{"_id":"6026c6d88ebc3ee96f777fea","slug":"do-not-bump-into-the-police-let-the-people-of-bjp-sit-comfortably-bahadurgarh-news-rtk5951014195","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस से टकराएं नहीं, भाजपा वालों की तसल्ली बैठा दो ः चढूनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस से टकराएं नहीं, भाजपा वालों की तसल्ली बैठा दो ः चढूनी
विज्ञापन
बहादुरगढ़ में महापंचायत को संबोधित करते गुरनाम सिंह चढ़ूनी।
- फोटो : Bahadurgarh
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी शुक्रवार को दलाल खाप-84 द्वारा आयोजित किसान महापंचायत में आंदोलनकारी किसानों को कई तरह की सलाह दी। उन्होंने कहा, आगे इस तरह की हरकत कोई करे तो पुलिस से टकराना नहीं, लेकिन भाजपा वालों की तसल्ली बैठा दो। आंदोलन को किसान अपनी जीत होने तक चलाएंगे। सत्तारूढ़ दलों पर वह जमकर बरसे। चढ्ूनी ने शायराना अंदाज में कहा
इक तन पर तार हैं सोने के,
इक तन पर सूत के तार नहीं।
हम इसीलिए बगावत करते हैं,
ये न्याय हमें स्वीकार नहीं।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने महापंचायत में अपनी बात इस शेर के साथ शुरू की। संयुक्त किसान मोर्चा के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में हजारों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने संघ परिवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को इन्होंने मारा, जाति-धर्म के नाम पर लड़वाते हैं। वे मन से कभी तिरंगा नहीं फहराते। केंद्र सरकार के साथ दो सप्ताह से अधिक समय से बातचीत नहीं होने के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री या तो हमें बुला लें, अन्यथा बातचीत के लिए हम खुद ही यहां से चल देंगे।
चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि टीकरी और सिंघू बार्डर पर सरकार ने गुंडे भेजकर विवाद पैदा करने की कोशिश की। चढूनी ने किसानों को कहा कि सरकार की ये शरारतें हम सहन नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इक तन पर तार हैं सोने के,
इक तन पर सूत के तार नहीं।
हम इसीलिए बगावत करते हैं,
ये न्याय हमें स्वीकार नहीं।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने महापंचायत में अपनी बात इस शेर के साथ शुरू की। संयुक्त किसान मोर्चा के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में हजारों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने संघ परिवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को इन्होंने मारा, जाति-धर्म के नाम पर लड़वाते हैं। वे मन से कभी तिरंगा नहीं फहराते। केंद्र सरकार के साथ दो सप्ताह से अधिक समय से बातचीत नहीं होने के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री या तो हमें बुला लें, अन्यथा बातचीत के लिए हम खुद ही यहां से चल देंगे।
विज्ञापन
चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि टीकरी और सिंघू बार्डर पर सरकार ने गुंडे भेजकर विवाद पैदा करने की कोशिश की। चढूनी ने किसानों को कहा कि सरकार की ये शरारतें हम सहन नहीं करेंगे।
विज्ञापन