फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Farmers reached Badsa to protest CM's program in AIIMS-2

एम्स-2 में सीएम के कार्यक्रम का विरोध करने बाढ़सा पहुंचे किसान

Fri, 22 Oct 2021 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Farmers reached Badsa to protest CM's program in AIIMS-2
किसानों को समझाने का प्रयास करती पुलिस। - फोटो : Bahadurgarh
तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने एम्स-2 बाढ़सा में विश्राम गृह का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री का विरोध किया। पुलिस व किसान करीब चार घंटे तक तक आमने-सामने रहे। किसानों ने दो बार पुलिस को आंख मिचौनी देते हुए समारोह स्थल पर तक पहुंचने का प्रयास किया। गांव की गलियों में एक किसान नेता सरजीत के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई और कुछ देर के लिए किसान नेता को घेरकर पुलिस ने समझाने का प्रयास भी किया।
विज्ञापन

किसान सुबह आठ बजे ही ढांसा बार्डर धरना स्थल पर इकट्ठे हुए और बाढ़सा के लिए निकल गए। बादली बाईपास पर किसानों को पुलिस ने रोक दिया। करीब एक घंटे की बहस के बाद पुलिस ने उन्हें बाढ़सा की ओर जाने दिया। हालांकि कुछ किसान गांव के छोटे रास्तों से आगे बढ़ गए। इसके बाद किसानों को बाढ़सा गांव के प्रमुख चौक पर पुलिस ने नाका लगाकर रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच नोंकझोंक भी हुई। पुलिस किसानों को समझाने का प्रयास करती रही और किसान हाथों में काले झंडे लेकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल जाने के लिए जिद्द करते रहे। कुछ देर तक पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया तो किसानों ने अंदरखाने ही एक नीति के तहत वहां से चले जाने का मन बनाया और बाढ़सा गांव की गलियों से होते हुए एम्स-टू की ओर रुख कर लिया।
विज्ञापन

अचानक किसानों के प्रमुख स्टैंड से गायब होने का जब पता चला तो पुलिस के भी होश उड़ गए और किसानों की तलाश शुरू कर दी। करीब दस बजे पुलिस को किसानों की लोकेशन का पता चली तो पुलिस भी गांव में गलियों के ओर दौड़ी। पुलिस वाहनों की मदद से किसानों के पीछे लग गई। गांव की गलियों में पुलिस ने किसानों का घेराव किया। कुछ पुलिसकर्मी पैदल ही गांव में किसानों के पीछे दौड़ते दिखाई दिए। साढ़े नौ बजे से करीब आधा घंटा तक किसानों और पुलिस में आंख मिचौनी चलती रही। बाद में पुलिस ने एक नीति के तहत किसानों को अलग-अलग गलियों में भगाते हुए एकत्रित नहीं होने देने का प्रयास किया। करीब दस बजे सभी किसान एम्स के रिहायशी क्षेत्र के बाहर एनसीआर माइनर पर इकट्ठे हो गए लेकिन यहां पुलिस ने बेरिकेड लगाकर किसानों को एम्स की ओर जाने से रोक दिया। दो घंटे तक किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों की अगुवाई भाकियू के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, इंटक नेता सरजीत गुलिया, ममता काद्यान, रेणु कादयान, ब्रह्मप्रकाश और रामचंद्र कर रहे थे।
किसानों ने विरोध जताने के लिए पुलिस के समक्ष सड़क किनारे खड़े होने की मांग रखी लेकिन डीएसपी हंसराज ने किसानों को समझाने का प्रयास करते हुए सड़क तक नहीं पहुंचने दिया। दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने और काफिला चला जाने के बाद ही किसान एम्स-2 के बाहर पहुंचे और कुछ देर नारेबाजी कर लौटे।

इससे पहले पुलिस ने बादली से बाढ़सा की ओर जाने वाले सभी रास्ते रोक दिए। बादली के बाईपास पर बेरिकेड लगाकर रास्ता रोका गया। इसके बाद बाढ़सा के प्रमुख चौक पर बड़े पत्थर लगा दिए गए। दमकल गाड़ियां, वज्र वाहन, सीआरपीएफ, आरएएफ और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। जिले के सभी डीएसपी और सभी पुलिस थाना प्रभारी और स्वयं एएसपी भी मौके पर डटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed