं। जिले में करीब 500 तालाब भी हैं, जिनमें पक्षी जलक्रीड़ा करते हैं।
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मुर्गी पालकों को हो रहा नुकसान
मुर्गी पालन करने वाले संचालकों को भी बर्ड फ्लू की वजह से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिले में बर्ड फ्लू का मामला न होने के बावजूद भी मुर्गियों के भाव में पर 30 फीसदी की गिरावट आई है। सिलानी गांव निवासी मुर्गी फार्म संचालक सूबेदार रामहेर सिंह का कहना है कि करीब 1 सप्ताह में ही 100 रुपये किलो बिकने वाली मुर्गी और 70 रुपये किलो तक आ गई है। मांग न होने के कारण भाव गिर रहे हैं। उनका कहना है कि सर्दी के मौसम में हर बार बर्ड फ्लू की आशंका होती है लेकिन अपने फार्म में पूरी एहतियात बरतते हैं। सरकार की तरफ से जारी की जाने वाली एडवाइजरी के हिसाब से ही काम करते हैं। उनके पास अलग-अलग स्थानों पर 3-4 गांव में फार्म हैं। उनके अलग-अलग पुत्र अलग-अलग स्थानों पर मुर्गी फार्म का संचालन करते हैं।
जिले में फिलहाल तक बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं है, लेकिन एहतियात के साथ-साथ निगरानी बढ़ाई गई है, स्टाफ की काफी कमी है।
- देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक वन्य प्राणी विभाग, झज्जर।
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