{"_id":"6950478aea96fc7b2d04e579","slug":"in-the-rs-39-lakh-robbery-on-the-kmp-expressway-the-nephew-turned-out-to-be-the-mastermind-4-arrested-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-119838-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: केएमपी पर हुए 39 लाख के लूटकांड में भतीजा निकला मास्टरमाइंड, 4 गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: केएमपी पर हुए 39 लाख के लूटकांड में भतीजा निकला मास्टरमाइंड, 4 गिरफ्तार
विज्ञापन
फोटो 68: पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी। स्रोत पुलिस
बहादुरगढ़। केएमपी एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार की रात हुई 39 लाख लूट मामले में भतीजे समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लूट की साजिश का मास्टरमाइंड भतीजा ही निकला जो पूरी वारदात के दौरान साथियों को फोन के जरिए लाइव लोकेशन उपलब्ध करा रहा था। थाना आसौदा पुलिस और सीआईए-1 की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है।
यह भी सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस एफआईआर में 2 लाख की दर्ज हुई लूट 39 लाख की कैसे हो गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि पूरी वारदात पहले से सुनियोजित थी।
आरोपियों में साहिल उर्फ सुनील निवासी ईस्माईलपुर, सन्नी निवासी खेतावास (गुरुग्राम), अमित निवासी बुढ़ेड़ा चंदू (गुरुग्राम) और वंश निवासी सरढाणा (गुरुग्राम) शामिल हैं।सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें रविवार को बहादुरगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला : रेवाड़ी के कसोला गांव निवासी सूबे सिंह ने एफआईआर में पुलिस को बताया कि वह पहले अलवर निवासी कृष्ण सिंह के साथ काम करते थे। कृष्ण की कृष्ण पेट्रो प्रोडक्ट नाम से कंपनी है। शुक्रवार को वह भतीजे के साथ शामली रोड स्थित रेड लाइट के पास अनुराग नाम के व्यक्ति से दो लाख रुपये लेकर लौट रहे थे।
जैसे ही केएमपी पर कटरा एक्सप्रेसवे के नजदीक पहुंचे को सुनील ने लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाने की जिद की। कार रोकते ही दो गाड़ियों ने उन्हें घेर लिया। दो कारों से 5-6 युवक उतरे और हॉकी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावर डिग्गी से दो लाख रुपये और बैग लेकर भाग गए।
पीड़ित का आरोप है कि पूरी घटना के दौरान सुनील ने न तो उन्हें बचाने की कोशिश की और न ही बदमाशों ने भतीजे को कोई नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
यह भी सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस एफआईआर में 2 लाख की दर्ज हुई लूट 39 लाख की कैसे हो गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि पूरी वारदात पहले से सुनियोजित थी।
विज्ञापन
आरोपियों में साहिल उर्फ सुनील निवासी ईस्माईलपुर, सन्नी निवासी खेतावास (गुरुग्राम), अमित निवासी बुढ़ेड़ा चंदू (गुरुग्राम) और वंश निवासी सरढाणा (गुरुग्राम) शामिल हैं।सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें रविवार को बहादुरगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला : रेवाड़ी के कसोला गांव निवासी सूबे सिंह ने एफआईआर में पुलिस को बताया कि वह पहले अलवर निवासी कृष्ण सिंह के साथ काम करते थे। कृष्ण की कृष्ण पेट्रो प्रोडक्ट नाम से कंपनी है। शुक्रवार को वह भतीजे के साथ शामली रोड स्थित रेड लाइट के पास अनुराग नाम के व्यक्ति से दो लाख रुपये लेकर लौट रहे थे।
जैसे ही केएमपी पर कटरा एक्सप्रेसवे के नजदीक पहुंचे को सुनील ने लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाने की जिद की। कार रोकते ही दो गाड़ियों ने उन्हें घेर लिया। दो कारों से 5-6 युवक उतरे और हॉकी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावर डिग्गी से दो लाख रुपये और बैग लेकर भाग गए।
पीड़ित का आरोप है कि पूरी घटना के दौरान सुनील ने न तो उन्हें बचाने की कोशिश की और न ही बदमाशों ने भतीजे को कोई नुकसान पहुंचाया।