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Jhajjar-Bahadurgarh News: खोखे में लगी आग, 10 दुकानों का सामान जला
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-फोटो 1 : छोटूराम नगर फाटक के पास जले हुए खोखों को देखते हुए लोग।
बहादुरगढ़। छोटूराम नगर फाटक के साथ लगते खोखों में आग लग गई। आग भड़की तो आसपास के कई खोखे इसकी चपेट में आ गए। इसके कारण 10 दुकानदारों के खोखे में रखा सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गया। उधर, इस घटना से दुकानदारों में रोष बना हुआ है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
दरअसल, छोटूराम नगर में काफी संख्या में प्रवासी लोग अपने व किराये के मकानों में रहते हैं। इनमें से कई लोगों ने फाटक के पास ही औद्योगिक क्षेत्र में अस्थायी दुकानें (खोखे) बना रखी हैं। जिससे वे अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। मगर बीती रात करीब 1 बजे खोखों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 10 खोखे आग की भेंट चढ़ गए।
इन्हीं खोखों में सैलून चलाने वाले रणजीत ने बताया कि करीब साढ़े 10 बजे सभी दुकानदार अपनी दुकानें (खोखे) बंद करके गए थे। करीब डेढ़ बजे उन्हें सूचना मिली कि खोखों में आग लगी हुई है और रिलेक्सो कंपनी के कर्मचारी अपने स्तर पर आग बुझाने में लगे हुए हैं। जैसे ही अन्य दुकानदारों को पता चला तो वे भी मौके पर पहुंचे और उसी दौरान फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और कर्मचारियों ने आग को बुझाने के प्रयास शुरू किए। करीब दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक यहां सैलून, किराना, फल-सब्जी व पान की दुकान राख के ढेर में तब्दील हो चुकी थी। जबकि कुछ अन्य खोखे भी आग की चपेट में आने से नुकसान हुआ है।
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पीड़ित दुकानदारों रविंद्र, रामदयाल, जूली, राजेंद्र, रवि व मुकेश ने बताया कि सभी दुकानदारों को मिलाकर लाखों रुपये का उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्हें आशंका है कि ये आग किसी शरारती तत्व द्वारा लगाई गई है क्योंकि वे रोजाना की तरह ही अपनी दुकानों को बंद करके अपने घर लौट गए थे। आधी रात के बाद उन्हें सूचना मिली कि उनकी दुकानें जल रही हैं। उन्होंने अपने स्तर पर सामान को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो पाए। दुकानदारों ने पुलिस-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले की गहन जांच कर आग लगाने वालों को पकड़ा जाए।
वहीं पार्षद प्रतिनिधि हरिमोहन धाकरे का कहना है कि उन्होंने पुलिस व प्रशासन से बात कर इस मामले की जांच करने को कहा है। वे प्रयास करेंगे कि किसी प्रकार इन दुकानदारों को आर्थिक मदद मिल सकें।
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दरअसल, छोटूराम नगर में काफी संख्या में प्रवासी लोग अपने व किराये के मकानों में रहते हैं। इनमें से कई लोगों ने फाटक के पास ही औद्योगिक क्षेत्र में अस्थायी दुकानें (खोखे) बना रखी हैं। जिससे वे अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। मगर बीती रात करीब 1 बजे खोखों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 10 खोखे आग की भेंट चढ़ गए।
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इन्हीं खोखों में सैलून चलाने वाले रणजीत ने बताया कि करीब साढ़े 10 बजे सभी दुकानदार अपनी दुकानें (खोखे) बंद करके गए थे। करीब डेढ़ बजे उन्हें सूचना मिली कि खोखों में आग लगी हुई है और रिलेक्सो कंपनी के कर्मचारी अपने स्तर पर आग बुझाने में लगे हुए हैं। जैसे ही अन्य दुकानदारों को पता चला तो वे भी मौके पर पहुंचे और उसी दौरान फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और कर्मचारियों ने आग को बुझाने के प्रयास शुरू किए। करीब दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक यहां सैलून, किराना, फल-सब्जी व पान की दुकान राख के ढेर में तब्दील हो चुकी थी। जबकि कुछ अन्य खोखे भी आग की चपेट में आने से नुकसान हुआ है।
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पीड़ित दुकानदारों रविंद्र, रामदयाल, जूली, राजेंद्र, रवि व मुकेश ने बताया कि सभी दुकानदारों को मिलाकर लाखों रुपये का उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्हें आशंका है कि ये आग किसी शरारती तत्व द्वारा लगाई गई है क्योंकि वे रोजाना की तरह ही अपनी दुकानों को बंद करके अपने घर लौट गए थे। आधी रात के बाद उन्हें सूचना मिली कि उनकी दुकानें जल रही हैं। उन्होंने अपने स्तर पर सामान को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो पाए। दुकानदारों ने पुलिस-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले की गहन जांच कर आग लगाने वालों को पकड़ा जाए।
वहीं पार्षद प्रतिनिधि हरिमोहन धाकरे का कहना है कि उन्होंने पुलिस व प्रशासन से बात कर इस मामले की जांच करने को कहा है। वे प्रयास करेंगे कि किसी प्रकार इन दुकानदारों को आर्थिक मदद मिल सकें।