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फर्जी वेबसाइट से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र न बनवाएं
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बहादुरगढ़। सरकारी प्रवक्ता ने नागरिकों को फर्जी वेबसाइट से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनवाने की सलाह दी है। प्रवक्ता ने कहा कि यूट्यूब, या अन्य सोशल मीडिया साइटों पर दिए गए फोन नंबर आदि पर संपर्क करके ऑनलाइन पैसे देकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र न बनवाएं। इनके फर्जी होने की आशंका अधिक है।
प्रवक्ता ने बताया कि कुछ महीनों से देखने में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व फर्जी वेबसाइट बनाकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में संलिप्त हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट सरकार के संज्ञान में आई हैं, जिनमें सीआरएसओआरजीआइओओवीआइ.इन और बर्थडेथऑनलाइन.कॉम शामिल हैं। ये वेबसाइट भारत सरकार की मूल वेबसाइट सीआरओजीआई.इन की नकल करके बनाई गई है और देखने में एक समान लगती है। इन साइटों पर आम जनता को गुमराह करके बिल्कुल सही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र होने का दावा करके फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाता है। जिससे लोगों को बाद में परेशानी उठानी पड़ती है। बताया कि ऐसी गतिविधियां संज्ञान में आने पर इन वेबसाइट के विरुद्ध कार्यवाही करने और इनको बंद करवाने के लिए भारत के महारजिस्ट्रार का सहयोग लगातार लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ साइट बंद करवा दी जाती हैं पर वे दूसरे नाम से फिर से शुरू हो जाती हैं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र संज्ञान में आ रहे हैं, जिनके विरुद्ध पुलिस कार्यवाही भी करवाई जा रही है।
प्रवक्ता ने आम जनता को ऐसी फर्जी साइटों से बचने का सुझाव दिया और नागरिकों को अनुरोध किया है कि सरल केंद्रों के माध्यम से अथवा सीधे सरलहरियाणा.जीओवी.इन पर लॉगइन करके जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन संबंधी विभिन्न सेवाएं प्राप्त करें। उन्होंने आम जनमानस से आह्वान किया है कि अपने पास उपलब्ध और भविष्य में प्राप्त होने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों पर दिए गए क्यूआर कोड से उसकी सत्यता अवश्य जांच लें कि वे सीआरओजीआई.इन वेब साइट से जारी हुआ है अथवा नहीं। उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन संबंधी किसी प्रकार की जानकारी के लिए स्थानीय रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) से संपर्क किया जा सकता है।
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प्रवक्ता ने बताया कि कुछ महीनों से देखने में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व फर्जी वेबसाइट बनाकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में संलिप्त हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट सरकार के संज्ञान में आई हैं, जिनमें सीआरएसओआरजीआइओओवीआइ.इन और बर्थडेथऑनलाइन.कॉम शामिल हैं। ये वेबसाइट भारत सरकार की मूल वेबसाइट सीआरओजीआई.इन की नकल करके बनाई गई है और देखने में एक समान लगती है। इन साइटों पर आम जनता को गुमराह करके बिल्कुल सही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र होने का दावा करके फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाता है। जिससे लोगों को बाद में परेशानी उठानी पड़ती है। बताया कि ऐसी गतिविधियां संज्ञान में आने पर इन वेबसाइट के विरुद्ध कार्यवाही करने और इनको बंद करवाने के लिए भारत के महारजिस्ट्रार का सहयोग लगातार लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ साइट बंद करवा दी जाती हैं पर वे दूसरे नाम से फिर से शुरू हो जाती हैं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र संज्ञान में आ रहे हैं, जिनके विरुद्ध पुलिस कार्यवाही भी करवाई जा रही है।
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प्रवक्ता ने आम जनता को ऐसी फर्जी साइटों से बचने का सुझाव दिया और नागरिकों को अनुरोध किया है कि सरल केंद्रों के माध्यम से अथवा सीधे सरलहरियाणा.जीओवी.इन पर लॉगइन करके जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन संबंधी विभिन्न सेवाएं प्राप्त करें। उन्होंने आम जनमानस से आह्वान किया है कि अपने पास उपलब्ध और भविष्य में प्राप्त होने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों पर दिए गए क्यूआर कोड से उसकी सत्यता अवश्य जांच लें कि वे सीआरओजीआई.इन वेब साइट से जारी हुआ है अथवा नहीं। उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन संबंधी किसी प्रकार की जानकारी के लिए स्थानीय रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) से संपर्क किया जा सकता है।
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