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Jhajjar-Bahadurgarh News: डाॅ. मनमोहन सिंह ने कहा था कैंसर केयर के लिए नोडल संस्थान होगा बाढ़सा का एनसीआई
Sat, 28 Dec 2024 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:12 AM IST
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फोटो 71: बाढ़सा में कैंसर संस्थान की नींव रखते तत्कालीन प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह। (फाईल
मनोज कौशिक
बादली। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह को क्षेत्र की जनता कभी भूला नहीं सकेंगी। भारत के सबसे बड़े नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की नींव 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने रखी तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह संस्थान कैंसर रोगियों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
डाॅ. मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के तौर पर बाढ़सा गांव को कैंसर संस्थान की सौगात देते हुए कहा था कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान सहित कई राज्यों के कैंसर मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा और मुंबई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संचालित होने पर एनसीआई पूरे देश में कैंसर केयर के लिए एक नोडल संस्थान के रूप में काम करेगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर क्षेत्र के लोगों को उनकी कही बातें याद आई और उन्होंने संस्थान को उनकी दी एक सौगात माना है।
उस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद ने भी मंच से डाॅ. मनमोहन सिंह की सराहना करते हुए संस्थान में रोगियों को इलाज दिलवाना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा सपना बताया था। बाढ़सा एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में ओपीडी की शुरुआत से लेकर कैंसर संस्थान की नींव तक मनमोहन सिंह की सरकार का बड़ा कार्य माना जाता है। करीब 2035 करोड़ रुपये से तैयार यह अस्पताल पिछले डेढ़ दशक से देश का सबसे बड़ा पब्लिक फंड से बना हॉस्पिटल प्रोजेक्ट रहा। हालांकि उनके द्वारा संस्थान की नींव रखने के 5 साल बाद संस्थान का शुभारंभ हुआ लेकिन क्षेत्र की जनता कभी भी उनसे स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिले तोहफे को भूला नहीं सकेगी।
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ग्रामीण भावनाओं को समझते थे डाॅ. मनमोहन :
पूरी तरह आधुनिक पद्धति से लैस कैंसर संस्थान को सौगात के तौर पर देकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साबित किया वह जमीन से जुड़े नेता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रधानमंत्री पद हासिल करने के बाद भी ग्रामीणों की भावनाओं को समझा। बादली हलके की जनता उन्हें हमेशा नमन करेगी। उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है।
- कुलदीप वत्स, विधायक बादली।
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बादली। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह को क्षेत्र की जनता कभी भूला नहीं सकेंगी। भारत के सबसे बड़े नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की नींव 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने रखी तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह संस्थान कैंसर रोगियों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
डाॅ. मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के तौर पर बाढ़सा गांव को कैंसर संस्थान की सौगात देते हुए कहा था कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान सहित कई राज्यों के कैंसर मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा और मुंबई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संचालित होने पर एनसीआई पूरे देश में कैंसर केयर के लिए एक नोडल संस्थान के रूप में काम करेगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर क्षेत्र के लोगों को उनकी कही बातें याद आई और उन्होंने संस्थान को उनकी दी एक सौगात माना है।
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उस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद ने भी मंच से डाॅ. मनमोहन सिंह की सराहना करते हुए संस्थान में रोगियों को इलाज दिलवाना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा सपना बताया था। बाढ़सा एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में ओपीडी की शुरुआत से लेकर कैंसर संस्थान की नींव तक मनमोहन सिंह की सरकार का बड़ा कार्य माना जाता है। करीब 2035 करोड़ रुपये से तैयार यह अस्पताल पिछले डेढ़ दशक से देश का सबसे बड़ा पब्लिक फंड से बना हॉस्पिटल प्रोजेक्ट रहा। हालांकि उनके द्वारा संस्थान की नींव रखने के 5 साल बाद संस्थान का शुभारंभ हुआ लेकिन क्षेत्र की जनता कभी भी उनसे स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिले तोहफे को भूला नहीं सकेगी।
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ग्रामीण भावनाओं को समझते थे डाॅ. मनमोहन :
पूरी तरह आधुनिक पद्धति से लैस कैंसर संस्थान को सौगात के तौर पर देकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साबित किया वह जमीन से जुड़े नेता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रधानमंत्री पद हासिल करने के बाद भी ग्रामीणों की भावनाओं को समझा। बादली हलके की जनता उन्हें हमेशा नमन करेगी। उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है।
- कुलदीप वत्स, विधायक बादली।