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आंदोलकारियों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में किसान की मौत
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आंदोबहादुरगढ़। कृषि संबंधी तीन कानूनों को वापस कराने और एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून बनाने की मांग कर रहे आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में सोमवार रात एक किसान की मौत हो गई। यह किसान हरियाणा के जिला जींद का निवासी था।
जानकारी के अनुसार जींद जिले की तहसील नरवाना के गांव ढिंढोली के किसान राधा (62) अपने साथी किसानों के साथ कई दिन से किसान आंदोलन में भाग ले रहे थे। वह बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक बाईपास पर झाड़ोदा बॉर्डर के पास फ्लाईओवर पर बिजली के खंभा नंबर-64 के पास ट्राली-तंबू में ठहरे हुए थे। सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। उनके साथी किसान जियालाल ने पुलिस को बताया कि राधा हर रोज अन्य किसानों के साथ ही अलसुबह जाग जाते थे। लेकिन मंगलवार को सुबह वह जल्दी नहीं जागे। उनको जगाने की कोशिश की गई तो वह नहीं उठे। उन्हें संभाला गया तो उनकी सांस रुकी हुई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे साथी किसान लघुशंका से निवृत्त होने के लिए उठे तब राधा आराम से सो रहे थे। इससे अनुमान लगाया गया है कि उनकी मौत करीब अढ़ाई बजे हुई।
अनुमान है कि राधा की मौत हार्ट अटैक से हुई है। साथी आंदोलनकारी की मौत की सूचना कुछ ही पलों में किसानों के पड़ाव में फैल गई और काफी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर शहर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। राधा के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उनके आने पर बयान होने के बाद पोस्टमार्टम होगा।
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जानकारी के अनुसार जींद जिले की तहसील नरवाना के गांव ढिंढोली के किसान राधा (62) अपने साथी किसानों के साथ कई दिन से किसान आंदोलन में भाग ले रहे थे। वह बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक बाईपास पर झाड़ोदा बॉर्डर के पास फ्लाईओवर पर बिजली के खंभा नंबर-64 के पास ट्राली-तंबू में ठहरे हुए थे। सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। उनके साथी किसान जियालाल ने पुलिस को बताया कि राधा हर रोज अन्य किसानों के साथ ही अलसुबह जाग जाते थे। लेकिन मंगलवार को सुबह वह जल्दी नहीं जागे। उनको जगाने की कोशिश की गई तो वह नहीं उठे। उन्हें संभाला गया तो उनकी सांस रुकी हुई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे साथी किसान लघुशंका से निवृत्त होने के लिए उठे तब राधा आराम से सो रहे थे। इससे अनुमान लगाया गया है कि उनकी मौत करीब अढ़ाई बजे हुई।
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अनुमान है कि राधा की मौत हार्ट अटैक से हुई है। साथी आंदोलनकारी की मौत की सूचना कुछ ही पलों में किसानों के पड़ाव में फैल गई और काफी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर शहर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। राधा के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उनके आने पर बयान होने के बाद पोस्टमार्टम होगा।
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