{"_id":"6573502b322d48ad1901c7b6","slug":"faridabad-has-the-highest-number-of-cases-of-harassment-of-women-jhjhar-news-c-195-1-nnl1001-6158-2023-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: फरीदाबाद में महिला उत्पीड़न से सबसे अधिक मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: फरीदाबाद में महिला उत्पीड़न से सबसे अधिक मामले
Fri, 08 Dec 2023 10:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 08 Dec 2023 10:49 PM IST
विज्ञापन
झज्जर। छोटी-छोटी बातों पर परिवारों में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया, शेल्टर के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। अब तक सखी सेंटरों पर घरेलू हिंसा, शेल्टर, गुमशुदा के मामले ज्यादा आते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिये महिलाओं को परेशान करने के मामले भी सामने आने लगे हैं।
इसके अलावा दुराचार, नाबालिग बच्चों की शादी सहित अन्य केस सामने आ रहे हैं। आकड़ों के अनुसार जनवरी से अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जिलों के सखी वन स्टॉप सेंटरों में 6600 से अधिक मामले आए हैं। हर माह 500 से 600 मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले फरीदाबाद जिले में आए हैं। जनवरी से अक्तूबर तक यहां पर 763 मामले सामने आए हैं जबकि दूसरे नंबर पर गुरुग्राम और तीसरे नंबर पर करनाल जिला है। भिवानी ऐसा जिला है, जहां हर माह बहुत कम मामले आ रहे हैं। 10 माह के दौरान यहां पर केवल 173 मामले सामने आए हैं। इसके बाद कैथल और चरखीदादरी है।
प्रदेश के सखी सेंटरों में जनवरी से अक्तूबर तक लगातार घरेलू हिंसा के मामले आए हैं। जनवरी में 571, फरवरी में 606, मार्च में 606, अप्रैल में 653, मई में 790, जून में 747, जुलाई में 750, अगस्त में 645, सितंबर में 717, अक्तूबर में 533 मामले आए।
विज्ञापन
घरेलू हिंसा सहित अन्य मामलों में काउंसलिंग की जाती है। शेल्टर की सुविधा भी प्रदान की जाती है। सुमन यादव, इंचार्ज वन स्टॉप सखी सेंटर, झज्जर।
किस जिले में कौन से माह में कितने मामले आए सामने
जिला जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मार्च जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर
अंबाला-12 16 22 23 34 23 29 21 17 14
भिवानी- 15 11 12 15 18 22 20 19 20 21
चरखीदादरी- 19 12 26 16 26 28 21 15 28 14
फरीदाबाद- 78 74 75 79 86 77 93 69 70 62
फतेहाबाद- 17 19 21 20 33 22 26 21 23 24
गुरुग्राम- 44 52 35 48 42 62 51 45 54 30
हिसार- 22 24 23 24 34 27 33 24 41 24
झज्जर- 25 29 26 26 34 28 33 26 26 18
जींद- 21 22 19 18 24 25 22 30 22 18
कैथल- 12 16 14 16 23 26 29 28 17 19
करनाल- 42 34 23 62 80 73 63 40 77 27
कुरुक्षेत्र- 12 21 23 25 20 26 21 19 26 20
महेंद्रगढ़- 30 30 36 41 44 45 37 28 40 43
मेवात- 24 23 30 35 33 30 29 11 20 18
पलवल- 30 24 30 30 33 30 22 27 26 25
पंचकूला- 20 20 21 28 21 25 25 28 24 16
पानीपत- 24 29 28 25 21 33 38 36 37 32
रेवाड़ी- 43 45 50 48 52 43 57 47 43 22
रोहतक- 25 28 17 18 25 25 23 18 22 20
सिरसा- 17 25 26 17 37 33 30 35 25 30
सोनीपत- 18 31 22 19 27 19 27 33 38 16
यमुनानगर- 21 21 27 20 33 25 21 25 21 20
जिला अनुसार जनवरी से अक्तूबर तक आए कुल मामले
फरीदाबाद 763, गुरुग्राम 463, करनाल 521, रेवाड़ी 450, महेंद्रगढ़ 374, पानीपत 303, पलवल 277, हिसार 276, सिरसा 275, झज्जर 271, मेवात 253, सोनीपत 250, पंचकूला 228, फतेहाबाद 226, जींद 221, रोहतक 221, यमुनानगर 216, कुरुक्षेत्र 213, अंबाला 211, चरखीदादरी 205, कैथल 200, भिवानी में 173 मामले आए।
विज्ञापन
इसके अलावा दुराचार, नाबालिग बच्चों की शादी सहित अन्य केस सामने आ रहे हैं। आकड़ों के अनुसार जनवरी से अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जिलों के सखी वन स्टॉप सेंटरों में 6600 से अधिक मामले आए हैं। हर माह 500 से 600 मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले फरीदाबाद जिले में आए हैं। जनवरी से अक्तूबर तक यहां पर 763 मामले सामने आए हैं जबकि दूसरे नंबर पर गुरुग्राम और तीसरे नंबर पर करनाल जिला है। भिवानी ऐसा जिला है, जहां हर माह बहुत कम मामले आ रहे हैं। 10 माह के दौरान यहां पर केवल 173 मामले सामने आए हैं। इसके बाद कैथल और चरखीदादरी है।
विज्ञापन
प्रदेश के सखी सेंटरों में जनवरी से अक्तूबर तक लगातार घरेलू हिंसा के मामले आए हैं। जनवरी में 571, फरवरी में 606, मार्च में 606, अप्रैल में 653, मई में 790, जून में 747, जुलाई में 750, अगस्त में 645, सितंबर में 717, अक्तूबर में 533 मामले आए।
विज्ञापन
घरेलू हिंसा सहित अन्य मामलों में काउंसलिंग की जाती है। शेल्टर की सुविधा भी प्रदान की जाती है। सुमन यादव, इंचार्ज वन स्टॉप सखी सेंटर, झज्जर।
किस जिले में कौन से माह में कितने मामले आए सामने
जिला जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मार्च जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर
अंबाला-12 16 22 23 34 23 29 21 17 14
भिवानी- 15 11 12 15 18 22 20 19 20 21
चरखीदादरी- 19 12 26 16 26 28 21 15 28 14
फरीदाबाद- 78 74 75 79 86 77 93 69 70 62
फतेहाबाद- 17 19 21 20 33 22 26 21 23 24
गुरुग्राम- 44 52 35 48 42 62 51 45 54 30
हिसार- 22 24 23 24 34 27 33 24 41 24
झज्जर- 25 29 26 26 34 28 33 26 26 18
जींद- 21 22 19 18 24 25 22 30 22 18
कैथल- 12 16 14 16 23 26 29 28 17 19
करनाल- 42 34 23 62 80 73 63 40 77 27
कुरुक्षेत्र- 12 21 23 25 20 26 21 19 26 20
महेंद्रगढ़- 30 30 36 41 44 45 37 28 40 43
मेवात- 24 23 30 35 33 30 29 11 20 18
पलवल- 30 24 30 30 33 30 22 27 26 25
पंचकूला- 20 20 21 28 21 25 25 28 24 16
पानीपत- 24 29 28 25 21 33 38 36 37 32
रेवाड़ी- 43 45 50 48 52 43 57 47 43 22
रोहतक- 25 28 17 18 25 25 23 18 22 20
सिरसा- 17 25 26 17 37 33 30 35 25 30
सोनीपत- 18 31 22 19 27 19 27 33 38 16
यमुनानगर- 21 21 27 20 33 25 21 25 21 20
जिला अनुसार जनवरी से अक्तूबर तक आए कुल मामले
फरीदाबाद 763, गुरुग्राम 463, करनाल 521, रेवाड़ी 450, महेंद्रगढ़ 374, पानीपत 303, पलवल 277, हिसार 276, सिरसा 275, झज्जर 271, मेवात 253, सोनीपत 250, पंचकूला 228, फतेहाबाद 226, जींद 221, रोहतक 221, यमुनानगर 216, कुरुक्षेत्र 213, अंबाला 211, चरखीदादरी 205, कैथल 200, भिवानी में 173 मामले आए।