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सरकारी अस्पताल में डॉक्टर दो घंटे रहे हड़ताल, मरीज रहे परेशान
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हड़ताल किए बैठे नागरिक अस्पताल के डॉक्टर। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज एसोसिएशन के आह्वान पर नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर दो घंटे तक पेन डाउन हड़ताल की। इससे मरीज परेशान रहे।
एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉ. ममता चहल व कोषाध्यक्ष डॉ. जसबीर ने बताया कि उनकी कई मांगें अभी तक पूरी नहीं की गई हैं। जिससे सभी डाक्टरों में रोष है। अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए शुक्रवार को सुबह 9 से 11 बजे तक डाक्टरों ने ओपीडी सेवाएं नहीं दी। दो घंटे के लिए पेन डाउन हड़ताल पर मजबूर हुए। सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती कर रही है जो कि गलत है। इस सीधी भर्ती से डाक्टरों की पदोन्नति का रास्ता ही बंद हो जाएगा। एसोसिएशन की पुरजोर मांग है कि वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर एसएमओ बनाया जाए। पीजी कोर्स में 40 प्रतिशत वेटेज बहाल करने की मांग के अलावा स्पेशलिस्ट डाक्टर कैडर में सुधार की मांग भी की है।
हड़ताली डाक्टरों ने कहा कि वे मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते लेकिन जब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा तो उन्हें भी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अभी तक तो चिकित्सक पदोन्नति पाकर एसएमओ, सीएमओ व डिप्टी डायरेक्टर तक पहुंच जाते थे लेकिन अब सीधी भर्ती से उनकी तरक्की का रास्ता ही बंद हो जाएगा। जिसके चलते चिकित्सक सरकारी सेवाओं को छोड़ने लगेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी।
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हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे मरीज
शुक्रवार को अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह जब मरीज अस्पताल की ओपीडी में इलाज पहुंचे तो उन्हें यह पता नहीं था कि आज डाक्टरों की दो घंटे पेन डाउन हड़ताल रहेगी। उनके ओपीडी कार्ड तो निर्धारित समय सुबह 9 बजे ही बनने शुरू हो गए लेकिन डाक्टरों के हड़ताल के कारण सुबह के 11 बजे तक जांच नहीं हो पाई। मरीजों की भीड़ लगी रही।
टांडाहेड़ी से आए मरीज कमल कुमार (59 वर्ष) व्यवस्था को कोसते रहे। इलाज के लिए आए नरेंद्र, सुरेंद्र, प्रदीप, प्रमोद, मोनिका, ममता समेत कई अन्य ने कहा कि वे घर से सोचकर तो यह निकलते थे कि अस्पताल में उनका नंबर जल्दी आ जाएगा और उसके बाद अपना काम निपटा लेंगे लेकिन यहां दो घंटे बेवजह बैठना पड़ा और हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ा। डाक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद ओपीडी में जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। बदलते मौसम के कारण वायरल, डेंगू व अन्य बीमारियों से पीड़ित काफी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉ. ममता चहल व कोषाध्यक्ष डॉ. जसबीर ने बताया कि उनकी कई मांगें अभी तक पूरी नहीं की गई हैं। जिससे सभी डाक्टरों में रोष है। अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए शुक्रवार को सुबह 9 से 11 बजे तक डाक्टरों ने ओपीडी सेवाएं नहीं दी। दो घंटे के लिए पेन डाउन हड़ताल पर मजबूर हुए। सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती कर रही है जो कि गलत है। इस सीधी भर्ती से डाक्टरों की पदोन्नति का रास्ता ही बंद हो जाएगा। एसोसिएशन की पुरजोर मांग है कि वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर एसएमओ बनाया जाए। पीजी कोर्स में 40 प्रतिशत वेटेज बहाल करने की मांग के अलावा स्पेशलिस्ट डाक्टर कैडर में सुधार की मांग भी की है।
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हड़ताली डाक्टरों ने कहा कि वे मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते लेकिन जब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा तो उन्हें भी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अभी तक तो चिकित्सक पदोन्नति पाकर एसएमओ, सीएमओ व डिप्टी डायरेक्टर तक पहुंच जाते थे लेकिन अब सीधी भर्ती से उनकी तरक्की का रास्ता ही बंद हो जाएगा। जिसके चलते चिकित्सक सरकारी सेवाओं को छोड़ने लगेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी।
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हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे मरीज
शुक्रवार को अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह जब मरीज अस्पताल की ओपीडी में इलाज पहुंचे तो उन्हें यह पता नहीं था कि आज डाक्टरों की दो घंटे पेन डाउन हड़ताल रहेगी। उनके ओपीडी कार्ड तो निर्धारित समय सुबह 9 बजे ही बनने शुरू हो गए लेकिन डाक्टरों के हड़ताल के कारण सुबह के 11 बजे तक जांच नहीं हो पाई। मरीजों की भीड़ लगी रही।
टांडाहेड़ी से आए मरीज कमल कुमार (59 वर्ष) व्यवस्था को कोसते रहे। इलाज के लिए आए नरेंद्र, सुरेंद्र, प्रदीप, प्रमोद, मोनिका, ममता समेत कई अन्य ने कहा कि वे घर से सोचकर तो यह निकलते थे कि अस्पताल में उनका नंबर जल्दी आ जाएगा और उसके बाद अपना काम निपटा लेंगे लेकिन यहां दो घंटे बेवजह बैठना पड़ा और हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ा। डाक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद ओपीडी में जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। बदलते मौसम के कारण वायरल, डेंगू व अन्य बीमारियों से पीड़ित काफी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।