{"_id":"601456348ebc3e340d28e7e7","slug":"farmer-leaders-are-constantly-calling-for-the-unity-of-the-farmers-from-the-protest-site-bahadurgarh-news-rtk5930098130","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरनास्थल से किसान नेता लगातार किसानों को एकजुट करने के लिए कर रहे आह्वान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरनास्थल से किसान नेता लगातार किसानों को एकजुट करने के लिए कर रहे आह्वान
विज्ञापन
नया गांव चौक के नजदीक ऑटो मार्केट मैदान पर सभा में मौजूद किसान महिलाएं। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को दिनभर सभाओं का दौर चला। किसान नेताओं ने लगातार किसानों से एकजुट रहने के लिए जागरूक किया।
हरियाणा के किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को तोड़ने की सरकार की साजिश फेल हो गई है। 26 जनवरी के बाद बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन को और ज्यादा समर्थन मिलने लगा है। किसान नेताओं ने दावा किया कि गांव-गांव और खापों के अलावा हजारों ट्रैक्टरों का काफिला टीकरी बॉर्डर पर पहुंचने वाला है। किसान नेता एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन को फेल करने के लिए सरकार चाहे कितनी भी लाख कोशिश कर ले, लेकिन यह फेल नहीं होगा। किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराकर ही वापस होंगे। शुक्रवार को किसानों ने अर्द्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया।
हरियाणा किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार इस किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र कर रही है, लेकिन जनता ने सरकार की साजिशों को नाकाम कर दिया। युवाओं में जोश भरा हुआ है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर लाखों की संख्या में किसान दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में सरकार के लोगों ने अहिंसा की है। गाजीपुर बॉर्डर को पुलिस प्रशासन द्वारा खाली करवाने की कोशिश की जा रही है। इसके बारे में झूठी खबर चलवाई जा रही हैं। गाजीपुर बॉर्डर से किसान वापिस चले गए है लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि सरकार का तानाशाही राज चल रहा है। लोकतांत्रिक सरकार खत्म हो चुकी है। किसानों ने 26 जनवरी को भी किसी तरह का कोई भी कानून नहीं तोड़ा। सरकार के दो चार लोगों ने षड्यंत्र के तहत कानून को तोड़ा है। जिन लोगों ने हिंसा की थी वह भाजपा से रहे हैं। एक भी किसान ने कानून को नहीं तोड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आतंकवादी घोषित करने पर तुली हुई है। पहले की सरकार में जब कोई बीमार हो जाता या कोई रेल के नीचे कट जाता तो उस सरकार का मंत्री शर्म के मारे नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देता था, लेकिन अब के मंत्रियों की नैतिकता खत्म हो चुकी है। 26 जनवरी के लिए जो ट्रैक्टर ट्राली आई थी वह एक दिन के लिए आई थी, जो चली गई थी। अब दोबारा से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली धरना स्थल पर पहुंचेगी।
विज्ञापन
हरियाणा के किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को तोड़ने की सरकार की साजिश फेल हो गई है। 26 जनवरी के बाद बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन को और ज्यादा समर्थन मिलने लगा है। किसान नेताओं ने दावा किया कि गांव-गांव और खापों के अलावा हजारों ट्रैक्टरों का काफिला टीकरी बॉर्डर पर पहुंचने वाला है। किसान नेता एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन को फेल करने के लिए सरकार चाहे कितनी भी लाख कोशिश कर ले, लेकिन यह फेल नहीं होगा। किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराकर ही वापस होंगे। शुक्रवार को किसानों ने अर्द्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया।
विज्ञापन
हरियाणा किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार इस किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र कर रही है, लेकिन जनता ने सरकार की साजिशों को नाकाम कर दिया। युवाओं में जोश भरा हुआ है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर लाखों की संख्या में किसान दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में सरकार के लोगों ने अहिंसा की है। गाजीपुर बॉर्डर को पुलिस प्रशासन द्वारा खाली करवाने की कोशिश की जा रही है। इसके बारे में झूठी खबर चलवाई जा रही हैं। गाजीपुर बॉर्डर से किसान वापिस चले गए है लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि सरकार का तानाशाही राज चल रहा है। लोकतांत्रिक सरकार खत्म हो चुकी है। किसानों ने 26 जनवरी को भी किसी तरह का कोई भी कानून नहीं तोड़ा। सरकार के दो चार लोगों ने षड्यंत्र के तहत कानून को तोड़ा है। जिन लोगों ने हिंसा की थी वह भाजपा से रहे हैं। एक भी किसान ने कानून को नहीं तोड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आतंकवादी घोषित करने पर तुली हुई है। पहले की सरकार में जब कोई बीमार हो जाता या कोई रेल के नीचे कट जाता तो उस सरकार का मंत्री शर्म के मारे नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देता था, लेकिन अब के मंत्रियों की नैतिकता खत्म हो चुकी है। 26 जनवरी के लिए जो ट्रैक्टर ट्राली आई थी वह एक दिन के लिए आई थी, जो चली गई थी। अब दोबारा से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली धरना स्थल पर पहुंचेगी।