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रील देखकर नहीं...त्वचा को समझकर इस्तेमाल करें प्रोडक्ट : डॉ. ज्योति दलाल
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30jjrp04- अमर उजाला कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में युवतियों व महिलाओं को जानकारी दे
- फोटो : Samvad
झज्जर। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति दलाल ने कहा कि आजकल कल्चर बन गया है कि कहीं भी कोई वीडियो या रील देखकर हम उस प्रोडक्ट का प्रयाेग खुद पर करने लगते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। यह शरीर और त्वचा के लिए खराब साबित हो सकता है।
वह मंगलवार को अमर उजाला की तरफ से कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आईं महिलाओं व युवतियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शुष्क व ठंडा मौसम वायु प्रदूषण के साथ मिलकर हमारी चमड़ी के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा होता है।
जिनकी त्वचा शुष्क होती है वे इससे अधिक प्रभावित होते हैं। सर्दियों के शुरू होते ही उनकी त्वचा में खुजली शुरू हो जाती है। चेहरे और शरीर के खुले भागों पर गहरे लाल धब्बे उभर आते हैं। उन्हें अपनी दिनचर्या में अत्यधिक कठिनाई होती है। कई बार तो काम से भी छुट्टी लेनी पड़ती है।
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दीवाली के बाद सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तरी भारत में अत्यधिक प्रदूषण बढ़ जाता है। ओपीडी विभाग में रोगियों की संख्या में बढ़ जाती है। इस कारण श्वास, कास, त्वचा में खुजली, लाल लाल दाने, काले दाग धब्बे, खुश्क व कठोर त्वचा, बालों का झड़ना, चेहरे पर कील मुंहासे हो जाते हैं।
हमें अपनी त्वचा की बराबर देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए त्वचा की सफाई, मॉस्चराईजिंग और त्वचा का पोषण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाता है। सफाई के लिए क्लीनजर से प्रतिदिन शाम को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे त्वचा से प्रदूषण कणों, सनस्कीन लोशन व मेकअप के लेप हटाए जा सकते हैं।
त्वचा को हानि से बचाने के लिए प्रति ऑक्सीकारक/एंटीऑक्सीडेंट औषधियों का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए विटामिन-सी में आंवला, विटामिन-ई में घी, तेल, बादाम, काजू, मूंगफली और विटामिन-बी, साबुत अन्न, ब्राउन राइस, हरी सब्जियां, हरी मटर, दालें, सोया, मशरूम का सेवन लाभदायक है।
इस अवसर पर समाजसेवी नेहा गुलिया, प्रियंका, सुषमा, अनीता, मनीषा, सुनीता, योगिता, नेहा मौजूद रहीं।
ब्लोअर व हीटर का प्रयोग न करें
डॉ. ज्योति ने कहा कि कमरों को गर्म करने के लिए ब्लोअर और हीटर का प्रयोग नहीं करें क्योंकि ये कमरे की वायु की नमी को खत्म कर देते हैं और खुश्की करते हैं। यदि कमरा गर्म करना पड़े तो कमरे में चौड़े मुंह का पानी का बर्तन रखें, जिससे वायु में नमी बनी रहे और ऑयल हीटर प्रयोग करें।
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वह मंगलवार को अमर उजाला की तरफ से कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आईं महिलाओं व युवतियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शुष्क व ठंडा मौसम वायु प्रदूषण के साथ मिलकर हमारी चमड़ी के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा होता है।
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जिनकी त्वचा शुष्क होती है वे इससे अधिक प्रभावित होते हैं। सर्दियों के शुरू होते ही उनकी त्वचा में खुजली शुरू हो जाती है। चेहरे और शरीर के खुले भागों पर गहरे लाल धब्बे उभर आते हैं। उन्हें अपनी दिनचर्या में अत्यधिक कठिनाई होती है। कई बार तो काम से भी छुट्टी लेनी पड़ती है।
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दीवाली के बाद सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तरी भारत में अत्यधिक प्रदूषण बढ़ जाता है। ओपीडी विभाग में रोगियों की संख्या में बढ़ जाती है। इस कारण श्वास, कास, त्वचा में खुजली, लाल लाल दाने, काले दाग धब्बे, खुश्क व कठोर त्वचा, बालों का झड़ना, चेहरे पर कील मुंहासे हो जाते हैं।
हमें अपनी त्वचा की बराबर देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए त्वचा की सफाई, मॉस्चराईजिंग और त्वचा का पोषण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाता है। सफाई के लिए क्लीनजर से प्रतिदिन शाम को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे त्वचा से प्रदूषण कणों, सनस्कीन लोशन व मेकअप के लेप हटाए जा सकते हैं।
त्वचा को हानि से बचाने के लिए प्रति ऑक्सीकारक/एंटीऑक्सीडेंट औषधियों का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए विटामिन-सी में आंवला, विटामिन-ई में घी, तेल, बादाम, काजू, मूंगफली और विटामिन-बी, साबुत अन्न, ब्राउन राइस, हरी सब्जियां, हरी मटर, दालें, सोया, मशरूम का सेवन लाभदायक है।
इस अवसर पर समाजसेवी नेहा गुलिया, प्रियंका, सुषमा, अनीता, मनीषा, सुनीता, योगिता, नेहा मौजूद रहीं।
ब्लोअर व हीटर का प्रयोग न करें
डॉ. ज्योति ने कहा कि कमरों को गर्म करने के लिए ब्लोअर और हीटर का प्रयोग नहीं करें क्योंकि ये कमरे की वायु की नमी को खत्म कर देते हैं और खुश्की करते हैं। यदि कमरा गर्म करना पड़े तो कमरे में चौड़े मुंह का पानी का बर्तन रखें, जिससे वायु में नमी बनी रहे और ऑयल हीटर प्रयोग करें।

30jjrp04- अमर उजाला कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में युवतियों व महिलाओं को जानकारी दे- फोटो : Samvad