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जेलों में बंद युवाओं को 10 दिनों के भीतर छोड़े सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 07 May 2016 01:22 AM IST
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पंचायत
- फोटो : Bureau
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वीरवार को जिले के गांव तलाव के एक युवक को पुलिस द्वारा उपद्रव के आरोप में गिरफ्तार किए जाने से खफा गांव तलाव, रणखंडा, कडौदा, ग्वालिसन, बरानी, रईया, डावला सहित कई गांवों की पंचायत शुक्रवार सुबह गांव तलाव में हुई। पंचायत में उपद्रव के आरोप में जेलों में बंद युवाओं को 10 दिनों के भीतर छोड़े जाने का अल्टीमेटम सरकार को दिया। पंचायत में जाट समुदाय के लोगों ने कहा कि आरक्षण आंदोलन में उपद्रव के नम पर जिन निर्दोष लोगों को जेलों में बंद किया गया है, अगर उनकी रिहाई नहीं होती है तो आगामी 15 मई को गांव मे प्रदेशस्तरीय महापंचायत बुलाई जाएगी। जिसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
हालांकि पंचायत में एक बार सामूहिक गिरफ्तारी देने का भी फैसला लिया गया, लेकिन बाद में मंथन के बाद पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया गया। बाद में करीब 30 से 35 लोगों की संख्या में जाट प्रतिनिधि झज्जर लघुसचिवालय परिसर पहुंचें और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान उपायुक्त अनिता यादव व एसपी जश्नदीप सिंह ने जाट प्रतिनिधियों को किसी भी निर्दोष को न पकड़े जाने की बात कही। उपायुक्त और एसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को पकड़ा नहीं जाएगा और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। उधर गांव तलाव में कई गांवों के जाट समुदाय की पंचायत और सामूहिक गिरफ्तारियां देने की सूचनाएं मिलने पर पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया और लघुसचिवालय परिसर सहित अन्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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15 मई को गांव तलाव में होगी प्रदेशस्तरीय महापंचायत
गांव तलाव में हुई पंचायत में सरकार को डीसी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया और निर्णय लिया गया कि अगर सरकार 10 दिनों के भीतर उपद्रव के आरोप में जेलों में बंद लोगों को नहीं छोड़ती है तो 15 मई को गांव तलाव के श्याम बाबा मंदिर में प्रदेशस्तरीय महापंचायत होगी। जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
पहले सामूहिक गिरफ्तारी का फैसला, बाद में बदला
वीरवार को गिरफ्तार किए गए गांव तलाव के अनिल को छुड़वाने के लिए काफी संख्या मे ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचें थे और अनिल को न छोड़े जाने पर सामूहिक गिरफ्तारी देने की बात कही थी। शुक्रवार को हुई पंचायत में भी पहले सामूहिक गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया गया। लेकिन बाद में अपने ही इस निर्णय को बदले हुए सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देने और फिर प्रदेशस्तरीय महापंचायत कर आगामी रणनीति का बनाने पर सहमति बनी।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
तलाव गांव में जाट समुदाय की पंचायत और सामूहिक गिरफ्तारी देने की सूचना को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। लघुसचिवालय परिसर में डीएसपी हंसराज, डीएसपी राजीव, सीआईए प्रभारी ललित कुमार, एसआईटी प्रभारी योगेश हुड्डा सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। फायर बिग्रेड की गाड़ियों को भी अलर्ट पर रखा गया।
खुफिया विभाग भी रहा अलर्ट
सामूहिक गिरफ्तारी देने और कई गांवों की पंचायत होने की सूचना पर खुफिया विभाग के कर्मचारी भी अलर्ट हो गए और पल-पल की रिपोर्ट से अपने आलाधिकारियों को अवगत करवाते रहे। जिसके चलते पूरा प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर जमाएं रहे।
निर्दोष लोगों पर नहीं होगी कार्रवाई
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हालांकि पंचायत में एक बार सामूहिक गिरफ्तारी देने का भी फैसला लिया गया, लेकिन बाद में मंथन के बाद पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया गया। बाद में करीब 30 से 35 लोगों की संख्या में जाट प्रतिनिधि झज्जर लघुसचिवालय परिसर पहुंचें और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
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इस दौरान उपायुक्त अनिता यादव व एसपी जश्नदीप सिंह ने जाट प्रतिनिधियों को किसी भी निर्दोष को न पकड़े जाने की बात कही। उपायुक्त और एसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को पकड़ा नहीं जाएगा और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। उधर गांव तलाव में कई गांवों के जाट समुदाय की पंचायत और सामूहिक गिरफ्तारियां देने की सूचनाएं मिलने पर पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया और लघुसचिवालय परिसर सहित अन्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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15 मई को गांव तलाव में होगी प्रदेशस्तरीय महापंचायत
गांव तलाव में हुई पंचायत में सरकार को डीसी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया और निर्णय लिया गया कि अगर सरकार 10 दिनों के भीतर उपद्रव के आरोप में जेलों में बंद लोगों को नहीं छोड़ती है तो 15 मई को गांव तलाव के श्याम बाबा मंदिर में प्रदेशस्तरीय महापंचायत होगी। जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
पहले सामूहिक गिरफ्तारी का फैसला, बाद में बदला
वीरवार को गिरफ्तार किए गए गांव तलाव के अनिल को छुड़वाने के लिए काफी संख्या मे ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचें थे और अनिल को न छोड़े जाने पर सामूहिक गिरफ्तारी देने की बात कही थी। शुक्रवार को हुई पंचायत में भी पहले सामूहिक गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया गया। लेकिन बाद में अपने ही इस निर्णय को बदले हुए सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देने और फिर प्रदेशस्तरीय महापंचायत कर आगामी रणनीति का बनाने पर सहमति बनी।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
तलाव गांव में जाट समुदाय की पंचायत और सामूहिक गिरफ्तारी देने की सूचना को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। लघुसचिवालय परिसर में डीएसपी हंसराज, डीएसपी राजीव, सीआईए प्रभारी ललित कुमार, एसआईटी प्रभारी योगेश हुड्डा सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। फायर बिग्रेड की गाड़ियों को भी अलर्ट पर रखा गया।
खुफिया विभाग भी रहा अलर्ट
सामूहिक गिरफ्तारी देने और कई गांवों की पंचायत होने की सूचना पर खुफिया विभाग के कर्मचारी भी अलर्ट हो गए और पल-पल की रिपोर्ट से अपने आलाधिकारियों को अवगत करवाते रहे। जिसके चलते पूरा प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर जमाएं रहे।
निर्दोष लोगों पर नहीं होगी कार्रवाई
ज्ञापन देने आए जाट प्रतिनिधियों को डीसी अनिता यादव और एसपी जश्नदीप सिंह ने आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को नहीं पकड़ा जाएगा, लेकिन किसी दोषी को छोड़ा भी नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उपद्रव के दौरान की जो वीडियो उन्हें मिली है, उसी के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।